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सिंघु बॉर्डर किसानों ने खाली किया एक तरफ का रास्ता, दिल्ली पुलिस जल्द करे दिल्ली का रास्ता खाली

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  • टिकरी पर शुरू हुआ टीकाकरण अभियान, सिंघु पर मास्क बांटे गए, किसान रख रहे पूरा ध्यान

असल न्यूज़: दिल्ली व देश के अन्य हिस्सों में ऑक्सिजन की कमी व अन्य मेडिकल सेवाओं के अभाव में नागरिकों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने एक तरफ की सड़क पहले ही खाली की हुई है व रविवार को वहां की सफाई भी की। रविवार को संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि सोनीपत प्रशासन के साथ हुई बैठक में तय हुआ था कि दिल्ली पुलिस से साथ समन्वय कर जल्द ही पुलिस बैरिकेड हटाएं जायेंगे लेकिन दिल्ली पुलिस के बैरिकेड अभी तक नहीं हटे है। सयुंक्त किसान मोर्चा ने एक ईमेल के माध्यम से औपचारिक निवेदन भी किया है कि सड़क खोली जाए ताकि ऑक्सिजन, एम्बुलेंस व अन्य जरूरी सेवाएं सुचारू रूप से चल सकें।

वहीं, किसान नेताओं ने कहा कि टिकरी बॉर्डर पर किसानों के धरने पर टीकाकरण व अन्य जरूरी सेवाओं के लिए कैम्प लग गया है। सिंघु बॉर्डर पर कजारिया टाइल्स पर मास्क आदि भी वितरित किये गए। यहां किसान आकर इन सेवाओं का लाभ उठा रहे है। साथ ही यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा यह कहना है कि ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है व ऐसी जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। यह बहुत निंदनीय
व अतार्किक बात है। जब निजीकरण के माध्यम से सरकारी तंत्र को सरकार ने फैल कर दिया है व नागरिक सड़कों, अस्पतालों में मर रहे है उस वक्त जनता की आवाज को दबाना चाहते है, हम इसकी निंदा व विरोध करते हैं।

  •  शांति से विरोध करना किसानों की नैतिक जीत है: किसान मोर्चा
    किसानों को दिल्ली की सीमाओं पर संघर्ष करते 150 दिन पूरे हो चुके हैं और संयुक्त किसान मोर्चा पदाधिकारियों अभिमन्यु कोहाड़, बलवीर सिंह राजेवाल, डॉ दर्शन पाल, गुरनाम सिंह चढूनी, हनन मौला, जगजीत सिंह डल्लेवाल, जोगिंदर सिंह उग्राहां, युद्धवीर सिंह, योगेंद्र यादव का कहना है कि यह किसानों की नैतिक जीत और खेती कानून रद्द करवाकर और एमएसपी का कानून लेकर ही वापस जाएंगें। किसानों ने हर मौसम में अपने आप को व आंदोलन को मजबूत रखा है। सरकार व भाजपा की किसान आन्दोलन को बदनाम करने की तमाम कोशिशों के बावजूद बीते 5 महीनों तक लगातार शांति से विरोध करना किसानों की नैतिक जीत है। किसानों का मानना है कि उनकी पूर्ण जीत तभी होगी जब तीन खेती कानून रद्द होंगे व उन्हें उनकी फसल के उचित दाम को सुनिश्चित करने वाले एमएसपी की कानूनी गारंटी मिलेगी।

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