Home Crime अंशुल दीक्षित उर्फ अंशु ने चित्रकूट जेल में मचाया आतंक

अंशुल दीक्षित उर्फ अंशु ने चित्रकूट जेल में मचाया आतंक

360
0

उत्तर प्रदेश। सीतापुर के शार्प शूटर अंशुल दीक्षित अपराध की दुनिया में काफी चर्चित नाम है। शुक्रवार को चित्रकूट की जिला कारागार में अंशुल ने दो शातिर बदमाशों की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद पुलिस ने एनकाउंटर के दौरान अंशुल दीक्षित को भी जेल में ही मार गिराया। अंशुल दीक्षित ने दो दशक पहले अपराध की दुनिया मे कदम रखा था और देखते ही देखते वह खूंखार बदमाश बन गया था।

सीतापुर के मानपुर थाना क्षेत्र के ग्राम ओलरा निवासी अंशुल के पिता जगदीश दीक्षित पेशे से एक व्यापारी थे। वह प्रॉविजन स्टोर चलाते थे। जगदीश के दो बेटे अंशुल दीक्षित,अन्नू दीक्षित और दो बेटियां पूनम व शिखा भी परिवार में थी। अंशुल की शुरुआती पढ़ाई प्रेम नगर स्थित स्कूल में हुई थी, हालांकि हाईस्कूल में फेल में हो गया था।

बतात हैं कि अंशुल दीक्षित 12 साल की उम्र में ही सुतली बम बनाकर दहशत फैलाने का कोशिश कर चुका था लेकिन पुलिस ने बचपन में हुई हरकत को नजर अंदाज कर छोड़ दिया था। साल 2003 में तत्कालीन सपा एमएलसी भरत त्रिपाठी के बेटे परीक्षित त्रिपाठी ने अंशुल की बहन से छेड़छाड़ का आरोप लगा था।परिवार पुलिस से शिकायत करने पहुंचा लेकिन एमएलसी के रुतबे के आगे अंशुल और उसके परिवार की एक नही चली। पुलिस ने उन्हें थाने से बैरंग ही वापस कर दिया।

सपा एमएलसी के बेटे की कार में झोंकी फायर
इसी विवाद के बाद अंशुल सपा एमएलसी भरत त्रिपाठी और उनके बेटों से रंजिश मनाने लगा। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने ही उसने एमएलसी के बेटे की कार पर फायर झोंक दिया था लेकिन वह बच गए थे। अपराध की दुनिया में अंशुल का यह पहला कदम था और इसी घटना के बाद पुलिस की सख्ती के चलते अंशुल के घर की कुर्की हुई। अंशुल सीतापुर से निकलकर लखनऊ जा पहुंचा जहां उसने अपराध की बड़ी दुनिया में कदम रखा।

2019 में चित्रकूट जेल में हुआ ट्रांसफर
पुलिस रेकॉर्ड के मुताबिक, अंशुल ने वर्ष 2009 में सीतापुर के सिविल लाइन निवासी एक व्यापारी से रंगदारी मांगी। उसके खिलाफ केस दर्ज हुआ लेकिन वह पुलिस की पकड़ से भाग निकला था। 2019 में अंशु सुल्तानपुर जेल से चित्रकूट ट्रांसफर हुआ था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here