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दिल्ली में व्यापारियों ने खुद किया लाॅकडाउन का एलान, कई बड़े बाजार 25 अप्रैल तक बंद

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असल न्यूज़: राष्ट्रीय राजधानी में बेकाबू कोरोना संक्रमण के मामलों से दिल्ली के थोक से लेकर खुदरा बाजार भी सहमे हुए हैं। क्योंकि इस संक्रमण से कारोबारी और कर्मचारी भी बड़ी संख्या मेें संक्रमित हो रहे हैं। कई कारोबारियों को इस कारण जान भी गंवानी पड़ी है। ऐसे में कारोबारी संगठन दिल्ली सरकार से लाकडाउन की गुहार लगाने लगे हैं। इस बीच, दिल्ली सरकार के सप्ताहांत कर्फ्यू के बाद बाजार संगठन स्वत: र्स्फूत लाकडाउन की ओर बढ़ने भी लगे हैं।

चावड़ी बाजार, भागीरथ पैलेस, दरीबाकलां, खारी बावली, गांधी नगर व मोरी गेट समेत कुछ अन्य बाजार रहेंगे बंद

रविवार शाम तक चांदनी चौक के मुख्य बाजार के अलावा ज्वेलरी बाजार दरीबा कलां, इलेक्ट्रानिक्स मार्केट भागीरथ पैलेस, स्टील हार्डवेयर मार्केट चावड़ी बाजार, कपड़ा मार्केट गांधी नगर व टैक्ट्रर पाट्रर्स मार्केट माेरी गेट ने बाजार बंद की घोषणा की है। मोरी गेट, तिलक बाजार, खारी बावली, दरीबाकलां व चावड़ी बाजार के कारोबारी संगठनों ने सोमवार से 21 अप्रैल तक (तीन दिन) के लिए बाजार बंद की घोषणा की है। वहीं, चांदनी चौक सर्व व्यापार मंडल व गांधी नगर मार्केट के एक्सपोर्ट सरप्लस क्लाथ मर्चेंट एसाेसिएशन ने 25 अप्रैल तक बाजार बंद रखने की घोषणा की है। भागीरथ पैलेस 20 से 25 अप्रैल तक बंद रहेगा।

दिल्ली सरकार को पत्र लिखकर कई कारोबारी संगठन लगा रहे हैं संपूर्ण लाकडाउन की गुहार

इसके पहले कंफेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने उपराज्यपाल अनिल बैजल व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर दिल्ली में 15 दिनों के संर्पूण लाकडाउन की मांग की है। फेडरेशन आफ सदर बाजार ट्रेडर्स (फेस्टा) के अध्यक्ष राकेश यादव ने भी इस संबंध में मुख्यमंत्री को मेल कर एक सप्ताह के लाकडाउन की मांग की है।

आज भी मंथन करेंगे व्यापारी

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने पत्र में कहा कि दिल्ली में जिस हिसाब से संक्रमण के मामले बेकाबू होते जा रहे हैं और उसके आगे राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा रही है। उसमें जरूरी है कि संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए कम से कम 14 दिनों का लाकडाउन लगा दिया जाए। इस संबंध में कैट ने एक वेबिनार का भी आयोजन किया, जिसमें कई बाजारों के प्रतिनिधि शामिल रहे। कैट दिल्ली के महामंत्री व कंफेडरेशन आफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन के महासचिव देवराज बवेजा ने कहा कि इस बैठक में अधिकतर बाजार संगठन कम से कम एक सप्ताह तक बाजार बंद करने के पक्ष में है। सदर बाजार भी एक सप्ताह तक बंद रखने का फैसला किया गया है। दिल्ली ड्रग ट्रेडर्स एसोसिएशन के सचिव आशीष ग्रोवर ने बताया कि इस संबंध में सोमवार को भी कैट ने व्यापारियों की आनलाइन बैठक बुलाई गई है, जिसमें दिल्ली के बाजारों को बंद रखने पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया जाएगा।

कारोबारी कर रहे हैं सरकार के निर्णय का इंतजार

कुछ कारोबारी संगठन चाहते हैं कि इस संबंध में निर्णय दिल्ली सरकार को करना चाहिए। क्योंकि बिना सरकार और प्रशासन के सहयोग के बाजार बंद करने की मंशा सफल नहीं होगी। फेस्टा अध्यक्ष राकेश यादव ने कहा कि स्थिति काफी खराब है क्योंकि बाजार के तकरीबन 50 फीसद कारोबारी काेरोना संक्रमण की चपेट में है, लेकिन दुकानदार बाजार बंद करने का निर्णय लेते हैं तो उससे समस्या का हल नहीं निकलने वाला है क्योंकि सड़क पर रेहड़ी-पटरी वाले कब्जा जमाए रखेंगे। इसलिए यह निर्णय सरकार को लेना चाहिए।

दिल्ली हिंदुस्तानी मर्केंटाइल एसोसिएशन के महासचिव श्रीभगवान बंसल ने कहा कि चांदनी चौक के कूचो और कटरों में बसे 25 हजार से अधिक दुकानें अभी खोले रखने का निर्णय लिया है। वहीं, आटोमोटिव पाट्रर्स मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय नारंग ने बताया कि जूम बैठक में व्यापारियों ने बढ़ते कोरोना के मामलों पर चिंता जताई है। पर हम इस पर दिल्ली सरकार के निर्णय का इंतजार करेंगे। चैंबर आफ ट्रेडर्स एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि राज्य सरकार मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। वह परिस्थिति को देखते हुए बेहतर तरीके से जानती है कि दिल्ली में लाकडाउन कब लगाना है। इस मामले में व्यापारी उसके साथ हैं।

सफल रहा सप्ताहांत कर्फ्यू

रविवार को दूसरे दिन भी सप्ताहांत कर्फ्यू सफल रहा। कनाट प्लेस, खान मार्केट के साथ ही करोलबाग, राजेंद्र नगर समेत अन्य बाजार बंद रहे। पुरानी दिल्ली के बाजारों में वैसे भी रविवार को साप्ताहिक बंदी होती है।

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