Breaking news: नरेला मेन बाजार में CCTV कंट्रोल रूम ही कंट्रोल में नहीं..


असल न्यूज़ ।। (प्रदीप उज्जैन )नरेला में छोटे कारोबारी अपना काम तो कर रहे हैं, लेकिन आए दिन होने वाली वारदातें इन कारोबारियों के जेहन में हमेशा खौफ बनाये रखती हैं। कारोबारियों के इस डर को खत्म करने और उनमें पुलिस के प्रति विश्वास पैदा करने के उद्देश्य से 13 अप्रैल 2018 नरेला मेन बाजार में सीसीटीवी कैमरे लगाये गये थे। इसी के साथ बाजार में एक सीसीटीवी कंट्रोल रूम बनाया गया था, ऐसा करने का मकसद था कि अगर बाजार में किसी तरह की वारदात होती है तो सीसीटीवी की मदद से उसे सुलझाया जा सके। लेकिन ये योजना धरातल पर नहीं उतर पाई।


CCTV कंट्रोल रूम बना नशेड़ियों का अड्डा

कंट्रोल रूम बनाने के बाद तय किया गया कि यहां एक पुलिसकर्मी ड्यूटी पर तैनात रहेगा। लेकिन ऐसा नहीं है, कंट्रोल रूम को ताला लगा दिया गया है। जब कभी बाजार में कोई बड़ी वारदात होती है तो पुलिसकर्मी सीसीटीवी फुटेज खंगालने के लिए यहां पहुंच जाते हैं। वरना कंट्रोल रूम की खैर खबर लेने वाला कोई नहीं होता। इतना जरूर है कि कंट्रोल रूम शराबियों और असामाजिक तत्वों का सुरक्षित अड्डा जरूर बन गया है। शराब की बोतलें यहां पर साफ देखी जा सकती हैं।

सुरक्षा को लेकर पुलिस भी लापहरवाह

नरेला मेन बाजार में कारोबार करने वाले कई दुकानदारों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि पुलिस सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। अगर किसी के साथ छिनैती या फिर किसी दुकान पर चोरी हो जाती है तो पुलिस ऐसे केस की जांच तक करना मुनासिब नहीं समझती। यही वजह है कि नरेला में दिनोंदिन आपराधिक वारदातों में इजाफा हो रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर पुलिस को सुरक्षा के नाम पर खानापूर्ति ही करनी है तो फिर बाजार में सीसीटीवी लगाने का क्या औचित्य है।

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