Home Health जयपुर गोल्डन अस्पताल में 20 मरीजों की ऑक्सीजन की कमी से मौत.

जयपुर गोल्डन अस्पताल में 20 मरीजों की ऑक्सीजन की कमी से मौत.

389
0

असल न्यूज़: दिल्ली के कई अस्पतालों में अब भी ऑक्सीजन की भारी किल्लत बनी हुई है। गंभीर रूप से पीड़ित Corona patients को ऑक्सीजन की कमी के चलते राजधानी के किसी भी अस्पताल में जगह नहीं मिल पा रही है। ऐसे में लोगों के बीच खौफ और भय का माहौल है। दिल्ली के जयपुर गोल्डन अस्पताल में शुक्रवार रात 20 मरीजों की मौत हो गई। अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी अब भी बरकरार है और 200 से अधिक मरीजों की सांसों पर संकट बना हुआ है।

यहां शाम 5 बजे ऑक्सीजन सप्लाई आनी थी, लेकिन रात 12 बजे ऑक्सीजन मिली और वो भी आधी। अस्पताल में अभी आधे घंटे की ऑक्सीजन बची है। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि मरने वाले सभी 20 मरीज ऑक्सीजन पर थे, ऑक्सीजन न होने से हमें फ्लों कम करना पड़ा था। मैं ये नहीं कह रहा कि ऑक्सीजन की कमी से मौत हुई हैं, लेकिन एक बड़ी वजह ये भी हो सकती है।

ऑक्सीजन संकट का ऐसा ही हाल शनिवार को बत्रा अस्पताल में भी देखने को मिला, स्टॉक खत्म होने से मरीजों की सांस पर बन आई थी, लेकिन ऑक्सीजन खत्म होने से ठीक पहले ही यहां पर 500 लीटर ऑक्सीजन की आपूर्ति कर दी गई। अभी यह सिर्फ 90 मिनट तक चलेगी। बत्रा अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डाॅ.एस.सी.एल. गुप्ता ने कहा कि हमें एक दिन में 8,000 लीटर ऑक्सीजन की जरूरत होती है। हमें 12 घंटे हाथ जोड़ने के बाद 500 लीटर oxygen मिली है, अगला 500 लीटर कब मिलेगा पता नहीं? अस्पताल में 350 मरीज हैं और 48 मरीज ICU में हैं।

वहीं, दिल्ली के सरोज सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के कोविड प्रभारी ने शनिवार को बताया कि हम ऑक्सीजन की कमी के कारण नए मरीजों को भर्ती करना बंद कर रहे हैं। हम अपने अस्पताल से भी मरीजों को छुट्टी दे रहे हैं।

गंगाराम अस्पताल में 25 मरीजों की मौत

बता दें कि, गुरुवार रात दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भी गंभीर रूप से बीमार 25 कोविड मरीजों की मौत हो गई थी, जबकि कई और मरीजों की जिंदगी ऑक्सीजन की कमी के कारण संकट में पड़ गई थी। सूत्रों ने बताया कि शहर के बड़े और प्रतिष्ठित अस्पतालों में से एक में हुई इस घटना के पीछे संभावित वजह कम दबाव वाली ऑक्सीजन हो सकती है। अस्पताल ने शुक्रवार सुबह आठ बजे के करीब मौतों की घोषणा की थी।

Gangaram Hospital के चेयरमैन डॉ. डी.एस. राणा ने कहा कि यह कहना गलत है कि मौतें ऑक्सीजन की कमी से हुई। हमने गैर मशीनी तरीकों से मरीजों को ऑक्सीजन दी जब आईसीयू में दबाव घट गया था।

oxygenके लिए अस्पताल नोडल अधिकारियों से संपर्क करें : हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को राजधानी के सभी अस्पतालों को निर्देश दिया कि वे ऑक्सीजन की जरूरतों के लिए Central Government की ओर से नियुक्त नोडल अधिकारियों से संपर्क करें। केन्द्र सरकार की ओर से ऑक्सीजन सुनिश्चित करने के लिए एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाने के बारे में कोर्ट को सूचित किए जाने के बाद यह फैसला आया है।

कोर्ट Kovid-19 के मरीजों के इलाज के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति किए जाने में अदालत के हस्तक्षेप के आग्रह की ब्रैम हेल्थकेयर और Batra Hospital की ओर से दाखिल याचिका पर सुनावाई कर रहा था। पिछले कुछ दिनों में सांस में तकलीफ वाले कोरोना मरीजों की अचानक हुई वृद्धि के बाद अस्पतालों में ऑक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था चरमरा गई और मेडिकल ऑक्सीजन का मामला विवादों में घिर गया।

सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को Prime Minister Narendra Modi’s की दिल्ली के Minister Arvind Kejriwal, समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए गुरुवार को हुई बैठक की जानकारी दी, जिसमें मोदी ने राज्यों को कोरोना से जंग में एकजुट होने, दवा तथा ऑक्सीजन की मुफ्त ढुलाई में हस्तक्षेप करने से बचने को कहा। सॉलिसीटर जनरल ने कहा कि ऑक्सीजन की ढुलाई में हम अर्द्धसैनिक बलों को नहीं लगा सकते। संवैधानिक रुप से ऐसा नहीं किया जा सकता। राज्य पुलिसऔर केन्द्रीय बलों में टकराव हो सकता है। इस मामले को सुलझाने के लिए ब्यूरोक्रेसी स्तर पर प्रबंध किया गया है।

कोर्ट ने Delhi government को ऐसे टेलीफोन नंबर जारी करके का सुझाव दिया जिस पर कोविड-19 अस्पताल सरकार से सीधे संपर्क कर सकें। कोर्ट ने नोडल अधिकारियों पर भार काम करने के लिए अन्य अधिकारी भी नियुक्त किए जाने की सलाह दी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here