अमेरिका में बड़ा आर्थिक संकट, लाखों लोग हो सकते हैं बेरोजगार

अमेरिका में शटडाउन के साथ एक नया आर्थिक संकट उठ खड़ा हो गया है। इसका कारण अमेरिकी सीनेट द्वारा व्यय विधेयक खारिज कर दिए जाना है।

अमेरिकी राष्ट्रपित, डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)

वाशिंगटन। अमेरिका में शटडाउन के साथ एक नया आर्थिक संकट उठ खड़ा हो गया है। इसका कारण अमेरिकी सीनेट द्वारा व्यय विधेयक खारिज कर दिए जाना है। सीनेट ने सरकारी खजाने से संघीय सरकार के खर्चे के लिए अल्पकालिक व्यय विधेयक को मंजूरी नहीं दी जिससे सरकार का कामकाज आज औपचारिक रूप से बंद हो गया। इस शटडाउन का असर सीधेतौर पर वहां के कई सरकारी विभागों पर देखने को मिल सकता है। इस शटडाउन की वजह से कई सरकारी विभाग बंद करने पड़ सकते हैं और लाखों कर्मचारियों को बिना सैलरी के घर बैठना पड़ सकता है। कुल मिलाकर यह है कि इसका असर अमेरिकी अर्थव्‍यवस्‍था पर देखने को मिलेगा।

ट्रंप ने कामकाज बंदी के लिए डेमोक्रेट्स को जिम्मेदार बताया। यह प्रकरण ट्रंप द्वारा देश के 45वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लिए जाने के ठीक एक साल बाद हुआ है। राष्ट्रपति ने कहा, ‘डेमोक्रेट कर कटौती की बड़ी सफलता को क्षीण करने में मदद करने के लिए कामकाज बंदी चाहते हैं’। दरअसल  इस संबंध में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विपक्षी डेमोक्रेट सीनेटर चक शुमर के साथ अंतिम क्षण में बैठक कर बिल पारित कराने का प्रयास किया लेकिन आव्रजन और सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी। इस बिल के जरिये सरकार को 16 फरवरी तक की फंडिंग होनी थी।

आपको बता दें कि अमेरिकी इतिहास में यह पहला मौका नहीं है, जब सरकार को शटडाउन से जूझना पड़ा हो। अमेरिका को पांच दशकों में पांचवीं बार इस तरह की समस्‍या का सामना करना पड़ रहा है। इससे पहले अक्टबूर 2013 में बराक ओबामा के राष्ट्रपति रहने के दौरान भी दो हफ्तों तक संघीय एजेंसियों को बंद करना पड़ा था। उस वक्‍त 8 लाख कर्मचारियों को बिना वेतन के घर बैठना पड़ा था। इसके अलावा 1981, 1984, 1990 और 1995-96 में भी अमेरिका में शटडाउन की नौबत आ चुकी है।

COMMENTS

%d bloggers like this: