Ghaziabad: दलित परिवार के घर पर दबंगों ने हमला कर, घर में तोड़फोड़ की

उत्तर-प्रदेश।।(अर्श मालिक) गाजियाबाद में दलित परिवार के घर पर दबंगों ने हमला कर दिया। और घर में तोड़फोड़ की। मामला गाजियाबाद के पॉश इलाके वसुंधरा का है। जहां पर एक सोसायटी में रहने वाले दलित परिवार पर अत्याचार का आरोप है। रविवार की शाम कुछ अज्ञात लोग सोसायटी के दबंगों के साथ आए, और खुद को आवास विकास का कर्मचारी बताने लगे । इसके बाद दलित की झुग्गी और ठीये को अवैध बता कर तोड़ दिया। दलित का सामान भी तोड़ दिया गया। और वहां मौजूद रुपए भी लूट लिए गए।
गाजियाबाद के वसुंधरा इलाके की वार्ता लोक सोसायटी में दबंगों का कहर देखने को मिला है। आरोप है कि यहां पर रहने वाले एक दलित परिवार पर सोसायटी के कुछ दबंग लोगों ने अज्ञात लोगों के साथ मिलकर हमला कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि सोसाइटी में पिछले 17 सालों से कपड़े प्रेस करने का काम करता है। जिस जगह पर वह, यह काम करता है ,वह उसे सोसाइटी से ही मिली है। और मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
आरोप है कि आरडब्लूए से जुड़े हुए कुछ दबंग लोग उस पर घरों में झाड़ू पोछा और गाड़ियां साफ करने का दबाव बनाते हैं। इसके एवज में वह उसे कुछ भी नहीं देते हैं । यही नहीं दलित को सोसाइटी में रहने के एवज में उससे एक लाख रुपये की मांग दबंगो की तरफ से की जाती हैं । जब पीड़ित ने यह सब कुछ करने से इंकार कर दिया, तो दबंगों का कहर उस पर फूट पड़ा। आरोप है कि कुछ लोग रविवार की शाम को आए, और पुलिस की मौजूदगी में ही दलित के घर में तोड़फोड़ शुरू कर दी। और पूरे सामान भी नष्ट कर दिया। घर में रखे हुए रुपए भी दबंग लूट कर ले गए।
कपड़े प्रेस करके दलित अपनी बेटी को पढ़ा लिखा रहा है। बेटी भी काफी होनहार है। और 97% अंक हाल ही में दसवीं क्लास में लेकर आई थी। पीड़ित का कहना है कि वह किसी तरह से गुजर-बसर कर रहा है। और सोसाइटी में कुछ दबंग चाहते हैं, कि दलित उनके इशारों पर ही काम करें। जबकि सोसायटी के बाकी लोग दलित परिवार की मदद भी करते हैं। पीड़ित का आरोप है कि उसको जातिसूचक शब्द भी कहे गए। और घर में मौजूद बेटी, पत्नी और बेटे के साथ मारपीट तक की गई। इस मामले की कवरेज करने गए मीडिया कर्मियों के साथ पी पुलिस के सामने ही बदसलूकी की गई।
पूरे मामले में पुलिस को शिकायत दी गई है। और पुलिस आरोपों की जांच की बात कह रही है। एनसीआर में आवास विकास कि दर्जनों ऐसी इमारतें हैं, जो अवैध रूप से बनी हुई है। लेकिन अब तक उन पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। मगर एक दलित की झुग्गी झोपड़ी तोड़ने के लिए आवास विकास की कथित टीम रविवार को भी काम करने पर लग गई। इससे कहीं ना कहीं भ्रष्टाचार की बू आती है। बहराल पूरा मामला जांच का विषय है। और इस बात की भी जांच की जाएगी कि जो लोग मकान तोड़ने के लिए आए थे, वह वाकई आवास विकास से थे भी या नहीं ।लेकिन उनके साथ मौजूद दबंगों ने जो मारपीट दलित परिवार के साथ की है, और उसका घर  तोड़ा है। उस पर कब तक कार्यवाही होगी। यह भी बड़ा सवाल है।

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