गैंगस्टर विक्की गौंडर को दर्जन भर गोलियों का जवाब 40 गोलियों से दिया गया, जानिए एनकाउंटर की पूरी कहानी

पंजाब।।(असल न्यूज़ )गैंगस्टर विक्की गौंडर और प्रेमा लाहोरिया को पकड़ने के दौरान हुए एनकाउंटर की जानकारी देते हुए पंजाब पुलिस प्रमुख ने बताया कि पुलिस टीम को 26 जनवरी को सूचना मिली थी कि दोनों अपराधी गांव पंजावा में एक अड्डे पर छिपे हैं। यह भी पता लगा कि लखविंदर सिंह उर्फ लक्खा पुत्र इकबाल सिंह, जोकि विक्की गौंडर का करीबी था, वह भी उसी गांव में रह रहा है।

इसी दौरान पुलिस टीम को पता लगा कि दोनों गैंगस्टर लखविंदर सिंह उर्फ लक्खा की ढाहणी पर छिपे हैं। खुफिया तरीके से ढाहणी की पूरी छानबीन करने के बाद आपरेशन के लिए 35 पुलिस अधिकारियों की पांच टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने शुक्रवार सुबह 5.30 बजे आपरेशन शुरू किया। पुलिस की एक हथियारबंद टीम ने मकान की छत पर चढ़कर पूरे घर को अपनी निगरानी में ले लिया, वहीं दूसरी पुलिस टीम ने घर की पिछली दीवार के साथ मोर्चाबंदी कर ली।

इस मकान के तीन दरवाजे हैं, जिसे देखते हुए पुलिस की तीसरी टीम मुख्य गेट से अंदर पहुंची जबकि बाकी टीमों ने अन्य दो दरवाजों के निकट पोजीशन संभाल ली। डीजीपी के अनुसार, छत पर दबे पांव पुलिस टीम के पहुंचने के बावजूद कुछ आवाज होने से घर में छिपे लोगों को पुलिस के आने की भनक लग गई। कमरे में छिपे तीनों आनन-फानन में बाहर निकलकर भागे। इस दौरान उन्होंने पुलिस पर फायरिंग भी शुरू कर दी। तीनों व्यक्तियों में से एक मकान के पास ही खड़ी मिनी बस की आड़ में छिप गया।

इस बीच दोनों गैंगस्टर मकान की पिछली दीवार की तरफ भागे। तभी मिनी बस के पीछे छिपे व्यक्ति ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी ताकि पुलिस का ध्यान बंट जाए और दोनों गैंगस्टर बच निकालने में सफल रहें। डीजीपी के अनुसार, इस दौरान भी पुलिस की तरफ से उन्हें आत्मसमर्पण के लिए बार-बार कहा गया, जिसके जवाब में दोनों गैंगस्टर और उनका साधी लगातार पुलिस टीमों पर गोलीबारी करते रहे।

इससे एसआई बलविंदर सिंह और एएसआई कृपाल सिंह जख्मी हो गए। आखिरकार पुलिस टीमों ने तीनों अपराधियों के खिलाफ फायर खोलना पड़ा। छत्त में पोजीशन लिए हुए पुलिस टीम की गोली लगने से मिनी बस के पीछे छिपकर फायर कर रहा व्यक्ति घायल हो गया जबकि मकान की पिछली दीवार फांदते हुए प्रेमा लाहोरिया को गोली लगी और दीवार के पार जा गिरा।इसी बीच विक्की गौंडर भी पुलिस की गोली नहीं बच सका। डीजीपी ने बताया कि पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गौंडर और लाहौरिया मारे गए जबकि उनके तीसरे साथी को दोनों तरफ की गोलीबारी के दौरान लगी चोटों के कारण इलाज के लिए अबोहर के अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज दौरान उस की मौत हो गई।

एनकाउंटर के बाद पता चला घटनास्थल राजस्थान में है

डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने बताया कि एनकाउंटर के बाद गैंगस्टरों के छिपने वाली जगह की छानबीन की गई तो पता चला कि यह ढाहणी तो राजस्थान की सीमा में गांव पक्की थाना हिंदूमल कोट जिला गंगानगर का हिस्सा है, जो पंजाब सीमा से महज 50 मीटर दूर है। उन्होंने बताया कि गैंगस्टर दो दिन से इस ढाहणी में छिपे थे। चूंकि आपरेशन राजस्थान सीमा के भीतर किया जा चुका था, इसलिए तुरंत इसकी जानकारी एसपी गंगानगर और एसएचओ थाना हिन्दूमल्ल कोट से साझा की गई और वह अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।

गौंडर पर 7 और प्रेमा पर था 2 लाख का इनाम

सुरेश अरोड़ा ने बताया कि गौंडर पर पंजाब पुलिस ने 7 लाख रुपये और बाकी इनाम राजस्थान पुलिस ने रखा था। वहीं, प्रेमा लाहोरिया पर 2 लाख का इनाम रखा गया था। उन्होंने बताया कि गौंडर सोशल मीडिया के द्वारा आतंकवादी गतिविधियों को फैलाने और अपने विरोधी गिरोहों और पुलिस अफसरों को निशाना बनाने के लिए धमकी देने के साधन के तौर पर इस्तेमाल कर रहा था। वह बहुत से फेसबुक्क अकाउंटस का भी प्रयोग कर रहा था जो कि खाड़ी देशों, साइप्रस और जर्मनी सहित विभिन्न देशों से उसके सहयोगियों द्वारा चलाए जा रहे थे। इस मौके पर डीजीपी इंटेलिजेंस दिनकर गुप्ता ने खुलासा किया कि गौंडर के विभिन्न फेसबुक खातों में कुल एक लाख फालोअर थे और सभी खातों में कुल 4-5 लाख फेसबुक फालोअर थे।

अभी पंजाब में सक्रिय हैं 17 अन्य गैंगस्टर : अरोड़ा

पंजाब पुलिस प्रमुख सुरेश अरोड़ा का कहना है कि जनवरी 2017 तक राज्य में ए श्रेणी के 17 और बी श्रेणी के 21 गैंग सक्रिय थे। लेकिन एक साल के दौरान कुछ गैंगस्टरों को गिरफ्तार या ख़त्म कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस समय संगठित अपराध नियंत्रण इकाई (ओसीसीयू) की तरफ से ए श्रेणी के 8 और बी श्रेणी के 9 बाकी बचे गैंगस्टरों को काबू करने पर ध्यान दिया जा रहा है।

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