कांग्रेस नेता प्रियरंजनदास मुंशी का निधन

कांग्रेस नेता प्रियरंजनदास मुंशी का निधन

फाईल

दिल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रियरंजन दासमुंशी का सोमवार को राजधानी के अपोलो अस्पताल में निधन हो गया। उनके सीने मे संक्रमण था। दिल का दौरा पड़ने के बाद वह नौ साल तक कोमा में रहे। विभिन्न पार्टियों के नेताओं के साथ भी उनके सहज संबंध थे, इसी बात का नतीजा था कि तत्कालीन राजग सरकार ने उनका ईलाज राजकीय खर्चे पर करवाने की घोषणा की थी।

     पिछले महीने सीने में संक्रमण के बाद उनके स्वास्थ्य में सुधार नहीं हो पाया। सोमवार दोपहर उन्होनें अंतिम सांस ली। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर शोक जाहिर किया है।
      प्रियरंजन दासमुंशी यूपीए सरकार के दौरान सूचना एवं प्रसारण मंत्री थे। वर्ष 2008 में उन्हें गंभीर रूप से दिल का दौरा पड़ा था। मस्तिष्क में ऑक्सीजन की कमी से हाईपॉक्सिया ब्रेन इंजरी हुई और मस्तिष्क की नसें प्रभावित हो गईं। इससे वह कोमा में चले गए और दो महीने तक आइसीयू में वेंटिलेटर पर थे। इसके बाद वह आइसीयू से बाहर आ गए। उनके सभी महत्वपूर्ण अंग सही से काम कर रहे थे, लेकिन मस्तिष्क काम नहीं कर रहा था। इसलिए अपोलो अस्पातल में ही भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा था।
वर्ष 2009 में उन्हें स्टेम सेल थेरेपी के लिए जर्मनी भी ले जाया गया था। फिर भी वह कोमा से बाहर नहीं आ पाए। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि एक महीने से उनकी तबीयत ज्यादा खराब थी। 21 अक्टूबर को सीने में संक्रमण के कारण आइसीयू में भर्ती किया गया। इसके बाद स्वास्थ्य में सुधार नहीं हो पाया।
ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन के अध्यक्ष भी रहे
13 नवंबर 1945 को जन्मे प्रियरंजन दासमुंशी वर्ष 1971 में पहली बार दक्षिण कलकत्ता संसदीय सीट से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे। वह पांच बार लोकसभा सदस्य रहे। उनकी खेलों, खासतौर पर फुटबॉल में विशेष रुचि थी। वह करीब 20 साल तक ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन के अध्यक्ष भी रहे।

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