देवबंद ने हज यात्रा को लेकर जारी किया फतवा

फोटो और वीडियोग्राफी इस्लाम में सख्त हराम है। 

असल न्यूज़ : (बलराम गंगावली) सहारनपुर। दारुल उलूम देवबंद ने हज यात्रा को लेकर नया फतवा जारी किया है। दारुल उलूम के इफ्ता विभाग ने आजमीन-ए-हज के लिए फतवा जारी करते हुए कहा कि हज पर जाने वाले हर यात्री को अपनी बुराइयों की अल्लाह से तौबा करनी चाहिए। फतवे में यह भी हिदायत दी गई कि हाजी को फोटो और वीडियोग्राफी से भी गुरेज करना चाहिए।

उलेमाओं ने कहा कि जो शख्स जब भी हज पर जाने का मन बनाता है, तो उसे हज यात्रा के दौरान और उसके बाद भी अपनी जिंदगी को साफ-सुथरी और ईमानदारी के साथ गुजारनी चाहिए।

हाजी को झूठ, फरेब, बदजबानी और शोहरत के लिए दावतों की रस्मों से बचना चाहिए।

जारी फतवे में यह भी हिदायत दी गई कि हज यात्रा पर जाने वाले हाजी को फोटो और वीडियोग्राफी कराने से भी गुरेज करना चाहिए। फोटो और वीडियोग्राफी इस्लाम में सख्त हराम है।

अगस्त महीने के अंत में हज के लिए हज यात्रियों का जत्था जाने के लिए तैयार है। इसके लिए बाकायदा फतवों की नगरी देवबंद में हज यात्रियों को ट्रेनिंग दी गई है।

कुछ लोग शान-ओ-शौकत के लिए हज यात्रा करते हैं, तो कुछ अल्लाह की इबादत के लिए हज यात्रा पर जाते हैं। जिसके चलते हज पर जाने से पहले और घर वापसी के बाद लोगों ने कुछ रस्में बनाई हैं।

इन्हीं रस्मों को लेकर देवबंदवासी फैजी सिद्दीकी ने दारुल उलूम के इफ्ता विभाग के मुफ्ती-ए-कराम से फतवा मांगा है।

फतवे के दायरे में आएंगे ये सब शान-ओ-शौकत और दिखावे के लिए बसों में भरकर हाजी को लेने और छोड़ने जाना, नारेबाजी करना, फूलों के हार डालना, नमाज छोड़ना, बदले की नजर से तोहफे देना बड़े गुनाह में शामिल है।

फतवे में कहा गया कि इन सब बातों के करने से हज इंदल्लाह मरदूद हो जाने का अंदेशा हो जाने से हज का सवाब सख्त गुनाह में बदल जाता है। मुफ्ती-ए-कराम ने कहा कि कबूतरों के के लिए दाना डालना जायज नहीं है और रस्मी कामों को खत्म कर सुन्नत के मुताबिक घर से एयरपोर्ट तक एक-दो लोगों के आने-जाने में कोई गुनाह नहीं है।

उन्होंने जारी फतवें में कहा कि आजमीन-ए-हज को घर से हज तक हर छोटी से छोटी बात का ध्यान रखना आवश्यक है। इसके बाद ही हज यात्रा और अल्लाह की इबादत पूरी होती है।

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