Delhi: JBT Scam दिल्ली सरकार ने किया चौटाला की पैरोल याचिका का विरोध किया

नई दिल्ली।। दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट में इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) प्रमुख ओम प्रकाश चौटाला की पैरोल याचिका का विरोध किया। चौटाला को जेबीटी शिक्षक भर्ती घोटाले में 10 साल जेल की सजा सुनाई गई थी।

85 वर्षीय चौटाला ने एक अस्पताल के आईसीयू में भर्ती गंभीर रूप से बीमार अपनी पत्नी के साथ समय बिताने के लिए अदालत से तीन महीने की पैरोल की मांग थी। इस पर दिल्ली सरकार ने कहा कि चौटाला ने पहले उन्हें दी गई स्वतंत्रता का दुरुपयोग किया था और वह फिर से ऐसा करेंगे। जस्टिस संगीता ढींगरा सहगल ने याचिका पर दलीलें सुनने के बाद इस पर आगे की सुनवाई के लिए 25 अप्रैल को सूचीबद्ध कर दिया।

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न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, हाईकोर्ट ने संकेत दिया कि वह अपनी 83 वर्षीय पत्नी से मिलने और अपने दो बेटों के बीच विवाद को सुलझाने के लिए चौटाला की अर्जी पर विचार कर सकती है, लेकिन सामाजिक संबंधों को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से पैरोल देने के लिए इच्छुक नहीं थी। दिल्ली सरकार के स्थायी वकील (अपराधी) राहुल मेहरा ने कहा कि याचिका में पैरोल के लिए पर्याप्त आधार नहीं हैं और चौटाला को राहत नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि यह दिल्ली और हरियाणा में चुनावी समय है।

मेहरा ने दलील देते हुए कहा कि वह (चौटाला) मास्टर लिटिगैंट है। ये मुकदमे जारी रहेंगे। पारिवारिक विवाद खत्म नहीं होगा और ये दलीलें जारी रहेंगी। उन्होंने कहा कि उनके बेटे चुनाव में व्यस्त हैं। वह किस तरह के झगड़े को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी पत्नी वृद्धि और बीमार हैं और परिवार के 10 लोगों की देखभाल की जा रही है।

उन्होंने कहा कि ये लोग सात सितारा अस्पताल में रह रहे हैं, वहां विलासिता का आनंद ले रहे हैं, अदालत द्वारा दी गई स्वतंत्रता का दुरुपयोग करते हुए।

चौटाला की तरफ से वरिष्ठ वकील एन. हरिहरन ने कहा कि उनका मुवक्किल अपनी पत्नी के साथ संबंध बहाल करने का हकदार था। चौटाला ने कहा कि मैं सामाजिक संबंधों को बहाल करने का भी हकदार हूं।

इनेलो नेता ने वकील अमित साहनी के माध्यम से दायर अपनी याचिका में कहा है कि उन्होंने नवंबर 2018 में जेल अधिकारियों के साथ पैरोल के लिए आवेदन किया था। आवेदन में, उन्होंने दावा किया कि परिवार के मुखिया होने के नाते उन्हें अपने दो बेटों के बीच विवाद का निपटारा करना है।

पैरोल के लिए एक और आधार अपनी बीमार पत्नी की देखभाल करना था, जो उम्र संबंधी पुरानी विभिन्न बीमारियों से पीड़ित है। चौटाला की पैरोल याचिका को दिल्ली के गृह मंत्रालय ने इस साल जनवरी में इस आधार पर खारिज कर दिया था कि उन्होंने 2018 में दो सप्ताह की पैरोल और सात सप्ताह की फरलो का लाभ उठाया था।

इससे पहले दिसंबर 2017 में, चौटाला को अपनी बीमार पत्नी की देखभाल के लिए दो सप्ताह की पैरोल दी गई थी। मार्च 2017 में, हाईकोर्ट ने पूरे हरियाणा में सार्वजनिक बैठकों में भाग लेने के लिए उनकी पैरोल को रद्द कर दिया था। चौटाला के अलावा उनके बड़े बेटे अजय चौटाला और तीन अन्य लोग इस मामले में 10 साल की जेल की सजा काट रहे हैं।

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