घरेलू नौकरानियां बनकर करती हैं चोरी, एक करोड़ के जेवरात बरामद

घरेलू नौकरानियां बनकर करती हैं चोरी, एक करोड़ के जेवरात बरामद
दिल्ली। उनकी नजर पारखी है। हीरे और सोने के जेवरात को पहचानने में सुनार भले ही एक बार धोखा खा जाए, पर क्या मजाल कि गिरोह की मेंबर चूक कर दें। घरेलू नौकरानी बनकर दिल्ली तथा एनसीआर में सेंधमारी और चोरी की अनेक वारदातों को अंजाम दे चुकीं एक संगठित गिरोह की सात सदस्यों को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया है। बिहार की रहने वाली ये चोरनियां वारदातों को अंजाम देने के बाद अपने गृह राज्य में निकल जाती थीं।
     अपराध शाखा अंतर्गत स्टार-1 टीम ने चोरी और सेंधमारी की लगातार बढ़ती वारदातों के मद्देनजर अपराधियों को पकड़ने के लिए एक टीम का गठन किया गया। पुलिस उपायुक्त डाॅक्टर जी रामगोपाल नायक ने बताया कि पांच मामलों की जांच का जिम्मा अपराध शाखा को सौंपा जा चुका था। विभिन्न मामलों की जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज आदि जांचने के बाद टीम को वारदातों को अंजाम देने वाले कई महिलाओं के चेहरे बार-बार विभिन्न वारदातों में दिखे।
     उनकी कार्यप्रणाली का अध्ययन करने पर पाया गया कि ये महिलाएं घरेलू नौकरानियों के रूप में विभिन्न घरों में काम मांगने के बाद मौका पाकर हीरे और सोने आदि कीमती धातुओं के जेवर चुराकर फरार हो जाती थीं। इस काम को अंजाम देने के लिए आमतौर पर दो महिलाएं काम करती थीं। इनमें से एक अल्मारियों आदि के लाॅकर्स तोड़ने में एक्सपर्ट होती थी।
    उपायुक्त ने बताया कि टीम ने एक सूचना के आधार पर इस गिरोह की पांच महिलाओं को गाजीपुर बस स्टैंड के पास से दबोचा। उनके कब्जे से चोरी-सेंधमारी के एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के जेवरात मिले हैं। मामले की जांच में एसीपी ईश्वर सिंह के निर्देशन और इंस्पेक्टर अरविंद के नेतृत्व वाली टीम ने दिन-रात मेहनत की।
   उपायुक्त ने बताया कि ये महिलाएं भागलपुर, बिहार की रहने वाली हैं। वारदातों को अंजाम देने के बाद ये तुरंत ही दिल्ली छोड़कर चल देती थीं। चोरी के माल को भी ये बिहार में ही जाकर बेचती थीं ताकि पकड़ी न जा सकें। इन पांच के अलावा दो और चोर महिलाओं को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

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