मैनपुरी में मायावती ने कहा- लखनऊ के गेस्ट हाउस कांड के बाद भी सपा से गठबंधन एक कठिन फैसला..

असल न्यूज़ : लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा को सबक सिखाने के मकसद से हुआ समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी व राष्ट्रीय लोकदल का गठबंधन रंग ला रहा है। गठबंधन आज दो दशक बाद मुलायम सिंह यादव व मायावती को एक मंच पर लाने में सफल रहा है।

मैनपुरी के क्रिश्चियन कॉलेज ग्राउंड में बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने कहा कि मायावती ने कहा कि इस बार भाजपा को सबक दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश में बसपा-सपा-आरएलडी का गठबंधन हुआ है। उन्होंने कहा कि आप लोग सोच रहे होंगे कि गेस्ट हाउस कांड के बाद भी हमने समाजवादी पार्टी से गठबंधन क्यों किया। 1995 में हुए गेस्ट हाउस कांड का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस न भूलने वाले कांड के बाद भी हम साथ चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कभी-कभी कठिन फैसले लेने पड़ते हैं। हमने देश के हालात को देखते हुए सपा व रालोद के साथ गठबंधन किया है।

विरोधी दल के नेता के साथ मीडिया हमारी एकता से हैरान है। मायावती ने कहा कि हमको विरोधी दलों के बहकावे में नहीं आना है। हमारी पार्टी सरकार में आती है तो हम गरीबों को नौकरी दिलाएंगे। भाजपा गठबंधन को लेकर जनता को गलत तरीके से बहका रही है, आपको उनके बहकावे में नहीं आना है। दो चरणों के ही चुनाव में भाजपा की हालत खराब हो गई है। मोदी क्या-क्या नहीं बोलते। मोदी जी सुनिए। आपने हमारे गठबंधन को सराब कहा है तो गठबन्धन को नशा चढ़ गया है। हम अब भाजपा को बाहर कर देंगे।  

मायावती ने कहा कि मैनपुरी में भीड़ में जबरदस्त जोश है। आप लोगों ने मेरा निवेदन है कि मुलायम सिंह यादव को ऐतिहासिक जीत दिलाएं। बसपा मुखिया मायावती ने कहा कि पार्टी हित और देश हित में कुछ कठिन फैसले लेने पड़ते हैं। मुलायम सिंह यादव जी देश के काफी बड़े नेता हैं। यह जो कहते हैं वह करते हैं। यह मोदी की तरह पिछड़ों वर्ग के नकली नेता नहीं हैं। मायावती ने कहा मोदी खुद को पिछड़ा बताकर लोगो को गुमराह कर रहे हैं। मुलायम सिंह ने पिछड़ों का विकास किया। मायावती ने कहा कि इस बार चुनाव में आप लोग मुलायम सिंह यादव को जीत दिला देना। इस चुनाव में असली और नकली की पहचान कर लेना है। मायावती ने अपने सम्बोधन में गठबंधन प्रत्याशी मुलायम सिंह को जिताने की अपील की। जय भीम, जय लोहिया, जय भारत।

मायावती ने कहा- मोदी की तरह नकली और फर्जी पिछड़े नहीं हैं मुलायम सिंह यादव

मुलायम सिंह यादव ने सभी समाज को जोड़ा है। पिछड़े समाज के सबसे बड़े नेता मुलायम सिंह यादव हैं। मुलायम ही पिछड़ा समाज के सबसे बड़े और असली नेता है। मोदी की तरह मुलायम नकली नेता नहीं हैं। मोदी ने तो सत्ता का दुरुपयोग किया है। अगड़ी जाति को मोदी ने पिछड़ी में शामिल कराया। मोदी पिछड़े वर्ग का कोई भला नहीं कर सकते। मायावती ने कहा कि आजादी के बाद ज्यादातर सत्ता कांग्रेस व भाजपा की रही। कांग्रेस को अपनी गलत नीतियों के कारण केंद्र ही नहीं  कई राज्यों में सत्ता खोनी पड़ी है। अब भाजपा को भी हटाना है। गलत नीतियों के कारण भाजपा भी कई राज्यों में हारी। चौकीदार कितनी भी ताकत लगाए, भाजपा हारेगी। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने तमाम वादे किये थे। क्या हुआ उनका।

मोदी पर माया का जुबानी हमला

मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि मोदी ने अपने आप को नकली पिछड़े वर्ग का बताकर लाभ लिया। काले धन पर मोदी को घेरा कि अभी तक उसका क्या हुआ। उन्होंने कहा कि चाहे जातिवाद या धार्मिक भावनाएं भड़का कर जनता को बहकाएं लेकिन जनता अब उनके छलावे में आने वाली नहीं। इस चुनाव में भाजपा की हालत खराब हो जाएगी। मतदाताओं को आगाह किया कि इनके किसी भी बहकावे में न आएं।

कांग्रेस पर निशाना

मायावती ने अपने संबोधन में कांग्रेस को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने वादे पूरे नहीं किये। गरीबों का वोट पाने के लिए कांग्रेस पूरे देश में घूम रही है। थोड़ी सी मदद से किसी का भला होने वाला नहीं है। बसपा मुखिया मायावती ने मंच से कई बार मुलायम सिंह के नाम के आगे ‘श्री’ लगाते हुए उनके लिए वोट मांगे। मायावती ने जोर देकर कहा कि अखिलेश ही मुलायम सिंह के एकमात्र उत्तराधिकारी हैं। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह ने मैनपुरी का काफी विकास किया है। अब उम्र का तकाजा है, फिर भी वो आखिरी सांस तक मैनपुरी सीट के विकास के लिए लड़ रहे हैं। नरेंद्र मोदी की तरह नकली सेवक बनकर नहीं बल्कि असली सेवक के रूप में कार्य कर रहे हैं।

अखिलेश यादव बोले- पीएम मोदी कागज पर पिछड़े, हम तो जन्म से पिछड़े

मैनपुरी के क्रिश्चियन कॉलेज ग्राउंड में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने संबोधन की शुरुआत में ही बसपा मुखिया मायावती का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि सबसे पहले मायावती जी का धन्यवाद। उन्होंने जनता से मुलायम सिंह यादव को जिताने की अपील की है। अखिलेश यादव ने कहा कि मायावती जी के सहयोग से हम सभी लोग मैनपुरी की जनता नेता जी को ऐतिहासिक जीत दिलाएंगे।

उन्होंने कहा कि देश नाजुक समय से गुजर रहा है। किसान दुखी हैं। खाद में चोरी की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारे किसान हमारी आत्मा हैं। उनके साथ धोखा हुआ है। उनके पैसों की चोरी हो गयी। किसानों को मिलने वाली खाद की बोरी में से भी भाजपा ने पांच किलो की चोरी की। नौजवान परेशान है। यह बड़ा चुनाव देश के भविष्य का है। भाजपा कहती है-नया भारत बनाना है। गठबंधन कहता है- नया पीएम बनाना है। गठबंधन कहता है कि अब देश मे नया प्रधानमंत्री बनाना है। युवाओं के हाथों में ही इसकी कमान है।

अखिलेश यादव ने कहा कि यमुना एक्सप्रेस वे सपा और बसपा की देन है। डायल 100 नम्बर को खराब कर दिया। बीमारी लग गई। चायवाले बनकर आये, पांच साल बाद पता चला कि चाय कैसी निकली। अब चौकीदार बन रहे हैं, जनता इनकी  चौकी छीन लेगी। मायावती ने सही पकड़ा। वो कागज में पिछड़े हैं, हम जन्म से पिछड़े हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि मैनपुरी में सिर्फ मुलायम सिंह यादव व समाजवादी पार्टी ने विकास कराया कराया है। हम सब मिलकर चौकीदार की चौकी छीननी है। भीड़ से पूछा बताओ चौकी छीनोगे या नहीं।

सबसे अंत में मंच पर बोलने आये अखिलेश यादव ने मुलायम की तरह ही बहुजन समाज पार्टी और इसकी राष्ट्रीय अध्यक्ष के सम्मान की बात दोहराई। मैनपुरी सीट से नेताजी को देश की सबसे बड़ी जीत दिलाने की अपील की। कहा कि मैनपुरी में यदि विकास किसी ने कराया है तो सिर्फ मुलायम सिंह और सपा ने। अखिलेश बोले कि देश के प्रधानमंत्री की चौकी छीननी है। गठबंधन कहता है कि देश में नया प्रधानमंत्री बनाना है। युवाओं के हाथों में ही इसकी कमान है। अखिलेश ने भी प्रधानमंत्री मोदी की जाति पर निशाना साधते हुए कहा कि वो कागज पर पिछड़े हैं और हम जन्म से पिछड़े हैं। 

मायावती जी का हम सम्मान करते हैं-मुलायम सिंह यादव 

मैनपुरी के क्रिश्चियन ग्राउंड में बसपा मुखिया मायावती आज समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी मुलायम सिंह यादव के पक्ष में चुनावी सभा को संबोधित करने पहुंची। उनसे पहले समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने माइक संभाला। उनको अखिलेश यादव पकड़कर माइक तक ले गए। मुलायम सिंह यादव अधिक देर तक नहीं बोले। मुलायम बोले ने कहा कि यह हमारा अंतिम चुनाव है। मैनपुरी से हमको भारी बहुमत से जिता देना।

उन्होंने कहा कि मायावती जी का हम सम्मान करते हैं। आप सब भी करना। उनका बहुत सम्मान करना आप लोग। मैं इनका बड़ा अहसान कभी नहीं भूलुंगा। आप लोग की इनकी इज्जत करना। मुलायम सिंह ने बेहद कम समय संबोधन किया। मुलायम सिंह पर उम्र का दबाव और अस्वस्थता साफ दिख रही थी। मंच पर मुलायम सिंह जब पहुंचे तो मायावती संकोच के साथ एक एक कदम आगे बढ़ाकर उन तक पहुंची और सपा संरक्षक को हाथ पकड़कर सहारा भी दिया। करीब खड़े होकर मायावती और मुलायम सिंह ने हाथ उठाकर सभा में मौजूद लोगों का अभिवादन किया। मुलायम को मंच तक लाने और कुर्सी पर बैठाते समय अखिलेश सपा अध्यक्ष से अधिक बुजुर्ग पिता को सहारा देते नजर आये।

नहीं आए अस्वस्थ अजित सिंह

अस्वस्थता के कारण राष्ट्रीय लोकदल के मुखिया अजित सिंह मंच पर मौजूद नहीं थे। पहले मंच पर उनके लिए भी कुर्सी लगाई गई थी लेकिन बाद में सिर्फ तीन कुर्सियां बचीं और मायावती मुख्य अतिथि के तौर पर बीच में व दाहिनी तरफ अखिलेश व बायीं तरफ मुलायम सिंह यादव बैठे। 

सबसे पहले मुलायम सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बहुत दिनों के बाद हम और मायावती अब एक मंच पर हैं। आपसे कहना चाहते हैं कि हमें भारी बहुमत से जिता देना। मेरे भाषण आप बहुत सुन चुके हैं। ज्यादा नहीं बोलूंगा। आज महिलाओं का शोषण हो रहा है। इसके लिए हमने लोकसभा में सवाल उठाए। संकल्प लिया गया कि महिलाओं का शोषण नहीं होने दिया जाएगा। मुलायम ज्यादा नहीं बोले और उनके स्वर बेहद कमजोर थे। 

मायावती के साथ मंच पर पहुंचे मुलायम सिंह यादव ने एक साथ हाथ हिलाकर जनता का अभिवादन किया। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ मायावती के भतीजे आकाश आनंद तथा सतीश चंद्र मिश्रा भी मंच पर हैं। मायावती ने आगे बढ़कर मुलायम को सहारा दिया। रैली के मंच पर जब मुलायम सिंह आए तो कुछ लोग उन्हें सहारा दिया। मायावती पहले ही पहुंच चुकी थीदिया। मुलायम सिंह के मंच पर पहुंचने पर मायावती खड़ी हुई और आगे बढ़कर कंधे पर हाथ रखकर सहारा दिया। तमाम कयास और पूर्वानुमान को झुठलाते हुए समाजवादी पार्टी के संरक्षक और बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने मैनपुरी में मंच साझा किया। 1995 में लखनऊ के चर्चित गेस्ट हाउस कांड के बाद से शुरू तनातनी शुरुआती हिचक और झिझक के बाद आज 24 साल बाद खत्म होता नजर आई। 1993 के बाद दोनों नेता 26 वर्ष बाद पहली बार एक साथ चुनावी मंच पर थे। प्रदेश के राजनीतिक समीकरण बदलने के लिए सपा और बसपा ने लोकसभा चुनाव की घोषणा से पूर्व ही हाथ मिला लिया था लेकिन गठजोड़ से सपा संरक्षक मुलायम सिंह खुद को दूर रखे हुए थे। माना जा रहा था कि सपा संरक्षक इस गठबंधन से खुश नहीं हैं लेकिन मैनपुरी के क्रिश्चियन कॉलेज मैदान में यह सोच पीछे रह गई। जनसभा में सपा मुखिया अखिलेश यादव, मायावती के भाई आनंद, भतीजा आकाश आनंद और बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश मिश्रा भी थे। 

महागठबंधन प्रतिद्वंद्वियों को संदेश देने की कोशिश करेगा कि सभी दल भाजपा के खिलाफ एकजुट हैं। शुरू में ऐसी खबरें थीं कि मुलायम रैली में शामिल नहीं होंगे। उत्तर प्रदेश में 1993 में गठबंधन कर सरकार बनाने वाली सपा और बसपा के बीच 2 जून 1995 को लखनऊ में हुए गेस्ट हाउस काण्ड के बाद जबर्दस्त खाई पैदा हो गयी थी। इस बार लोकसभा चुनाव से पहले सपा से हाथ मिलाने के बाद मायावती स्पष्ट कर चुकी हैं कि दोनों पार्टियों ने भाजपा को हराने की खातिर गिले-शिकवे भुला दिये हैं।

मंच पर साथ दिग्गज

गठबंधन की रैली में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीशचंद्र मिश्रा, रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजित सिंह, सपा के मुख्य राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव के अलावा पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी मंच पर साथ थे।

कुछ अनमने से थे मुलायम

साझा रैली के लिए मुलायम कुछ अनमने से थे। उन्होंने एक अप्रैल को अपने नामांकन के दिन पत्रकारों के इस प्रश्न पर कि 19 अप्रैल की रैली के बारे में क्या कहना है, कहा था कि वो दिन अभी दूर है, देखेंगे। इसके बाद भी गाहे-बगाहे उनके अखिलेश के गठबंधन संबंधी निर्णय विरोधी बयान आते रहे। मैनपुरी सीट मुलायम का गढ़ माना जाता रहा है। इस बार मुलायम यहां से समाजवादी पार्टी के गठबंधन प्रत्याशी हैं।



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