Home Uncategorized जम्मू में बुराड़ी जैसा मामला! एक ही परिवार के 6 लोगों के...

जम्मू में बुराड़ी जैसा मामला! एक ही परिवार के 6 लोगों के मिले शव

99
0

आपको दिल्ली के बहुचर्चित बुराड़ी (Burari Suicide Case) वाला आत्महत्या की घटना का मामला तो याद होगा। जिसमें एक मकान में एक ही परिवार के 11 लोगों का फांसी पर लटकता हुआ शव मिला था। इस मामले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। ये खबर पूरे देश की खबरों की सुर्खियों में छा गई थी। ऐसा ही मामला अब जम्मू (Jammu) के सिदरा में सामने आया है। जहां दो मकानों में एक ही परिवार के 6 सदस्यों को शव मिला है। प्रथम दृष्ट्या देखने पर उनके शरीर पर किसी घाव या चोट के निशान मालूम नहीं पड़े, हालांकि जांच के बाद ही कुछ पुख्ता तौर पर कहा जा सकेगा।

जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) पुलिस की दी जानकारी के मुताबिक अगल-बगल जुडे़ हुए 2 घरों से एक ही परिवार के 6 लोगों के शव मिलने की सूचना मिली। मौके पर जब पहुंचे तो पता चला कि मरने वालों में 4 पुरुष और दो महिलाए हैं। फिलहाल पुलिस इन 6 लोगों की आत्महत्या की बात कह रही है। हालांकि मामले की जांच जारी है। पुलिस ने इन शवों को इलाके के ही मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

बुराड़ी ही नहीं राजस्थान में भी आ चुके हैं ऐसे कई मामले
दिल्ली के चर्चित बुराड़ी सामूहिक आत्हमत्या (Burari Suicide Case) मामले के अलावा राजस्थान ( Rajasthan) में भी इस तरह की सामूहिक आत्महत्या के मामले सामने आ चुके हैं। इस साल फरवरी में ही सीकर में ऐसा मामला सामने आया था। यहां एक परिवार में उनके बेटे की मौत गहो गई थी। जिसके गम में पूरे परिवार ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने सुसाइड नोट भी छोड़ा था। जिसमें लिखा था कि उनके परिवार-घर में किसी चीज की कोई कमी नहीं है। कमी है तो सिर्फ उनके बेटे की, जो अब उन्हें दोबारा कभी नहीं मिलेगा। इसी तरह पाली (Pali Suicide Case)में भी एक व्यक्ति ने अपने दो छोटे मासूम बच्चों के साथ कुएं में कूदकर खुदकुशी कर ली थी। वजह थी कि व्यक्ति की पत्नी घर छोड़कर चली गई थी।

अगर सामूहिक आत्महत्या तो भी बड़ा सवाल
पुलिस इस मामले को सामूहिक आत्महत्या बता रही है। अगर ये सामूहिक आत्महत्या भी है तो यह हमारे सामाजिक और पारिवारिक ताने-बाने पर भी सवाल उठाते हैं। क्या परिवारों में विघटन ही इन आत्महत्याओं के पीछे के बड़ा कारण है? दूसरी तरफ एकल परिवार में रहने वाले लोग अब इस भागदौड़ भरी जिंदगी में इतने व्यस्त हो गए हैं कि वे एक छत के नीचे रहने के बावजूद एक-दूसरे की समस्याओं को सुनते-समझते तक नहीं। ऐसे में इस तरह की घटनाएं अब ज्यादा हो रही हैं, जो कि गंभीर चर्चा का विषय है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here