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साइबर पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए मुख्य आरोपी सहित 7 महिलाओं को किया गिरफ्तार

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असल न्यूज़:(नीति सैन) नॉर्थ वेस्ट डिस्ट्रिक्ट की साइबर पुलिस की टीम ने फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए 7 महिलाओं सहित एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया जो राजस्थान की दूरसंचार कंपनियों में निजी नौकरी देने के बहाने बेगुनाहों को ठग रहा था। फर्जी कॉल सेंटर के परिसर से 10 मोबाइल फोन और दस्तावेज बरामद किए गए है। एक पुरुष मुख्य आरोपी है, जिसने दूसरों को प्रबंधक, कार्यकारी या टेली-कॉलर के रूप में रुपये से लेकर वेतन पर विभिन्न भूमिकाएँ निभाने के लिए काम पर रखा था। 10000/- से रु. 14000/-. उन्होंने पिछले 01 साल में 500 से ज्यादा बेगुनाहों को ठगा है।

नॉर्थ वेस्ट डिस्ट्रिक्ट की डीसीपी उषा रंगनानी ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले की साइबर पुलिस की टीम ने धोखाधड़ी के संबंध में पीएस साइबर / उत्तर-पश्चिम जिले में एमएचए के नेशनल साइबर क्राइम रिसीविंग पोर्टल (एनसीआरपी) के माध्यम से एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें शिकायतकर्ता यश कलाल निवासी मुखर्जी नगर, दिल्ली ने आरोप लगाया कि उसने देखा राजस्थान के नेटवर्क रखरखाव दूरसंचार कंपनी में नौकरी की पेशकश के संबंध में उदयपुर समाचार पत्र के राजस्थान पत्रिका में एक विज्ञापन। उसके बाद उसने दिए गए नंबर पर कॉल किया, जिसने उसे नौकरी का आश्वासन दिया और व्हाट्सएप पर उसके शैक्षिक प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और फोटो के लिए कहा और रुपये देने को कहा। 360/- पंजीकरण शुल्क के लिए। शिकायतकर्ता ने दिए गए खाता संख्या में ही भुगतान कर दिया। उसके बाद, उन्होंने वर्दी शुल्क के लिए 510/- रुपये और रुपये का भुगतान किया। 500/- प्रशिक्षण शुल्क के लिए। इसके अलावा, उन्होंने उसे रुपये देने के लिए कहा। 1060 / – पत्र शुल्क में शामिल होने के लिए। भुगतान के बाद, कथित व्यक्तियों ने उसका फोन उठाना बंद कर दिया। बाद में, उन्होंने महसूस किया कि यह उन्हें नौकरी प्रदान करने के एवज में एक धोखाधड़ी थी, क्योंकि न तो नौकरी प्रदान की गई थी और न ही कथित व्यक्ति उनके कॉल पर शामिल हुए थे।

ठगी की शिकायत मिलने के बाद इंस्पेक्टर के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया जिसमें शामिल। विजेंद्र कुमार, एसएचओ, पीएस साइबर जिसमें एसआई विनोद, एसआई नकुल, एचसी मनीष, सीटी शामिल हैं। अनुज और डब्ल्यू सीटी। प्रियंका का गठन एसीपी,ऑपरेशंस के करीबी पर्यवेक्षण और अधोहस्ताक्षरी के समग्र पर्यवेक्षण के तहत किया गया था। उन्हें इस मामले में शामिल आरोपियों को पकड़ने के लिए ठीक से जानकारी दी गई और उन्हें सौंपा गया। जांच के दौरान, मामले की जांच की गई और तकनीकी निगरानी और एकत्र की गई जानकारी के आधार पर, डीडीए फ्लैट्स, गाजीपुर, पूर्वी दिल्ली और एक व्यक्ति, धीरज गुर्जर पर छापेमारी की गई। डीडीए फ्लैट, गाजीपुर डेरी फार्म, दिल्ली निवासी करण सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। जांच करने पर पता चला कि वह वही मोबाइल फोन चला रहा था जिसका इस्तेमाल शिकायतकर्ता को ठगने के लिए किया गया था और ठगी की रकम उसके खाते में ट्रांसफर कर दी गई थी। पूछताछ के बाद आरोपी ने बताया कि वह खोड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद, यूपी में एक फर्जी कॉल सेंटर चलाता है, जहां उसने कुछ कर्मचारियों को काम पर रखा है और वे निजी नौकरी देने के बहाने निर्दोषों को धोखा देते हैं।

तदनुसार, महालक्ष्मी गार्डन, खोड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद, यूपी में उक्त परिसर में छापेमारी की गई और पीएस साइबर की टीम कथित कॉल सेंटर चलाने में शामिल 07 महिलाओं को पकड़ने में सक्षम थी। उनकी पहचान के रूप में की गई (1) निधि निवासी संजय निवासी पुरानी कॉलोनी, साई नर्सिंग होम के पास, दिल्ली, (2) मानशी रावत, निवासी धर्मेंद्र सिंह रावत निवासी संगम पार्क खोड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद, यूपी, (3) चांदनी खातून निवासी किचरीपुर, दिल्ली, (4) प्रियंका निवासी जेजे कॉलोनी, इंद्र कैंप पार्ट-1 , मैक्स अस्पताल के पास, (5) चेतना सिंह निवासी गाजीपुर डीडीए फ्लैट, दिल्ली, (6) चारू निवासी ओल्ड कोंडली, साई नर्सिंग होम के पास , दिल्ली और (7) कंचन कुमारी निवासी त्रिलोकपुरी, दिल्ली। इन सभी महिला कर्मचारियों को मुख्य आरोपी धीरज गुर्जर ने काम पर रखा था। व करण सिंह साथ मिलकर काम करने वाले कर्मचारियों को 10 हजार से लेकर 14 हजार तक महीने का वेतन दिया करते थे

उक्त फर्जी कॉल सेंटर के परिसरों की तलाशी के दौरान 10 मोबाइल फोन, सिम कार्ड और दस्तावेज बरामद किए गए। इसमें वर्तमान मामले में शिकायतकर्ता को कॉल/धोखा देने के लिए इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन और सिम कार्ड शामिल है।

दिल्ली से एक पर एक फ्री शराब लेकर जाते हैं यूपी तो हो जाइए सतर्क, पकड़े जाने पर हो सकता है सख्त एक्शन

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असल न्यूज़: अगर आप भी दिल्ली से एक पर एक फ्री शराब (Free Liquor In Delhi) लेकर गाजियाबाद या नोएडा जाते हैं तो सावधान हो जाइए। पकड़े जाने पर आपको जेल की हवा खानी पड़ सकती है। दिल्‍ली से सिर्फ एक बोतल शराब लाने की अनुमति है। उस बोतल की सील खुली होनी चाहिए। अगर सील बंद बोतल है तो ऐक्‍शन लिया जाएगा।

दिल्ली सरकार की नई आबकारी पॉलिसी (New Excise Policy) के चलते कई शराब के स्टोर्स पर एक बोतल की खरीद पर दूसरी मुफ्त मिल रही है। वहीं, कुछ जगह एक पेटी खरीदने पर दूसरी पेटी फ्री मिल रही है। इसके चलते बड़ी संख्या में नोएडा- ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के भी लोग दिल्ली से शराब खरीद कर ला रहे हैं। इससे आबकारी विभाग को राजस्व का नुकसान हो रहा है। साथ ही, शराब तस्करी की घटनाएं भी बढ़ी हैं। ऐसे लोगों पर पुलिस और आबकारी विभाग की कड़ी नजर है।

नोएडा के जिला आबकारी अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि नियम के अनुसार, सूचनाएं मिल रही हैं कि दिल्ली में शराब की नई पॉलिसी के बाद लोग गाड़ियों में बोतल रख कर ला रहे हैं। लगातार चेकिंग अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। लोग दिल्ली से शराब लाकर अगर सप्लाई करेंगे तो उससे राजस्व का नुकसान होगा। ऐसे में दिल्ली बॉर्डर के आसपास विभाग ने कर्मचारियों को सतर्क कर दिया गया है। संदेह होने पर गाड़ियों की तलाशी भी ली जा रही है।

दिल्ली में शराब सस्ती होने से बढ़ी तस्करी
दिल्ली में शराब सस्ती होने की वजह से तस्करी काफी बढ़ गई है, जिससे बॉर्डर एरिया में ठेकेवालों को काफी नुकसान हो रहा है। इसको लेकर बुधवार को प्रदेश के संयुक्त आबकारी आयुक्त महेंद्र सिंह और जिला आबकारी अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने दिल्ली के डिप्टी कमिश्नर आबकारी आनंद तिवारी और पंकज भटनागर के साथ मीटिंग की। मीटिंग में यह तय हुआ कि दिल्ली के ठेके पर एक व्यक्ति को एक दिन में 9 लीटर ही शराब दी जाएगी। इससे अधिक खरीदने और बेचने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, इसलिए टीम को अलग-अलग एरिया में लगाया जाएगा। साथ ही बॉर्डर से शराब की तस्करी करने वालों के खिलाफ दिल्ली की आबकारी टीम भी अभियान चलाएगी।

2 चेक पोस्ट बनाए जाने की तैयारी
गाजियाबाद के जिला आबकारी अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि बॉर्डर पर अब सख्ती की जाएगी, क्योंकि दिल्ली में शराब सस्ती होने से तस्करी बढ़ने लगी है। यदि कोई भी व्यक्ति दिल्ली की एक भी फुल बोतल, हाफ बोतल और क्वॉर्टर बोतल सीलबंद शराब के साथ पकड़ा जाता है तो उसे जेल भेजा जाएगा। यदि एक बोतल की सील खुली हुई तो उस पर कार्रवाई नहीं होगी।

जिला आबकारी अधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि बॉर्डर पर नियमित रूप से टीम लगाकर चेक किया जा रहा है। कुछ दिन पहले ही 2 गाड़ियों को पकड़ा था। अब भोपुरा बॉर्डर और ट्रांसपोर्ट नगर बॉर्डर पर 2 चेक पोस्ट बनाए जाएंगे, जिससे नियमित रूप से तस्करी करने वाले वाहनों को पकड़ा जा सके।

एक पर एक बोतल फ्री की डिमांड
दिल्ली में कुछ ब्रैंड की शराब में एक बोतल पर एक बोतल फ्री बेचा जा रहा है। इस स्कीम का फायदा उठाने के लिए गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर और आसपास के लोग दिल्ली से शराब लेने पहुंच रहे हैं। इस वजह से गाजियाबाद में शराब की बिक्री पर प्रभाव पड़ा। जिला आबकारी अधिकारी का कहना है कि दिल्ली में शराब सस्ती होने से जिले की शराब की बिक्री पर असर पड़ रहा है। तस्करी को रोककर ही बिक्री को बढ़ाया जा सकता है।

बॉर्डर के ठेके पर सबसे अधिक दिक्कत
बॉर्डर के ठेके पर सबसे अधिक दिक्कत हो रही है। लोग दिल्ली से एक बोतल खरीदकर आ जाते हैं। कुछ लोग तो दिल्ली में जाकर शराब पीकर आते हैं। बॉर्डर के शराब के ठेकेदारों का रोजाना मोटा नुकसान हो रहा है।

एयरपोर्ट की शराब के साथ पकड़ने पर भी कार्रवाई
अधिकारी बताते हैं कि ऐसी सभी जगह की शराब जिस पर प्रदेश का ड्यूटी फीस दी नहीं गई है। यदि कोई लाते हुए पकड़ा जाता है तो उसे जेल भेजने की कार्रवाई है। इसमें एयरपोर्ट से लाने वाली शराब भी शामिल है।

आजम खान 27 महीने बाद सीतापुर जेल से रिहा, शिवपाल और दोनों बेटों ने किया स्‍वागत; अखिलेश बोले-पूरा ऐतबार है…

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असल न्यूज़: समाजवादी पार्टी के वरिष्‍ठ नेता आजम खान 27 महीने बाद सीतापुर जेल से बाहर आ गए हैं। जेल से बाहर आते ही उनके दोनों बेटों सपा विधायक अब्‍दुल्‍ला आजम, अदीब, प्रसपा अध्‍यक्ष शिवपाल सिंह यादव और समर्थकों की भारी भीड़ ने आजम का स्‍वागत किया। उधर, समाजवादी पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने भी एक ट्वीट के जरिए उनकी रिहाई पर खुशी जताई। अखिलेश ने लिखा-‘सपा के वरिष्ठ नेता व विधायक मा. श्री आज़म ख़ान जी के जमानत पर रिहा होने पर उनका हार्दिक स्वागत है। जमानत के इस फ़ैसले से सर्वोच्च न्यायालय ने न्याय को नये मानक दिये हैं। पूरा ऐतबार है कि वो अन्य सभी झूठे मामलों-मुक़दमों में बाइज़्ज़त बरी होंगे। झूठ के लम्हे होते हैं, सदियाँ नहीं!’

बताया जा रहा है कि आजम से मिलने के लिए अखिलेश कल रामपुर जा सकते हैं। आजम खान को कल सुप्रीम कोर्ट से अपने खिलाफ दर्ज 89 वें मामले में अंतरिम जमानत मिली थी। सीतापुर जेल से बाहर आने के बाद आजम खान का काफिला सपा के पूर्व विधायक अनूप गुप्‍ता के घर पहुंचा था। वहां उनके जलपान की व्‍यवस्‍था की गई थी। आजम खान के साथ उनके दोनों बेटे भी मौजूद रहे। अनूप गुप्‍ता के घर से जलपान के बाद आजम का काफिला रामपुर के लिए रवाना हो गया। रामपुर में घर पर उनके स्‍वागत की तैयारियां की गई हैं। आजम के समर्थक एक तरफ रात में ही उनके स्‍वागत के लिए सीतापुर पहुंच गए थे तो दूसरी तरफ रामपुर में भी उनके घर पर जुटे हैं।

सुप्रीम कोर्ट से कल अंतरिम जमानत मिलने के बाद रात में ही उसकी सर्टिफाइड कॉपी रामपुर कोर्ट पहुंचा दी गई थी। इसके बाद रामपुर कोर्ट से भी उनकी रिहाई का आदेश जारी हो गया। रात से ही सीतापुर में उनके समर्थकों की भीड़ जुटने लगी थी। आजम के तमाम समर्थक रामपुर से रात में ही आकर सीतापुर के होटलों में ठहर गए थे।

उधर, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्‍यक्ष शिवपाल सिंह यादव भी शुक्रवार की सुबह-सुबह सीतापुर जेल पहुंच गए। आजम की रिहाई पर उनके स्‍वागत के बाद शिवपाल ने कहा- ‘ यह न्याय की जीत है। आजम खान साहब की जीत है। हम लोग समाजवादी हैं। हमेशा नेता जी से सीखा है कि सुख दुख में साथ रहना। अखिलेश यादव से आजम की नाराजगी के बारे में पूछे जाने पर शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि ये तो उन्हीं से पूछिए। शिवपाल ने बताया कि वह रामपुर नहीं जा रहे हैं। वह लखनऊ जा रहे हैं। आजम खान से उनकी बात हो गई है।

उत्तर प्रदेश के इस विभाग में निकली बंपर पदों पर भर्तियां, जानें आवेदन से जुड़ी सभी अहम जानकारियां

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असल न्यूज़: उत्तर प्रदेश पशुधन विकास परिषद (Uttar Pradesh Live Stock Development Board) ने बंपर पदों पर भर्तियां निकाली (UPLDB Recruitment 2022) हैं. इस रिक्रूटमेंट ड्राइव (UPLDB MAITRI Recruitment 2022) के माध्यम से मल्टी पर्पज एआई टेक्नीशियन इन रूरल इंडिया (MAITRI) पदों पर भर्ती की जाएगी. इसके तहत यूपी के 75 जिलों में 2000 पद भरे जाएंगे. ये भी जान लें कि इन पदों (UP Sarkari Naukri) पर आवेदन की प्रक्रिया चल रही है. वे कैंडिडेट्स जो इनके लिए (UP Government Job) आवेदन करने के योग्य हों, वे अंतिम तारीख के पहले बताए गए प्रारूप में अप्लाई कर दें.

कौन कर सकता है अप्लाई –

इन पदों (Uttar Pradesh UPLDB Recruitment 2022) के लिए किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से बायोलॉजी विषय के साथ 12वीं पास कैंडिडेट्स अप्लाई कर सकते हैं. आयु सीमा की बात करें तो 18 से 40 साल के कैंडिडेट्स आवेदन कर सकते हैं. इसके अलावा कैंडिडेट का संबंधित जिले का निवासी होना भी जरूरी है.

वैकेंसी डिटेल्स –

कुल पद – 2000

ओबीसी व सामान्य कैटेगरी – 1400 पद

एससी – 500 पद

एसटी – 100 पद

केवल ऑनलाइन होंगे आवेदन –

इस बाबत जारी नोटिस में साफ तौर पर कहा गया है कि यूपी लाइव स्टॉक डेवलेपमेंट बोर्ड के मैत्री पदों पर केवल ऑनलाइन अप्लाई किया जा सकता है. ऑफलाइन आवेदन किसी भी हाल स्वीकार नहीं किए जाएंगे. अप्लाई करने के लिए इस पोर्टल पर जाएं – maitriupldb.in

वहीं इस पदों के बारे में विस्तार से जानकारी हासिल करने और सभी निर्देश जानने के लिए यूपीएलडब्ल्यूडी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं जिसका पता है – upldb.up.gov.in

कैसे होगा चयन –

कैंडिडटे्स का चयन लिखित परीक्षा या मेरिट के आधार पर होगा. इसकी तारीखें कुछ समय में साफ हो जाएंगी. सेलेक्शन के बाद कैंडिडेट्स को तीन महीने की ट्रेनिंग दी जाएगी. उसके बाद यूपी के 75 जिलों में इनकी पोस्टिंग होगी.

दबंगों ने जलाई फसल, ‘न्याय’ नहीं मिला तो किसान ने की आत्महत्या

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असल न्यूज़: उत्तर प्रदेश के बदायूं में एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां दंबगों ने किसान किशनपाल की गेहूं की फसल को आग के हवाले कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने थाने से लेकर यूपी के डीजीपी तक से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई. कहीं सुनवाई नहीं होने से वे इतने आहत हुए कि उन्होंने खुद को आग लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली.

दरअसल बदायूं के सिविल लाइन्स थाना क्षेत्र निवासी किसान किशनलाल की 23 अप्रैल को गांव के दबंगों ने गेहूं की फसल जला दी थी. इतना ही नही 24 अप्रैल को दबंगों ने घर मे घुसकर घर के लोगों के साथ मारपीट भी की. जब किशनपाल ने मामले की शिकायत सिविल लाइंस थाने में की तो पुलिस ने उन्हें थाने से भगा दिया. जिसके बाद किशनपाल ने बरेली आकर आईजी और एडीजी से शिकायत की लेकिन फिर भी कोई सुनवाई नही हुई.

इलाज के दौरान हुई मौत
किशनपाल ने डीजीपी से भी मामले की शिकायत की लेकिन पुलिस ने महज मारपीट के मामले में मुकदमा दर्ज किया और दबंगो की तरफ से भी किसान किशनपाल के खिलाफ क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ली गई. परेशान होकर किसान किशनपाल ने 18 मई को बदायूं में एसएसपी ऑफिस में जाकर पेट्रोल डालकर आग लगा ली. गंभीर हालत में उसे बरेली के निजी मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया और गुरुवार सुबह किशनपाल की मौत हो गई.

इंसाफ नहीं मिलने पर किया आत्मदाह
किशनपाल का बरेली में पोस्टमार्टम करवाया गया है. किशनपाल के बेटे अमरजीत का आरोप है इंसाफ नही मिलने पर उसके पिता ने आत्मदाह किया है. उनकी कहीं भी सुनवाई नही हुई. अमरजीत का कहना है कि कल भी वो बदायूं के एसएसपी ऑफिस पहुचा था लेकिन उसे वहां से धुत्कार कर भगा दिया गया. वहीं बदायू से समाजवादी पार्टी के विधायक हिमांशू यादव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे. उन्होंने कहा कि पुलिस-प्रशासन किसी की सुनवाई नही कर रहा है. किशनपाल के साथ बहुत गलत हुआ है. उनका कहना है कि वो ये मुद्दा विधानसभा में उठाएंगे.

हुआ एसआईटी का गठन
वहीं इस मामले में आईजी रमित शर्मा का कहना है कि बदायूं में 18 मई को पुलिस ऑफिस परिसर के गेट पर आत्मदाह का प्रयास किया गया है. उक्त मामले में पुलिस महानिरीक्षक बरेली परिक्षेत्र द्वारा एसआईटी का गठन किया गया है, जिसमें एसपी सिटी बरेली रविन्द्र कुमार के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया है. इस प्रकरण में पूर्व में दर्ज मुकदमों की विवेचना एसआईटी द्वारा की जाएगी.

न्याय का दिया आश्वासन
प्रकरण में प्रभारी निरीक्षक, दो उप निरीक्षक व दो आरक्षी समेत कुल पांच पुलिसकर्मियो को निलंबित कर दिया गया है. एसआईटी इनके अलावा अगर अन्य पुलिसकर्मियों की गलती पाई जाती हैं तो उसके संबंध में दोष निर्धारण भी करेगी. पीड़ित के परिवार से आईजी रमित शर्मा और एसएसपी बरेली रोहित सिंह सजवाण ने न्याय दिलाने का आश्वासन दिया गया.

बवाना इंडस्ट्रियल एरिया के केमिकल फैक्ट्री में लगी भीषण आग 

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दिल्ली: बवाना इंडस्ट्रियल एरिया के अंतर्गत सेक्टर 2, E ब्लॉक की एक फैक्ट्री में लगी है। फैक्ट्री में प्लास्टिक की टेप व केमिकल का काम होता था। आग फैक्ट्री की तीसरी मंजिल पर लगी है और दमकल की 17 गाड़ियां आग बुझाने में जुटी है। आग अभी तक पूरी तरह से कंट्रोल नहीं। दरअसल आज दोपहर के वक्त अचानक इस फैक्ट्री में आग लग गई। गनीमत रही कि आग लगते ही फैक्ट्री के सभी कर्मचारी नीचे आ गए वरना हादसा बड़ा हो सकता था। आग फैक्ट्री की तीसरी मंजिल पर लगी है और दमकल की गाड़ियां आग को कंट्रोल करने में जुटी है ताकि आग नीचे के दो फ्लोर तक आग ना पहुंचे। फैक्ट्री में लाखों का माल जलकर राख हो गया। गनीमत रही कि कोई जान का नुकसान नहीं हुआ आग किस कारण लगी है यह जांच का विषय है।

साथ ही फायर सेफ्टी के उपकरण इस फैक्ट्री में थे या नहीं , दमकल विभाग की NOC ली गई थी या नहीं ली गई थी, कितना यहां पर नियमों का पालन किया गया वह जांच के बाद साफ हो पाएगा । फिलहाल प्राथमिकता आग बुझाने की है और दमकल की गाड़ियां आग बुझाने में जुटी है। मौके पर डिजास्टर मैनेजमेंट की टीमें दिल्ली पुलिस कैट्स एंबुलेंस सिविल डिफेंस भी मौजूद है।

ईद पर पुलिस का अलर्ट जारी, बढ़ाई गई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा

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Delhi: ईद को मद्देनज़र रखते हुए पुलिस ने अलर्ट जारी कर दिया है. दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय के कड़े रुख को देखते हुए कहा कि, असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाए और कहीं भी अनावश्यक भीड़ जमा न होने दी जाए. पुलिस ने सभी संवेदनशील जगहों पर अपनी सुरक्षा बढ़ा दी है. पुलिस को उत्तर पूर्वी दिल्ली, जहांगीरपुरी, मध्य दिल्ली और दक्षिण दिल्ली की कुछ जगहों समेत अनेक जगहों पर भारी पुलिस बाल तैनात किया है. वहीं एक दर्जन से ज्यादा केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं. अलर्ट में हुड़दंगियों पर खास निगाह रखने को कहा गया है. जहांगीरपुरी की घटना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री ने दिल्ली पुलिस प्रमुख से इस तरह की घटनाएं भविष्य में ना होने के निर्देश दिए थे. ईद के लिए अलर्ट में हुड़दंगियों पर खास निगाह रखने को कहा गया है.

जहांगीरपुरी की घटना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री ने दिल्ली पुलिस प्रमुख से इस तरह की घटनाएं भविष्य में ना होने के निर्देश दिए थे. रविवार शाम को दिल्ली के जामा मस्जिद इलाके में दो साल बाद ईद से पहले भारी भीड़ देखि गई. स्थानीय लोगों के साथ-साथ शहर के अन्य हिस्सों के लोग जामा मस्जिद के आसपास के बाजारों में खाने-पीने की चीजें, कपड़े और जूते खरीदने के लिए दुकानों पर जमा थे.

इस विषय पर स्थानीय निवासी बुरहानुद्दीन ने कहा कि लोगों की ओर से रोजा तोड़ने के लिए खाने-पीने की सामग्री खरीदने के कारण भी भीड़ उमड़ पड़ी. हालांकि, पिछले कुछ दिनों में राष्ट्रीय राजधानी में कोविड के नए मामलों में इजाफे के बावजूद कई दुकानदारों के साथ-साथ खरीदारों को भी बिना मास्क पहने देखा गया. वहीं आप को बता दें कि दिल्ली सरकार ने कोविड से संबंधित सभी प्रतिबंध को हटा दिया है पर फिर्व से बढ़ते कोरोना के मामलों को मद्देनज़र रखते हुए पिछले महिने फिर से मसक लगाना अनिवार्य कर दिया है. अगर ईद कि बात करें तो सोमवार को चाँद देखने के बाद मंगलवार को ईद उल फ़ित्र मनाया जाएगा.

केंद्र की वैक्सीनेशन नीति पर ‘सुप्रीम’ की टिप्पणी, कहा- ‘किसी को टीका लगवाने के लिए बाध्य नहीं कर सकते

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देश में एक बार फिर से कोरोना के बढ़ते मामलों ने लोगों कि चिंता बढ़ा दी है. और इस बीच केंद्र सरकार कि कोविड टीकाकरण नीति को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया है पर कहा है कि, ‘किसी को टीका लगवाने के लिए बाध्य नहीं कर सकते.

इस मामले पर कोर्ट का कहना है कि, यह वैज्ञानिक साक्ष्यों पर आधारित है. हालांकि, किसी को भी टीका लगवाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता. इतना ही नहीं, कोर्ट ने यह भी सुझाव दिया है कि, वैक्सीन के क्लिनिकल ट्रायल का आंकड़ा सार्वजनिक किया जाए. कोविड टीका न लगवाने वाले लोगों को सार्वजनिक सुविधाओं के इस्तेमाल से रोकने के आदेश राज्य सरकारों को हटा लेने चाहिए.

वहीं देश में कोरोना के मामले एक बार फिर बढ़ रहे है. देश के कई राज्यों से कोरोना के बढ़ते मामलों की खबर सामने आ रही है. इस वक्त हम दिल्ली से सटे नॉएडा के बढ़ते आकड़ो की खबर बता रहे है जहां कोरोना के इतने ज्यादा मामले बढ़ गए गए है की वहां धारा 144 लागु कर दी है. दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जिन्‍हें प्रशासन ने काफी गंभीरता से लिया है. कोरोना के मामलों में इजाफे और आने वाले सभी त्योहारों को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है ताकि आने वाले समय में स्थिति को काबू में लिया जा सके. इसके मद्देनजर गौतम बुद्ध नगर में धारा 144 लागू कर दी गई है. फिलहाल यह धारा 31 मई तक के लिए लागू की गई है. साथ ही गौतम बुद्ध नगर कमिश्‍नरेट के मुताबिक, सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है.

रिपोर्ट के मुताबिक गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नर ने एक बयान में कहा, “उच्च अधिकारियों की अनुमति के बिना किसी को भी विरोध प्रदर्शन या भूख हड़ताल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. सार्वजनिक स्थानों पर पूजा और नमाज अदा करने की अनुमति भी नहीं होगी.” साथ ही पुलिस ने कहा कि स्‍कूलों में परीक्षा के दौरान कोविड-19 गाइडलाइन के अनुसार सोशल डिस्टेंसिंग का उचित रूप से पालन कराना होगा.

शाहीन बाग ड्रग्स मामले में चौथी गिरफ्तारी, NCB के हत्थे चढ़ा मनी लॉन्ड्रिंग करने वाला आरोपी!

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दिल्ली: शाहीन बाग ड्रग मामले में एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। इससे पहले अफगानिस्तान के दो नागरिकों समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। एनसीबी अधिकारी ने कहा कि चौथी गिरफ्तारी एक गुप्त सूचना के बाद की गई और आरोपी कथित रूप से धन शोधन में शामिल था।

एनसीबी प्रमुख एस.एन. प्रधान ने कहा कि यह दिल्ली के शाहीन बाग में एनसीबी के सबसे बड़े अभियानों में से एक है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को गिरफ्तार किए गए आरोपी और हेरोइन बनाने की प्रक्रिया में थे और इसे वितरित करने के लिए एक मॉड्यूल स्थापित किया था।

एनसीबी को पता चला है कि मॉड्यूल हेरोइन के निर्माण और वितरण में शामिल था। ऐसी संभावना है कि इस मामले में किसी अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट के संबंध हो सकते हैं। एनसीबी संभावित मार्ग की पहचान करने के लिए भी प्रयास कर रहा है जिसके माध्यम से इसकी आपूर्ति की जा रही थी। एजेंसी ने दावा किया है कि रैकेट के पाकिस्तान, अफगानिस्तान और मध्य पूर्व से संबंध हैं।

गुरुवार को एक गुप्त सूचना के बाद, एनसीबी की एक टीम ने निर्दिष्ट स्थानों पर छापा मारा और 50 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन, 47 किलोग्राम संदिग्ध नशीले पदार्थ, 30 लाख रुपये नकद, नकद गिनती मशीन और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की। प्रतिबंधित सामग्री को बैग पैक और जूट की बोरियों के अंदर रखा गया था।

अधिकारी ने कहा कि जब्त की गई हेरोइन अफगानिस्तान में उत्पन्न हुई थी और नशीली दवाओं के पैसे हवाला के माध्यम से भेजे जाने की आशंका है। जब्त की गई प्रतिबंधित सामग्री को एक ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर के पैकेट में पैक किया गया था।

एनसीबी के उप महानिदेशक संजय कुमार सिंह ने गुरुवार को कहा था कि जांच के दौरान, यह पता चला है कि दिल्ली / एनसीआर और पड़ोसी राज्यों में स्थित एक भारत-अफगान सिंडिकेट मामले से जुड़ा हुआ है। इन सिंडिकेट के पास स्थानीय स्तर पर हेरोइन बनाने में विशेषज्ञता है।

उनके अनुसार, ये सिंडिकेट समुद्री और साथ ही भूमि सीमा मार्गों के माध्यम से भारत में तस्करी कर रहे हैं।

डीडीजी ने दावा किया कि विभिन्न वैध सामानों के साथ हेरोइन की तस्करी की गई थी और बाद में भारतीय समकक्षों द्वारा कुछ अफगान नागरिकों की मदद से उन सामानों से निकाली गई थी। गुरुवार से कई छापेमारी की गई है, जो अभी भी जारी हैं।

सिंडिकेट पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली सहित पूरे उत्तर भारत में मादक पदार्थों के तस्करों से जुड़ा हुआ पाया गया है।

दिल्ली में बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के वाहन चलाना अब पड़ेगा महंगा

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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अब बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के वाहन चलाने वालों को जेल की हवा खानी पड़ सकती है और जुर्माना भी भुगतना पड़ सकता है. दरअसल दिल्ली के परिवहन विभाग ने साफ-साफ कह दिया है कि बिना वैध फिटनेस प्रमाण पत्र के वाहन चलाने वाले मालिकों और चालकों को 10,000 रुपये तक का जुर्माना या जेल हो सकती है. इनमें सरकारी विभाग के वाहन भी शामिल हैं.

कितना लग सकता है जुर्माना

विभाग के मुताबिक पहली बार अपराध करने पर 2,000-5,000 रुपये और बाद के अपराधों के लिए 5,000-10,000 रुपये के बीच जुर्माना लगाया जा सकता है. इतना ही नहीं वाहन मालिकों को अपने वाहन के पंजीकरण के प्रमाण पत्र के लिए नवीनीकरण शुल्क भी देना होगा. बता दें कि यह कदम मोटर वाहन (MV) अधिनियम के उल्लंघन में राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर ऐसे कई वाहनों के चलने के बाद आया है.

विभाग द्वारा जारी नोटिस में क्या कहा गया है?

विभाग द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है, “ “परिवहन विभाग द्वारा यह देखा गया है कि सरकारी विभागों, स्थानीय निकायों और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों से संबंधित परिवहन वाहनों सहित कई मालिक या चालक वैध फिटनेस सर्टिफिकेट के बिना परिवहन वाहन चला रहे हैं जो मोटर वाहन (एमवी) अधिनियम, 1988 और उसके तहत बनाए गए नियम का घोर उल्लंघन है.”

वैलिड फिटनेस सर्टिफिकेट है बेहद जरूरी

इसके साथ ही ये भी कहा गया है कि, “एमवी अधिनियम की धारा 56 के अनुसार, एक परिवहन वाहन को तब तक वैध रूप से पंजीकृत नहीं माना जाता है, जब तक कि उसके पास दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग द्वारा जारी फिटनेस का वैलिड सर्टिफिकेट न हो.” बता दें कि ई-रिक्शा और ई-कार्ट के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट तीन साल की अवधि के लिए वैध होता है.

जल्द उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चलाया जाएगा अभियान

दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से कहा है कि प्रवर्तन टीमों को सड़कों पर अधिनियम का उल्लंघन करने वाले वाहनों की तलाश जारी रखने के लिए कहा गया है और जल्द ही उल्लंघन करने वालों को पकड़ने के लिए एक अभियान शुरू किया जाएगा.

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