विदेशी वैज्ञानिक गांव के किसानों से रुबरु हुए…

असल न्यूज : प्रवीन कुमार हिसार के गांव सारगंपुर में दी फोरेस्ट ट्रस्ट सामाजिक संस्था ने  आज मिट्टी बोले नामक कार्यक्रम की शुभारम्भ किया।  मिट्टी बोले नया प्रोग्राम जिसमे इण्डिया की खराब होती मिट्टी को फि र से जीवंत करने की मुहिम चलाई गई है। टीएफ टी इंडिया के कंट्री मैनेजर नरेश चौधरी के अनुसार किसानों को मिट्टी की उपजाऊ शीलता को बढ़ाने के लिए मुहिम की शुरुआत हरियाणा से की है। आज दी फोरेस्ट ट्रस्ट ने मिट्टी बोले नामक नए प्रोग्राम की शुुरुवात की है। जिसके तहत विदेशी विशेषज्ञो ने  सारंगपुर के किसानों को मिट्टी को उपजाऊ बनाने के बारे में जानकारिया दी। जिसके पहले चरण में हरियाणा के हिसार में तथा पंजाब के किसानों को सहयोग दिया जायेगा । भारत मिट्टी के पतन की कगार पर खड़ा है । एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार 350 मिलियन हेक्टेयर मिट्टी मे से 120 मिलियन हेक्टेयर मिट्टी खराब होने की कगार पर है जिसका असर खेती की पैदावार वातावरण और मानव स्वास्थ पर पड़ रहा है ।

मिट्टी बोले  इंडिया की मिट्टी को वापिस उपजाऊ बनाने के लिए एक मुहिम है। कई सालों की मेहनत और 2000 किसानों को सहयोग करने के बाद टीएफटी  इडिया अब मिट्टी बोले कार्यक्रम अन्तर्गत पूरे देश के किसानों को लाभ पहुचाना चाहती है । टीएफ टी इंडिया के कंट्री मैनेजर नरेश चौधरी के अनुसार कृषि को ज्यादा लाभदायक बनाने के लिए पुराने तरीकों का आधुनिकीकरण करके फि र से शुरु करना होगा ताकि केमिकल और ओर्गेनिक पदार्थों के बीच बैलेंस बना रहे और मिट्टी कोई इस्तेमाल कर फेंकने की वस्तु नहीं है अपितु इसकी देखभाल अत्यंत आवश्यक है टीएफटी एक समाजिक संस्था है जो व्यापार जगत के साथ मिलकर उसमें सम्मिलित सभी लोगों की व कुदरत के भले के लिए पूरे विश्व में काम कर रही है ।

आज इसी विषय पर फ्रांस के दो विश्व प्रसिद्ध मिट्टी विशेषज्ञ मिस्टर क्लोड व मिस लिडिया ने हिसार में मिट्टी की जांच कर किसानों को उपयोगी सुझाव दिए। विशेषज्ञों और बाकी शोध कर्ता संस्थाओं की मदद से मिट्टी बोले  मुहिम में किसानों के साथ मिल कर काम करने जा रही है जिसमे उर्वरक व कीटनाशक के ऊपर निर्भर ना होकर उत्तम तरीकों से खेती करना सिखाया जायेगा । टीएफ टी  फ्र ांस के मैम्बर मैनेजर ग्रेगोर जैकब और वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी रामचन्द्र फ ड़के ने बताया कि प्रोग्राम में मिट्टी पर बुरा प्रभाव डालने वाले कारण जैसे कि पेड़ों को काटना, उद्योगों से निकलने वाला गन्दगी पशुओं द्वारा खेतों मे चरना गलत खेती बाड़ी के तरीक़े, खराब सिंचाई आदि के बारें में ट्रेनिँग दी गई। सारंगपुर के किसान कृष्ण कुमार, आत्माराम, अमर सिंह, मनोज उनकी जमीन अत्याधिक उपजाई नही है जिसके कारण उनकी फसलों का उत्पादन में बढोतरी रही हो रही है। फसलो में सूखा पन आ रहा है। सरसों की फसलों में सुखा तन आ जाता है नरमा की फसल पर ऐसा होता है उन्होंने बताया कि ऊपरी हिस्से की मिट्टी खराब है टयूबैल का पानी यहां का ठीक नही है।  उन्होंने बताया कि आज विदेशी वैज्ञानिकों की टीम उनके गांव में आई जिससे उन्हे कई प्रकार की जानकारियां दी गई है। उन्होंने बताया कि मिट्टी में पानी कम देना चाहिए

टीएफ टी इंडिया के कंट्री मैनेजर नरेश चौधरी के अनुसार किसानों को मिट्टी की उपजाऊ शीलता को बढ़ाने के लिए मुहिम की शुरुआत हरियाणा से की है। आज दी फोरेस्ट ट्रस्ट ने मिट्टी बोले नामक नए प्रोग्राम की शुुरुवात की है। जिसके तहत विदेशी विशेषज्ञो ने  सारंगपुर के किसानों को मिट्टी को उपजाऊ बनाने के बारे में जानकारिया दी। जिसके पहले चरण में हरियाणा के हिसार में तथा पंजाब के किसानों को सहयोग दिया जायेगा । भारत मिट्टी के पतन की कगार पर खड़ा है । एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार 350 मिलियन हेक्टेयर मिट्टी मे से 120 मिलियन हेक्टेयर मिट्टी खराब होने की कगार पर है जिसका असर खेती की पैदावार वातावरण और मानव स्वास्थ पर पड़ रहा है । मिट्टी बोले  इंडिया की मिट्टी को वापिस उपजाऊ बनाने के लिए एक मुहिम है। कई सालों की मेहनत और 2000 किसानों को सहयोग करने के बाद टीएफटी  इडिया अब मिट्टी बोले कार्यक्रम अन्तर्गत पूरे देश के किसानों को लाभ पहुचाना चाहती है । टीएफ टी इंडिया के कंट्री मैनेजर नरेश चौधरी के अनुसार कृषि को ज्यादा लाभदायक बनाने के लिए पुराने तरीकों का आधुनिकीकरण करके फि र से शुरु करना होगा ताकि केमिकल और ओर्गेनिक पदार्थों के बीच बैलेंस बना रहे और मिट्टी कोई इस्तेमाल कर फेंकने की वस्तु नहीं है अपितु इसकी देखभाल अत्यंत आवश्यक है टीएफटी एक समाजिक संस्था है जो व्यापार जगत के साथ मिलकर उसमें सम्मिलित सभी लोगों की व कुदरत के भले के लिए पूरे विश्व में काम कर रही है ।

 

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