home loan पर Emi का बोझ हो जाएगा कम, अपनाइए ये तरीके !

असल न्यूज़ : देश में अधिकांश लोगों के लिए आज भी एक घर का मालिक होना एक सपना है। वजह, कम आय और बढ़ते खर्चें, जिसके चलते वे ईएमआई का बोझ उठाने में असमर्थ हैं। वहीं, दूसरी ओर किफायती घरों की मांग में बढ़ोतरी के साथ, एलआईजी और एमआईजी खरीदारों के लिए आकर्षक सब्सिडी योजना के साथ पहली बार प्रॉपर्टी खरीदार की औसत आयु में कमी आई है।
लोग कम उम्र में घर खरीदने का निर्णय ले रहे हैं, जिसके चलते नकदी की तंगी वाली स्थिति पैदा हो रही है। लेकिन, थोड़ी समझदारी से योजना बना कर इससे संकट से पार पाया जा सकता है। आइए जानते हैं कि कैसे आय में बढ़ोतरी किए बिना ईएमआई का बोझ घटा सकते हैं।

1. समझदारी व वित्तीय अनुशासन है जरूरी:

होम लोन की ईएमआई को कम करने के कई तरीके हैं। इसका फायदा उठाने के लिए वित्तीय अनुशासन के साथ दूरदर्शी होना चाहिए। याद रखिए कि एक घर आपको सुरक्षा दे सकती है। यदि यह वित्तीय प्रतिबद्धताओं के साथ संतुलित है।

2. बोनस का सही इस्‍तेमाल:

अधिकांश कॉर्पोरेट कर्मचारी एक वार्षिक बोनस प्राप्त करते हैं। बोनस को प्रत्येक वर्ष अतिरिक्त ईएमआई का भुगतान करने के लिए उपयोग किया जा सकता है। जब आप अपनी ऋण राशि जल्दी चुकाना प्रारंभ करते हैं, यह ऋण पुनर्भुगतान की समयावधि को घटाता है। ब्याज लागत को घटाता है और प्रभावी रूप से ईएमआई का बोझ कम करने में मदद करता है।

3. नियमित अंतरालों पर एकमुश्त भुगतान:

होम लोन का बोझ कम करने के लिए आप नियमित अंतराल पर एकमुश्त भुगतान करें। यह आपकी पैतृक संपत्ति की आय, जीवन बीमा पॉलिसियों से मनीबैक राशि या कुछ अन्य स्रोत के रूप में हो सकता है। 50 लाख रुपए के गृह ऋण पर 3 साल बाद सिर्फ एक लाख रुपए का पुनर्भुगतान करके आप 1.88 लाख रुपए तक बचा सकते हैं।

4. लंबी अवधि के लिए लें होम लोन:

आप उन लोगों में से एक हैं जो अनुभव करते हैं कि आपकी मासिक होम लोन की ईएमआई का भुगतान करने के बाद वास्तव में कुछ भी नहीं बचता है, तो आप अकेले नहीं हैं। ऐसी स्थिति से ज्यादातर लोग जुझते हैं। इस स्थिति से बचने के लिए आप होम लोन की अवधि को थोड़ा बढ़ाकर ईएमआई बोझ को कम कर सकते हैं।

5. दूसरे बैंक में होम लोन को ट्रांसफर:

आपको अगर कोई बैंक होम लोन पर बेहतर छूट प्रदान करता है, तो यह लोन बदलने का अच्छा विकल्प हो सकता है। यह आपको कम ईएमआई प्राप्त करने में मदद कर सकता है। ऐसे मामलों में आपके ऋण को हस्तांतरित करने में सम्मिलित लागतों जैसे शुल्क, मॉर्टगेज पर स्टांप ड्यूटी आदि की गणना करना महत्वपूर्ण है जिससे यह सुनिश्चित किया जाए कि लागतें आपके नए ऋणदाता के साथ बचतों से अधिक नहीं है।

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