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श्रम एवं रोजगार मंत्रालय भारत सरकार, श्रमिक शिक्षा बोर्ड के बढ़ते कदम

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नई दिल्ली: दत्तोपंत ठेंगड़ी राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा 63वां स्थापना दिवस ‘श्रमिक शिक्षा दिवस’ के रूप में महाराष्ट्र सदन, कस्तूरबा गांधी मार्ग, नई दिल्ली में बडे़ हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में अनुराधा प्रसाद, विशेष सचिव, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार एवं विशिष्ठ अतिथि के रूप में सिबानी स्वैन, अपर सचिव एवं वित्तीय सलाहकार, उपस्थित रही। कार्यक्रम में बृजेश उपाध्याय, अध्यक्ष एवं हर्ष वैद्य, महानिदेषक, दत्तोपंत ठेंगड़ी राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड के अतिरिक्त बोर्ड के अन्य अधिकारीगण प्रदीप के. मून, उपनिदेशक (मुख्यालय) प्रभारी, सी. प्रदीप कुमार, उपनिदेषक (शिक्षा) प्रभारी एवं सीमा द्विवेदी मिश्रा, आँचलिक निदेशक (उत्तरांचल) प्रभारी व बोर्ड के अन्य अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण भी मौजूद थे। कार्यक्रम में विशेष रूप से राष्ट्रीय स्तर के श्रमिक नेताओं, सामाजिक कार्यक्रताओं एवं मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों का आगमन हुआ जिसमें हिरण्मय पाण्ड्या, अध्यक्ष, भारतीय मजदूर संघ, शिव गोपाल मिश्रा, महासचिव, ऑल इन्ड़िया रेलवे मैन्स् फैडरेषन ने भी भाग लिया। कार्यक्रम में विभिन्न संगठित, असंगठित एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आये लगभग 180 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि अनुराधा प्रसाद, विशिष्ठ अतिथि सिबानी स्वैन, बृजेश उपाध्याय एवं हर्ष वैद्य जी द्वारा दीप प्रज्वलित कर एवं राष्ट्रीय गीत द्वारा किया गया ।

हर्ष वैद्य, महानिदेषक द्वारा बोर्ड के स्थापना दिवस एवं श्रमिक शिक्षा दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम में आये सभी अतिथि जनों, प्रतिभागियों एवं अन्य सभी उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों का अभिनन्दन किया उन्होंने बताया कि 16 सितम्बर के दिन पूरे भारतवर्ष में श्रमिक शिक्षा दिवस बडे़ हर्षाेल्लास के साथ मनाया जाता है तथा बोर्ड की गतिविधियों के बारे में अवगत कराया। उन्होंने बताया कि किस तरह बोर्ड अपने स्थापना दिवस से लेकर आज तक संगठित, असंगठित एवं ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न श्रमिको को विभिन्न प्रषिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें अपने जीवन के प्रति सजग बनाने, श्रम संघों में कुषल नेतृत्व क्षमता विकसित करने, देश में मधुर औद्योगिक सम्बन्ध स्थापित करने, श्रमिकों की प्रबन्धन में भागीदारी में बढौतरी करने, औद्योगिक अनुशाशन स्थापित करने, सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ उत्पादकता बढ़ौतरी करने, सामाजिक कुरूतियों को दूर करने, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं जनसंख्या शिक्षा के प्रति सजग करने आदि में सफलतापूर्वक प्रेरित करता चला आ रहा है। उन्होंने बताया कि किस तरह कोविड-19 की वजह से पूरे भारतवर्ष में बदलाब आया है और इन्ही बदलावों के मध्यनजर भारत सरकार चार नये लेबर कोड को भारत देश में ला रही है और बोर्ड भारत सरकार द्वारा दिये गये अपने हर कार्य के प्रति सजग, जिम्मेदार एवं कर्तव्यनिष्ठ है। उन्होंने बताया बोर्ड भविष्य में श्रमिक वर्ग तक भारत सरकार की आगामी विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए विभिन्न नितिगत पहलूओं पर गम्भीरता से विचार एवं नई दिशा देना निरन्तर जारी रखे हुये है।


सिबानी स्वैन, अपर सचिव एवं वित्तीय सलाहकार, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा बताया गया कि बोर्ड निरन्तर असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की षिक्षा एवं रोजगार के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ उन तक अपने प्रशिक्षण कार्यक्रमों द्वारा पहुँचा रहा है। उन्होंने बताया कि शिक्षा एक ऐसा माध्यम है जो कि श्रमिक वर्ग आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान के लिए प्रमुख भूमिका निभाती है। उन्होंने बताया भारत सरकार द्वारा वर्ष 2019 में ‘प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना’ लागू की गई जिसके अधीन अंसगठित क्षेत्र के श्रमिकों हेतु पेंशन की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि पिछले महीने भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा अंसगठित क्षेत्र के श्रमिकों हेतु ‘ई-श्रम’ पोर्टल शुरू किया गया है जिसमें अब तक लगभग 22 लाख असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों द्वारा अपना पंजीकरण कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अंसगठित क्षेत्र के सभी श्रमिकों का पंजीकरण कराना भारत सरकार का लक्ष्य है जिसको सफल बनाने में बोर्ड की भूमिका भी अहम होगी ताकि असंगठित क्षेत्र के सभी पंजीकृत श्रमिकों को सरकारी योजनाओं को लाभ मिल सकें। उन्होंने कहा कि मंत्रालय के निर्देशानुसार बोर्ड द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचिन जनजाति के श्रमिकों हेतु विशेष कार्यक्रम भी सफलतापूर्वक आयोजित किया जाता है जिसके लिए मंत्रालय द्वारा काफी सराहना की गई। बृजेश उपाध्याय ने बताया कि शिक्षा एवं श्रमिक शिक्षा दो अलग-अलग प्रकार की बातें है। उन्होंने बताया कि बोर्ड भारत देश के श्रमिक वर्ग को एक अलग प्रकार से प्रशिक्षित करने का कार्य करता है जिससे उनकी समाज एवं देश के प्रति भागीदारी और अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि दत्तोपंत ठेंगड़ी राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड एक त्रिपक्षीय संस्था है जिसमें उद्योग जगत एवं श्रम संघ के प्रतिनिधिगण जिनका सीधा सम्पर्क श्रमिक वर्ग के साथ होता है। उन्होंने बताया कि हमारी बोर्ड की वास्तविक शक्ति, हमारे बोर्ड में कार्यरत अधिकारीगण या कर्मचारीगण नही है अपितु सम्पूर्ण उद्योग जगत के प्रतिनिधि, श्रम संघो के प्रतिनिधि एवं अन्य संस्थान जो सीधे तौर पर श्रमिकों से जुड़े हुये होते है, हमारी समूचित श्रम शक्ति है। उन्होंने बताया कि बोर्ड ने एक महत्वकाक्षी कार्य अपने हाथ में लिया है जिसमें एक श्रमिक आजीवन सेवा योग्य बना रहें, वह अपना काम करते हुये भी प्रशिक्षण प्राप्त करता रहें जिसके लिए बोर्ड ने इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विष्वविद्यालय (इग्नू) के साथ एक प्रमाणपत्र प्रषिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जाना है जिससे श्रमिक निरन्तर अपने कौशल का विकास करता रहें।

अध्यक्ष महोदय द्वारा कहा कि गया कि माननीय प्रधानमंत्री श्री मोदी जी द्वारा डिजिटलाईजेशन पर विशेष जोर दिया जाता रहा है जिसको अपनाने व अपनी कार्यशैली में लाने के लिए बोर्ड निरन्तर कार्य कर रहा है। इन्हीं दिशाओं में बोर्ड संकल्पशील है। बोर्ड के श्रमिक शिक्षा दिवस पर अध्यक्ष महोदय जी ने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा बोर्ड का नाम श्री दत्तोंपत ठेगड़ी जी से जोड़कर हमारे बोर्ड को श्रमिक वर्ग के ओर करीब ला दिया है। उन्होंने बताया कि जिस पर माननीय श्री दत्तोपंत ठेंगड़ी जी श्रमिक वर्ग के हितों के प्रति सजग एवं जागरूक थे उसी प्रकार बोर्ड को भी श्रमिक वर्ग को सजग एवं जागरूक बनाना है। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती अनुराधा प्रसाद जी द्वारा बताया गया कि दत्तोपंत ठेंगड़ी राष्ट्रीय श्रमिक षिक्षा एवं विकास बोर्ड श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के तहत कार्यरत राष्ट्रीय स्तर की एक अकेली अनूठी त्रिपक्षीय संस्था है जो संगठित, संगठित एवं ग्रामीण क्षेत्र के जमीनी स्तर के श्रमिक वर्ग तक भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराने की उपलब्धि रखती है। बोर्ड समाज में फैली हुये विभिन्न कुरूतियों को दूर करने एवं श्रमिकों के जीवन गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए निरन्तर सफलतापूर्वक कार्य करता चला आ रहा है। आज समय की मांग को देखते हुये बोर्ड के कार्यक्रमों में भी बदलाव लाना जरूरी है। इस कार्य हेतु बोर्ड के अधिकारीगण सजग, समर्पित एवं प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि बोर्ड अपने डिजिटल माध्यम से श्रमिक वर्ग को उनके हितों की जानकारी एक ही मंच से दे सकता है। उन्होंने प्रतिभागियों को बताया कि कोई भी संस्थान जिसमें 10 श्रमिकों से अधिक श्रमिक कार्यरत है तो उस संस्थान को सभी श्रमिकों को ईएसआईजी में पंजीकृत कराना होगा जिसे सभी श्रमिक सरकार की विभिन्न लाभ योजनाओं का लाभ ले सकते है। उन्होंने बताया कि ऐसी बहुत सी योजनायें है जिसमें विषय में बहुत ही कम श्रमिकों को जानकारी है तथा ऐसे श्रमिकों को भी उनके अधिकारों की जानकारी देने का कार्य बोर्ड का है। उन्होनें बताया कि बीते समय कोविड-19 के कारण बहुत से प्रवासी श्रमिकों को अपना काम छोड़कर घर वापिस जाना पड़ा लेकिन ‘ई-श्रम’ पोरटल में पंजीकरण करवाने के बाद से इस तरह से श्रमिकों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा तथा इस विशेष की जानकारी भी बोर्ड द्वारा दी जायेगी। अनुराधा प्रसाद द्वारा बताया गया कि ‘प्रधानमंत्री स्वास्थ्य जीवन बीमा योजना’ के तहत अगर किसी श्रमिक की अकारण मृत्यु हो जाये या दुर्घटनावश अपंगता हो जाये तो ऐसे श्रमिकों को जीवन बीमा योजना का लाभ मिलेगा इसलिए सभी श्रमिकों को ‘ई-श्रम’ पोरटल पर अपना पंजीकरण करवाना चाहिए।

उन्होंने बताया कि मंत्री जी द्वारा विशेषरूप से बोर्ड की जिम्मेदारी को ओर अधिक बढ़ाने के लिए कहा गया है। राहुल भगत, निदेशक, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा माननीय मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव जी का सन्देश दिया गया जिसमें मंत्री जी द्वारा बोर्ड के 63वें स्थापना दिवस एवं श्रमिक शिक्षा दिवस की सभी उपस्थित सभासदो को बहुत-बहुत हार्दिक बधाई दी। उन्होंने इस मौके पर दत्तोपंत ठेंगड़ी जी को विशेष रूप से याद किया और श्रमिक के हितों के लिए उनके द्वारा किये गये विभिन्न कार्य के प्रति बोर्ड को प्रेरित किया। उन्होंने भारत सरकार के द्वारा लागू की गई विभिन्न योजनाओं एवं भविष्य में लागू की जाने वाली योजनओं के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम के समापन पर प्रदीप के. मून, उपनिदेशक (मुख्यालय) प्रभारी द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथिगणों, उद्योग जगत एवं श्रम संघ के प्रतिनिधियों को धन्यवाद ज्ञापन दिया एवं कार्यक्रम सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सभी प्रतिभागियों का विशेष रूप से अभिवादन व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि आज 16 सितम्बर पूरे भारत वर्ष में हमारे सभी 50 क्षेत्रीय निदेशालयों द्वारा बड़े हर्षाेंउल्लास के साथ मनाया जा रहा है। कार्यक्रम का समापन राष्टगान के साथ सम्पन्न हुआ।

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