यदि आप भी करते हैं देर से नाश्ता, तो हो जाए सावधान, पड़ सकता है दिल का दौरा..

एक शोध से पता चला है कि जो लोग देर से नाश्ता करते हैं या ज्यादा देर खाली पेट रहते हैं उनमें दिल के दौर पड़ने का खतरा ज्यादा रहता है।

असल न्यूज़ : बदलती लाइफ स्टाइल के चलते लोग अपने खान पान का ध्यान नहीं रख पाते हैं। देर तक खाली पेट काम करने से शरीर में कई बीमारियां पनपने लगती हैं। इनमें से एक बीमारी दिल का दौरा है। अगर आप भी सुबह नाश्ता नहीं करने और रात को देर से खाने वालों में शुमार हैं, तो संभल जाएं। हालिया शोध के मुताबिक, ऐसा करने से दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। यह आदत असमय मौत के खतरे को भी बढ़ा सकती है।

यूरोपीय विज्ञान पत्रिका प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी में यह शोध प्रकाशित किया गया है। इसमें कहा गया है कि खाने को लेकर इस तरह की अनियमित दिनचर्या वालों को संभलकर रहना चाहिए। अगर उन्हें एक बार दिल का दौरा पड़ चुका हो, तो यह आदत दोबारा दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ा देती है।

ब्राजील की साओ पाओलो स्टेट यूनिवर्सिटी के माकरेस मिनिसुकी ने कहा, ‘खाने का आदतों का सेहत पर असर पड़ता है। वहीं दिल के दौरे के बाद ऐसी आदतें स्थिति को और बिगाड़ देती हैं।’ अध्ययन के दौरान 113 मरीजों को शामिल किया गया था, जिनकी औसत उम्र 60 साल थी। इनमें से 73 फीसद पुरुष थे।  

अकसर लोग दिल की बीमारियों के शुरुआती लक्षणों को नजर अंदाज कर देते हैं। शोध से पता चला है कि जो लोग देर से खाना खाते हैं उनमें दिल के दौरे का खतरा बढ़ जाता है। दौरे के दौरान दिल की धमनियों में पैदा होने वाली रुकावट से रक्त में थक्के का निर्माण होता है। जो कि धमनियों में रक्त प्रवाह रोक देता है। रक्त का प्रवाह कम हो जाने से सांस लेने में काफी दिक्कत होती है।

ब्रेकफास्ट छोड़ने से इन बीमारियों का खतरा

दिनभर सुस्ती और थकान

अगर आप सुबह का नाश्ता छोड़ देते हैं तो आपको दिनभर सुस्ती और थकान महसूस होगी, भले ही आपने खाने में भरपेट भोजन कर लिया हो। असल में सुबह के समय पेट पोषक तत्वों को अवशोषित करने के लिए तैयार होता है। ऐसे में अगर आप नाश्ता छोड़ देते हैं तो इससे शरीर को दिन भर के काम के लिए ऊर्जा नहीं मिल पाती है और आपको दिनभर सुस्ती और थकान महसूस होती है।

टाइप 2 डायबिटीज का हाई रिस्क

आपके खाने की आदत और आपकी सेहत का गहरा ताल्लुक होता है। जो लोग अक्सर सुबह का नाश्ता छोड़ देते हैं या जल्दबाजी में आधा-अधूरा करते हैं उन्हें टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बहुत ज्यादा होता है। इससे आपका ब्लड शुगर लेवल प्रभावित होता है और ब्लड शुगर के प्रभाव से आपको डिप्रेशन, टेंशन और बेचैनी भी हो सकती है। ब्लड शुगर के एक स्तर से ज्यादा गिर जाने से शरीर में एनर्जी लेवल प्रभावित होता है और इसके परिणाम घातक हो सकते हैं।

माइग्रेन हो सकता है

ब्लड शुगर के लो होने को मेडिकल की भाषा में हाइपोग्लीसीमिया कहते हैं। अगर आप अक्सर सुबह का नाश्ता छोड़ देते हैं तो आपके ब्लड में शुगर लेवल बहुत ज्यादा गिर जाता है क्योंकि आमतौर पर आपने 8-10 घंटे से कुछ नहीं खाया होता है। ब्लड शुगर का स्तर गिरने से आपके दिमाग में ऐसे हार्मोन्स का उत्सर्जन शुरू हो जाता है जो सिर दर्द और तनाव के लिए जिम्मेदार होती हैं।

इम्यूनिटी होती है प्रभावित

शरीर की इम्यूनिटी यानि रोग प्रतिरोधक क्षमता भी नाश्ता न करने से प्रभावित होती है। भूखा रहने से आपके शरीर के अंदर की सेल्स डैमेज होने लगती हैं। इससे शरीर की इम्यूनिटी कम होती है और शरीर पर वायरस, बैक्टीरिया, फंगस और संक्रमण से फैलने वाले रोगों का प्रभाव आसानी से पड़ सकता है। अगर आप रोज समय से पर्याप्त नाश्ता करते हैं तो इससे आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी रहती है और शरीर हर तरह के रोगों से बचा रहता है। इससे आपका पाचन भी खराब हो सकता है और आपको पेट संबंधी छोटी-मोटी समस्याएं भी सकती हैं।

शरीर हो सकता है थुलथुला

कई लोग सोचते हैं कि कम खाने या न खाने से मोटापा घटता है इसलिए वो डाइटिंग करते हैं। लेकिन आपको बता दें कि सुबह का नाश्ता छोड़ देने या आधा-अधूरा करने से आपका शरीर थुलथुला होने की संभावना बढ़ जाती है। ये मोटापे से भी खराब है क्योंकि आमतौर पर मोटापे में आपका पेट निकलता है या शरीर की चर्बी बढ़ती है जबकि नाश्ता छोड़ने से होने वाले थुलथुलेपन में आपका शरीर अंदर से कमजोर होता जाता है और मांस हड्डियों को छोड़कर बाहर लटकने लगते हैं। इसकी वजह से कई बार लोगों में बुढ़ापे के लक्षण पहले ही दिखने लगते हैं।

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