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शर्मनाक! इंटर-मैट्रिक की छात्राओं को अर्धनग्न कर सेरआम पीटा, डायन बताकर मृत बच्चे को जिंदा करने की करते रहे जिद

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असल न्यूज़: कहने को तो हम 21वीं सदी में हैं, लेकिन आज भी डायन-बिसाही के नाम पर महिलाओं के साथ होने वाला अत्याचार हमें शर्म में डुबोने के लिए नाकाफी है। बिहार में विकास की बयार और सामाजिक चेतना को लेकर तमाम तरह के दावे किए जाते हैं लेकिन धरातल पर कुछ ऐसी घटनाएं सामने आती हैं जो सारे दावों को झुठला देती हैं। जमुई जिले के सिमुलतला थाना क्षेत्र में डायन के नाम पर अंधविश्वास में फंसकर गांव वालों ने मैट्रिक- इंटर में पढ़ रही दो छात्राओं के साथ ऐसी निर्ममता बरती गई जिसे सभ्य समाज के लोग शब्दों में बयां ना कर पाएं।

सिमुलतला थाने से मिली जानकारी के मुताबिक गादी टेलवा गांव में राकेश साह के पांच महीने के बेटे सत्यम की किन्हीं वजहों से मौत हो गई। बच्चे की अचानक मौत से घबराए परिजन उसे तांत्रिक के पास लेकर पहुंचे। तांत्रिक ने उन्हें बताया कि इस बच्चे की हत्या किसी गांव के किसी डायन ने की है। उसने सलाह दी कि बच्चे के शव को गांव के बाहर नदी के किनारे रेत में दबा दो। जिस डायन ने इसकी जान ली है वह जरूर उसे खाना खिलाने के लिए रात में वहां आएगी। बच्चे को दफनाने के बाद तांत्रिक की सलाह पर गांव के कुछ लोग उसकी निगरानी करने लगे।

तभी रात 12 बजे के बाद नदी किनारे दो लड़कियां जाती हुई दिखीं। लड़कियों को देखते ही गांव वालों ने उसे पकड़ लिया और बंधक बनाकर गांव ले आए। इसके बाद दफनाए गए बच्चे को भी निकालकर घर ले आया गया और दोनों लड़कियों पर दबाब बनाया जाने लगा कि वह इसे जिंदा करे। लड़कियों ने बताया कि वह बगल के गांव घांसीतरी की हैं और शौच करने नदी किनारे आई थीं। लेकिन बच्चे की मौत से आहत और तांत्रिक के फैलाए अंधविश्वास में पड़कर गांव वालों ने दोनों लड़कियों के कपड़े फाड़ दिए और बाल काट दिए। इसके बाद जिसे जो मिला उसी से दोनों लड़कियों की पिटाई शुरू कर दी। वह विनती करती रहीं कि उन्हें बच्चे की मौत के बारे में कुछ नहीं पता लेकिन एक ना सुनी गई और गांव वालों ने उसके शरीर के कई अंगों को भी काफी नुकसान पहुंचाया है।

सूचना के बाद झाझा सर्किल इंस्पेक्टर सुशील कुमार सिंह दल बल के साथ गादी टेलवा गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने उन्हें खदेड़ दिया। इसके बाद SSB के जवानों की टीम बुलाकर दोनों लड़कियों को ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाया गया। इंस्पेक्टर सुशील कुमार सिंह ने बताया कि लड़कियों का बयान दर्ज कर करके उचित इलाज के लिए झाझा भेज दिया गया है। साथ ही गांव के 11 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। पुलिस ने बताया कि दोनों लड़कियां चचेरी बहन हैं और एक मैट्रिक और दूसरी इंटर की छात्रा हैं।

पुलिस पूछताछ में लड़कियों ने ये भी बताया कि वह शौच करने के बहाने से घर से निकली थीं, लेकिन वह अपने प्रेमी कृष्णा के फोन करने पर वह उनसे मिलने नदी किनारे पहुंची थीं।

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