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दिल्ली के नरेला में फायरिंग से हुई थी गैंगस्टर संदीप बिश्नोई के जुर्म के सफर की शुरुआत

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गैंगस्टर संदीप बिश्नोई अपराध की दुनिया मे एक ऐसा नाम था, जिसने कुछ सालों में ही बड़ी तेजी से अपने कदम जरायम की दुनिया मे बढ़ाए थे. जिसके बाद हरियाणा-दिल्ली से लेकर राजस्थान तक उसकी तूती बोलने लगी थी. सुपारी किलर के नाम से मशहूर संदीप बिश्नोई ने शुरू में हिसार में छोटी-मोटी वारदातों को अंजाम दिया. लेकिन बाद में संदीप ने अवैध कारोबार की दुनिया में अपनी नजरें जमानी शुरू कर दी और शराब के धंधे में पैर जमा दिए.

गैंगस्टर सन्दीप बिश्नोई का जन्म हरियाणा के हिसार में उसके पैतृक गांव मंगली में 1989 में हुआ था. इसलिए उसे संदीप मंगली बोला जाता था. हिसार से 12वीं तक की शिक्षा और उसके बाद डिप्लोमा भी किया. अपराध की दुनिया मे पहला कदम उसने साल 2009 में उठाया. जब दिल्ली के नरेला में उसके ऊपर हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ. इसके बाद उसने बड़ा गैंगस्टर बनने की ठान ली थी.

संदीप बिश्नोई ने पहली वारदात 14 अक्टूबर 2009 को तब की थी जब वो अपने साथियों के साथ हिसार से दिल्ली के नरेला में कुछ कपड़े खरीदने गया था. वहां अचानक नरेला के हवा सिंह नाम के शख्स से उनका झगड़ा हो गया. जिस पर संदीप ने फायरिंग करके उसे घायल किया. लेकिन वे मौके पर ही पकड़े गए और एक पिस्टल भी उनके कब्जे से बरामद हुई थी. इस संबंध में एक एफआईआर नरेला थाने में दर्ज की गई थी. साल 2009 में ही उसके खिलाफ दिल्ली के अलग-अलग थानों में हत्या, हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट समेत 5 मुकदमे दर्ज हुए थे.

शुरुआत में संदीप बिश्नोई छोटी-मोटी वारदातों को अंजाम देता था. जिसके बाद वह किशोरी गैंग से जुड़ गया. उसे सबसे ज्यादा चर्चा तब मिली जब अपने दोस्त गैंगस्टर किशोरी की हत्या का बदला लेने के लिए 23 सितम्बर 2015 में संदीप बिश्नोई ने सरपंच के उम्मीदवार संदीप गोदारा की हत्या कर दी. उसके बाद नामी गैंगस्टर में वह शुमार हो गया. लूटपाट, हत्या, आर्म्स एक्ट और नशे की तस्करी के धंधे में संदीप की दिलचस्पी होने लगी. उसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा.

हिसार में संदीप बिश्नोई का नाम शराब के बड़े कारोबारी के रूप में जाना जाता था. सुपारी लेकर लोगों का कत्ल करना उसकी लिस्ट में शामिल था. 2009 से लेकर 2018 तक संदीप का नाम जरायम की दुनिया में काफी बड़ा हो चुका था. इसके साथ ही उसने राजस्थान के एक बड़े बदमाश राजू फौजी के साथ दोस्ती कर ली और दोनों गैंग्स को एक बड़ा सपोर्ट मिल गया. संदीप बिश्नोई ने अपने गैंग में कई शूटर्स को जोड़ा और उसके साथ ही हरियाणा से लेकर राजस्थान तक उसका गैंग एक अलग ही तरीके से ऑपरेट हो रहा था.

संदीप बिश्नोई गैंग ने साल 2019 में एक महिला से 30 लाख की सुपारी ले ली और उसके पति की हत्या का बदला लिया था. जिसके बाद उसे सजा हुई थी और वह नागौर जेल में बंद था. लेकिन जेल के अंदर से बड़े आराम से वह अपना गैंग ऑपरेट कर रहा था. सूत्रों के मुताबिक 2 दिन पहले ही संदीप की जमानत हुई थी. लेकिन सोमवार को वह नागौर कोर्ट में किसी केस के सिलसिले में गवाही देने आया था. तभी उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई. उसकी हत्या से पहले ही रेकी की गई थी.

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