Home Bangalore तेजस्वी सूर्या: मुसलमानों और ईसाइयों को हिंदू धर्म में लौटने वाले ब्यान...

तेजस्वी सूर्या: मुसलमानों और ईसाइयों को हिंदू धर्म में लौटने वाले ब्यान को लिया वापस, कहीं ये बात

99
0

बेंगलुरु से भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में सांसद तेजस्वी सूर्या मुस्लिमों और ईसाइयों से हिंदू धर्म में धर्मांतरण का आह्वान कर रहे हैं। इसके पीछे उनका तर्क है कि यही हिंदू पुनरुत्थान का एकमात्र तरीका है। बीते दिनों उडुपी के श्रीकृष्ण मठ में सांसद तेजस्वी सूर्या का एक कार्यक्रम था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए तेजस्वी सूर्या ने मुस्लिमों और ईसाइयों से घर वापसी करने की अपील की।

हालांकि अपने बयान पर विवाद बढ़ता देख तेजस्वी सूर्या ने सफाई दी है। तेजस्वी सूर्या ने ट्वीट किया “दो दिन पहले उडुपी श्रीकृष्ण मठ में आयोजित एक कार्यक्रम में मैंने ‘भारत में हिंदू पुनरुद्धार’ विषय पर बात की थी। मेरे भाषण के कुछ बयानों ने खेदजनक रूप से एक विवाद पैदा कर दिया है। इसलिए मैं बिना शर्त बयान वापस लेता हूं,”

कार्यक्रम संपन्न होने के बाद भाजपा सांसद सूर्या ने अपना भाषण ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, “कर्नाटक के उडुपी में श्रीकृष्ण मठ में ‘हिंदू पुनरुद्धार’ पर बात की। 2014 के बाद भारत अंततः 70+ वर्षों के औपनिवेशिक हैंगओवर के बाद खुद को संभाल रहा है। विदेशी आक्रमणकारियों द्वारा शासित सदियों के बाद भारत ‘विश्वगुरु’ के रूप में फिर से उभर रहा है।”

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में तेजस्वी कह रहे हैं, “मंदिरों और मठों को उन लोगों को धर्म परिवर्तित करने के लिए वार्षिक लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए जो विभिन्न कारणों से वापस सनातन धर्म में परिवर्तित हो गए। कोई अन्य समाधान नहीं है और हमें आश्चर्य है कि क्या यह संभव है क्योंकि यह स्वाभाविक रूप से हमारे पास नहीं आता है। इस्लाम और ईसाई धर्म केवल धर्म नहीं हैं बल्कि राजनीतिक साम्राज्यवादी विचारधाराएं हैं। इन धर्मों का मानना है कि वे सर्वोच्च हैं और यही इन धर्मों और हिंदू धर्म के बीच मूलभूत अंतर है।”

हिंदू धर्म में सभी समस्याओं का समध्यान
तेजस्वी सूर्या ने कहा, “हिंदू को उसके मातृ धर्म से निकाला गया है। इस विसंगति को दूर करने के लिए केवल एक ही समाधान है कि वह फिर से अपना धर्म स्वीकार कर ले। जिन लोगों ने अपने मातृ धर्म को छोड़ दिया है और भारत के इतिहास के दौरान विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक, आर्थिक कारणों से हिंदू धर्म से बाहर चले गए हैं, उन्हें पूरी तरह से हिंदू धर्म में वापस लाया जाना चाहिए, मातृ धर्म में वापस लाया जाना चाहिए।” 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here