खामख्वाहः राष्ट्रपति के अरुणाचल दौरे पर चीन को आपत्ति

खामख्वाहः राष्ट्रपति के अरुणाचल दौरे पर चीन को आपत्ति

फाईल

दिल्ली। चीन ने अपने हेकड़ी कायम रखने की नीति पर चलते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अरूणाचल यात्रा का विरोध किया है। उन्होनें रविवार को अरुणाचल प्रदेश की यात्रा की थी।

अरूणाचल की यात्रा के लिए चीन की मंजूरी क्यांेः-
कोविंद की अरुणाचल प्रदेश यात्रा के बारे में पूछे जाने पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कंग ने मीडिया से कहा, चीन सरकार ने कभी भी तथाकथित अरुणाचल प्रदेश को स्वीकार नहीं किया और सीमा मुद्दे पर हमारी स्थिति दृढ़ और स्पष्ट है। गौरतलब है कि चीन नियमित रूप से किसी भी भारतीय अधिकारी की अरुणाचल प्रदेश यात्रा का विरोध करता आया है। भारत ने चीन की आपत्तियों को खारिज करते हुए कहा है कि अरुणाचल प्रदेश देश का एक अभिन्न अंग है और भारतीय नेता राज्य की यात्रा करने के लिए उतने ही स्वतंत्र है जितने कि देश के अन्य किसी हिस्से की।  लू ने कहा, श्हमे उम्मीद है कि भारत इसी दिशा में काम करेगा और द्विपक्षीय संबंधों की सामान्य तस्वीर को बनाए रखेगा तथा सीमा मुद्दे को जटिल बनाने से बचेगा ताकि सीमा मुद्दे पर बातचीत के लिए अनुकूल स्थिति बनाई जा सके। भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) 3,488 किलोमीटर लंबी है। चीन ने गत 6 नवंबर को रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के अरुणाचल प्रदेश के सीमाई इलाकों का दौरा करने पर भी विरोध जताया था। सीमा विवाद के समाधान के लिए दोनों पक्षों के विशेष प्रतिनिधियों द्वारा बातचीत के 19 दौर हो चुके हैं। उम्मीद है कि बातचीत का 20वां दौर अगले महीने नई दिल्ली में होगा। हालांकि अभी इसके तारीख की घोषणा अभी नहीं की गई है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और उनके चीनी समकक्ष यांग जेची सीमा वार्ता के लिए नामित विशेष प्रतिनिधि हैं।

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