Home Crime दिल्ली क्राइम ब्रांच ने हथियारों के फर्जी लाइसेंस रैकेट का किया पर्दाफाश

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने हथियारों के फर्जी लाइसेंस रैकेट का किया पर्दाफाश

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Delhi: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हथियारों के फर्जी लाइसेंस रैकेट का पर्दाफाश कर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें से 15 फर्जी लाइसेंस जम्मू कश्मीर के कठुआ जिले से बनाए गए हैं. जबकि 50 से ज्यादा लाइसेंस का खुलासा हुआ है, जो अब तक जम्मू कश्मीर के अलग-अलग जगह से बनाए गए हैं. खास बात यह है कि इन लाइसेंसों को बनाने वाला पहले DM कार्यालय में लाइसेंस विभाग में काम कर चुका था. जितने भी फर्जी लाइसेंस बनाए गए हैं, क्राइम ब्रांच की टीम जांच कर रही है.

ये गैंग दिल्ली, यूपी और पंजाब में मोटर व्हीकल चोरी में भी शामिल है. दो लाइसेंसधारी पिस्टल और 23 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं. एक गन हाउस का मालिक मध्यप्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तार किया गया है. 4 फर्जी सरकारी स्टाम्प भी बरामद हुई है. क्राइम ब्रांच के मुताबिक, 12 अप्रैल को सूचना मिली थी कि अभिमन्यु राय उर्फ अन्नू नाम का एक शख्स फर्जी लाइसेंस पर अवैध हथियार ले जा रहा है और ये दिल्ली एनसीआर और मेरठ यूपी में चोरी की कारों के सौदे में भी शामिल है.

12 अप्रैल को क्राइम ब्रांच ने बिछाया जाल

दरअसल इस गैंग के मुख्य आरोपी की जानकारी मिलने पर 12 अप्रैल की रात नोएडा से मयूर विहार की ओर जाने वाली सड़क पर क्राइम ब्रांच की ISC टीम ने जाल बिछाया और रात करीब 8.45 बजे एक फॉर्च्यूनर कार नोएडा की तरफ से रजिस्ट्रेशन नंबर MH05EJ7345 को आते देखा गया. उस कार की पहचान होते ही उसे रोकने के लिए टीम उसके पीछे गई. टीम दिल्ली के प्रगति मैदान के पास भैरों मंदिर में उस फॉर्च्यूनर कार को रोकने में सफल रही.

हल्के बल के बाद संदिग्ध अभिमन्यु राय@अन्नू पकड़ लिया जो ग्वालियर के लश्कर का रहने वाला था. संदिग्ध की सरसरी तलाशी से एक .32 बोर की रिवॉल्वर और पांच जिंदा कारतूस बरामद हुए. शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने जम्मू-कश्मीर के कठुआ लाइसेंसिंग प्राधिकरण से जारी हथियार लाइसेंस की एक कॉपी दिखाई. कार का चेसिस नंबर टेम्पर्ड पाया गया और वह कार के असली कागजात नहीं दिखा सका और कार नंबर MH-05EJ-7345 की RC की केवल फोटोकॉपी ही दिखाई.

ग्वालियर के सांसद के पते पर जम्मू-कश्मीर से जारी लाइसेंस

अगले दिन 13 अप्रैल को कार की जांच में पता लगा कि वो कार वसन्त कुंज नार्थ थाना इलाके से मार्च में चोरी हुई थी. उसका शस्त्र लाइसेंस भी संदिग्ध पाया गया क्योंकि कथित तौर पर कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है और लाइसेंस ग्वालियर के सांसद के पते पर जम्मू-कश्मीर से जारी किया गया है. जब लाइसेंस चैक किया गया तो जम्मू कश्मीर के कठुआ से भी उसके फर्जी होने की जानकारी मिली क्राइम ब्रांच की टीम के लगातार पूछताछ करने पर अभिमब्यु ने खुलासा किया. उसने ग्वालियर के एक शकेश नाम के शख्स से फर्जी लाइसेंस हासिल किया था और चोरी की कार एमपी के मुरैना में रहने वाले आदर्श से खरीदी गई थी.

फर्जी लाइसेंस के आधार पर ग्वालियर के गन हाउस से ली थी रिवाल्वर

फर्जी लाइसेंस के आधार पर उसने ये रिवॉल्वर .32 बोर को ग्वालियर के एक शान गन हाउस से लिया था. बरामद फॉर्च्यूनर कार और 5 जिंदा कारतूसों के साथ रिवॉल्वर को जब्ती ज्ञापन के माध्यम से पुलिस के कब्जे में ले लिया गया है. उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया और जांच की गई. आरोपी के कहने पर साकेश कुमार को रामपुरा (मप्र) से गिरफ्तार किया गया, जिसने लगातार पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि उसने जम्मू कश्मीर के कठुआ जिला से 50 से अधिक शस्त्र लाइसेंस बनवाए थे.

19 अप्रैल को बंदूक घर के मालिक अशोक अग्रवाल को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया था, जिन्होंने खुलासा किया कि वह अधिक मात्रा में हथियारों के लालच में साकेश द्वारा दिए गए नकली लाइसेंस पर हथियार देता था. जम्मू-कश्मीर में और छापेमारी करने पर आरोपी साकेश कुमार फर्जी शस्त्र लाइसेंस के मुख्य सोर्स श्री रामेश्वर दत्त निवासी हसगठ जिला- सांबा जम्मू-कश्मीर को भी गिरफ्तार किया गया. उन्होंने पहले कठुआ जम्मू-कश्मीर के लाइसेंसिंग प्राधिकरण में कॉन्ट्रैक्ट आधार पर काम किया था और अपने पद का दुरुपयोग करने के कारण उन्हें निकाल दिया गया था.

वह पहले डीएम कार्यालय में था इसलिए वहां से निकालने के बाद वह फर्जी लाइसेंस तैयार करता था क्योंकि उसे प्रक्रिया और लाइसेंस विवरण के बारे में पता था, इसलिए उसे बखूबी पता था कि नकली लाइसेंस असली जैसा दिख सकता है. उसके कहने पर उसके घर से सरकारी अधिकारियों/कार्यालयों के 4 नकली टिकट बरामद हुए हैं.

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