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IMA ने योग गुरु रामदेव को भेजा 1000 करोड़ रुपये की मानहानि का नोटिस

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असल न्यूज़: एलोपैथिक दवाओं को लेकर हाल ही में योग गुरु रामदेव की ओर से दिए बयान को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) उत्तराखंड ने उन्हें 1000 करोड़ रुपये के मानहानि का नोटिस भेजा है. आईएमए ने कहा है कि रामदेव अपने बयान को वापस लेने के बारे में अगले 15 दिनों के भीतर एक वोडियो जारी करें और लिखित में खेद जताएं. अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो उनसे 1000 करोड़ रुपये की मांग की जाएगी.

दरअसल, रामदेव में कोरोना के इलाज में एलोपैथिक दवाओं के बेअसर रहने को लेकर सवाल उठाया था. उन्होंने कहा था कि देश में ऑक्सीजन की कमी नहीं बल्कि एलोपैथिक दवाओं के इस्तेमाल से कोरोना के मरीजों की मौत हो गई. इसको लेकर आईएमए ने कड़ी आपत्ति जताई थी. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने रामदेव को पत्र लिखकर बयान वापस लेने और माफी मांगने को कहा था. इसके बाद रामदेव ने माफी मांग ली थी, लेकिन इसके बाद उन्होंने सोमवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) से 25 सवाल पूछे. 

रामदेव ने आईएमए से जानना चाहा कि क्या एलोपैथी उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी बीमारियों से स्थायी राहत देती है? अपने ट्विटर खाते पर खुला पत्र जारी करते हुए रामदेव ने आईएमए से उनके 25 सवालों का जवाब देने को कहा.

आईएमए ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए उस वीडियो पर आपत्ति जताई थी जिसमें रामदेव ने दावा किया है कि एलोपैथी ‘बकवास विज्ञान’ है और भारत के औषधि महानियंत्रक द्वारा कोविड-19 के इलाज के लिए मंजूर की गई रेमडेसिविर, फेवीफ्लू तथा ऐसी अन्य दवाएं कोविड-19 मरीजों का इलाज करने में असफल रही हैं.

रामदेव ने यह भी पूछा कि क्या दवा उद्योग के पास थायराइड, गठिया, अस्थमा और कोलाइटिस जैसी बीमारियों का स्थायी उपचार उपलब्ध है?

उन्होंने पूछा कि क्या एलोपैथी में फैटी लीवर (बढ़ा हुआ यकृत) और लीवर सिरोसिस की दवाएं हैं? उन्होंने सवाल किया, ‘‘जिस प्रकार आपने टीबी और चेचक का इलाज ढूंढ लिया है, उसी तरह लीवर की बीमारियों का भी इलाज ढूंढें. आखिरकार, एलोपैथी अब 200 साल पुरानी है.’’

योग गुरु ने यह भी जानना चाहा कि क्या इस चिकित्सा पद्धति में दिल की रुकावट संबंधी परेशानियों का कोई गैर सर्जरी उपचार उपलब्ध है? उन्होंने पूछा, ‘कोलेस्ट्रॉल का क्या इलाज है?’

उन्होंने सवाल किया, ‘क्या फार्मा उद्योग के पास माइग्रेन का इलाज है?’’ योग गुरु ने तमाम बीमारियों जैसे पार्किंसन का नाम गिनाया और जानना चाहा कि क्या एलोपैथी बांझपन का बिना किसी दर्द के दलाज कर सकती है, क्या उसके पास बढ़ती उम्र को रोकने और हेमोग्लोबिन को बढ़ाने का कोई उपाय है.

उन्होंने टिप्पणी की, ‘‘अगर एलोपैथी इतना ही अच्छा है और सर्वगुण संपन्न है तो डॉक्टरों को बीमार नहीं होना चाहिए.’’

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने एलोपैथी के बारे में दिये गए योग गुरु रामदेव के बयान को रविवार को ‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’ करार देते हुए उन्हें इसे वापस लेने को कहा था, जिसके बाद रामदेव ने बयान वापस ले लिया था.

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