क्राइम पेट्रोल देख कर बनाई थी लूट की प्लानिंग, दो गिरफ्तार

प्रेमिका से शादी की चाहत ने बना दिया लुटेरा...

दिल्ली।। (प्रदीप उज्जैन) नरेला दस लाख रुपये लूटे जाने की झूठी कहानी गढ़ने वाले एक कारखाना कर्मी को पुलिस ने उसके साथी सहित गिरफ्तार कर सारी रकम जब्त करने में कामयाबी हासिल की है। लूट की वजह प्रेमिका से शादी के वास्ते रकम का इंतजाम करना बताया गया है। मामला नरेला औद्योगिक थाना इलाके का है। मामले को सुलझाने वाली पुलिस टीम को उपायुक्त ने उचित ईनाम देने की घोषणा की है।

बाहरी-उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त गौरव शर्मा ने बताया 11 जुलाई को नरेला औद्योगिक इलाके में कारखानो चलाने वाले आशीष गर्ग ने अपने यहां कार्यरत गगनदीप नामक कर्मचारी को करोल बाग से दस लाख रुपये की रकम लाने के भेजा था। उस दिन देर रात गगनदीप ने नरेला औद्योगिक थाना पुलिस को बताया कि करोलबाग से वापसी के समय अपनी बाईक से होलंबी गांव के पास से गुजर रहा था तब पल्सर सवार दो युवकों ने उससे पैसों से भरा बैग छीन लिया। मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

उपायुक्त ने बताया कि जांच के लिए एसीपी गिरीश कौशिक के निर्देशन और थाना प्रभारी अरविंद के नेतृत्व में उपनिरीक्षक मनोज, हवलदार महेश तथा संदीप और सिपाही विनोद की टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस को शिकायतकर्ता के बयान विरोधाभासी लगे। गहन जांच के दौरान पता चला कि शिकायतकर्ता ने बीडनपुरा से किसी राह चलते व्यक्ति से फोन लेकर आशीष गर्ग को फोन करके अपने साथ लूट होने की बात कही थी। साथ ही उसने यह भी बताया कि जब उसने बदमाशों का पीछा किया तभी उसकी बाईक खराब हो गई।

पुलिस ने इस बयान की सत्यता जांचने के लिए बाईक मैकेनिक से संपर्क किया तो उसने बताया कि बाईक में इग्निशन का तार ढ़ीला था। ऐसा तभी होता है जब तार को जान-बूझकर खींचा जाए। मैकेनिक के इस बयान के बाद जांच दल का गगनदीप पर शक और भी गहरा गया। पुलिस ने आगे की जांच. में पता लगाया कि गगनदीप के पिता बीमार रहते हैं, इस वजह से घर में पैसे की तंगी है।

साथ ही यह भी पता चला कि बाईस वर्षीय गगनदीप किसी लड़की से प्यार करता है और आगामी बीस जुलाई का उससे शादी रचाने जा रहा है। इस हेतु उसे पैसे की आवश्यकता थी। उसे यह भी पता था कि आशीष गर्ग ने अपना कारोबार पानीपत शिफ्ट कर लिया था और पैसे लाने की यह आखिरी डील थी। इन सभी बातों को लेकर उसने लूट की योजना बनाई।

पुलिस के अनुसार जांच के दौरान गगनदीप ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और लूट में साथी रहे अपने दोस्त विवेक राघव के बारे में बताया। गगनदीप की निशानदेही पर पुलिस ने विवेक राघव को भी गिरफ्तार कर लिया और लूटी गई पूरी रकम बरामद कर ली।

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