बाढ में उजड़ गया परिवार, पाई पाई को मोहताज महिला || Asal News

Family ruined in flood, paternal grandfather; Asal News

बिहार में बाढ़ के सैलाब का कहर दिल्ली तक। जी हाँ ये खबर नहीं बल्कि एक दर्द भरी कहानी है, उस पत्नी की जो अपनें पती के ईलाज के लिए देश के नामी अस्पताल अपोलो आई थी। महज कुछ दिनों में लाखों रुपए ईलाज में खर्च हो गए। उसी दौरान बिहार में बाढ़ आ गया, उस मरिज का सारा गाँव पानी के सैलाब में बह गया। ना तो घर बचा- ना खेत और नाहीं खलिहान। उधर गाँव में सारा बरबाद हो गया और ईधर अपनें पती के इलाज के लिए अपनें गहनें तक बेंच दिए, उसके बावजूद भी इलाज का खर्चा नहीं निकल रहा, उधर अस्पताल बार-बार लाखों रुपए के बील भुगतान का बात बोल रहा है।
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सबसे पहले कुछ तस्वीरें उस सैलाब की जिसने इस और की सारी दुनियां ही उजाड़ दी। बिहार के पश्चिम चम्पारण से अपने पति के इलाज के लिए आई ये महिला आज पाई-पाई के लिए मोहताज है। इसकी आँखें उस सहारे के ईंतजार में है,, कि कोई उसे मदद करे ताकि इसके पति की जान बच सके। ये तस्वीर है इस महिला के पति की। बिहार से बेहतर ईलाज के लिए ये महिला दिल्ली के अपोलो अस्पताल में 4 अगस्त को आई थी। अभी तक लगभग 8 लाख रुपए अस्पताल में इलाज के दौरान खर्च हो गए हैं। लेकिन इनके पति की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। इलाज के दौरान बिहार में भारी बाढ़ आ गई। बाढ़ का सैलाब इतना भयानक था, कि इसका गाँव पूरी तरह उजड़ गया। चारों तरफ पानी और सिर्फ पानी, कहीं से किसी से भी मदद की कोई गुंजाईश नहीं है। बमुश्किल कुछ लोगों से बात तो जा पाती है। लेकिन मदद के नाम पर वे लोग भी बाढ़ की तबाही का रोना रो रहे हैं। एक दिन जरुरी दवाई खरिदने के लिए इस महिला नें अपनें गले के सोनें का चैन बेच दिया। लेकिन इलाज की हालात देखते हुए, वो पैसा भी कम पड़ा। महिला का आरोप है इस चौतरफा आफत में अस्पताल उनसे लगातार बकाया बिल के भुगतान के लिए मजबूर कर रहा है। कहीं मदद की आस नहीं मिलनें पर महिला नें गुरुवार को 100 पर कॉल करके पुलिस को सारी आपबीती बताई, और स्थानिए थाने में अस्पताल में हो रही परेशानी के बाबत शिकायत भी दी।
Byte :- प्रिती कुमार, मरीज की पत्नी
V/o 2 :- तो आपने सूना इस मजबूर महिला की दर्द भरी दास्तां मरीज के पत्नी के साथ कुछ रिश्तेदार भी यहाँ मौजूद हैं। उनका आरोप है कि अस्पताल में शुरु में 4 लाख रुपए का खर्च बताया था..लेकिन देखते देखते इलाज में 8 लाख से जादा खर्च हो गया। इतना हीं नहीं मरीज जब यहाँ आया था तो बात कर रहा था। लेकिन ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत सुधरने के बजाए बिगड़नें लगी। अब अस्पताल लगातार बकाया पैसे मांग रहा है। परेशान मरीज के इन परिजनों को अब पुलिस और सरकार से मदद की आस है।
Byte :- म. जमाल, मरिज के रिश्तेदार (सफेद शर्ट)
Byte :- उस्मानुल्लाह, मरिज के बड़े भाई
अब इसे किस्मत की आफत कहें या अस्पताल की गलती। क्या ईंसानी जान की कीमत सच में पैसे के वजन से आंकी जाएगी, या फिर इंसानियत भी कोई चीज होती है। बहरहाल अब देखना ये है, कि इस खबर को देखनें के बाद इस महिला को कितनें हाथ मदद के लिए आगे आते हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट, इंडिया न्यूज़

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