भारत देश का अनोखा रेलवे स्टेशन, जहां भीड़ हाथ देकर रुकवाती है ट्रन

यहां कोई सिंनल सिग्नल पोल नहीं

असल न्यूज़ : (बलराम गंगावाली) मधेपुरा। जहां एक तरफ देश बुलेट ट्रेन का सपना देख रहा है, तो वहीं बिहार की राजधानी पटना से महज 176 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मिठाई रेलवे स्टेशन कई सुविधाओं से अछूता है। यहां कोई सिंनल सिग्नल पोल नहीं बल्कि लोगों की भीड़ देखकर ट्रेन रुकती है। यहां एक ही कर्मचारी है जो सिर्फ टिकट काटता है और ट्रेन जाते ही ताला बंद कर घर निकल जाता है।

समस्तीपुर डिवीजन में मधेपुरा-मानसी रेलखंड पर स्थित मिठाई ऐसा पहला स्टेशन है। जहां बिना सिग्नल के ही  ट्रेन रुकती है, और फिर आगे चल देती है। सुनने में अटपटा जरूर है लेकिन हकीकत है। इस अनोखे स्टेशन की खबर ना रेल मंत्री को है और ना ही उनके विभाग को। हैरतअंगेज तो यह है कि स्टेशन पर ट्रेन परिचालन खुद ट्रेन चालक करते हैं। स्थानीय यात्रियों की माने तो ट्रेन लेट होने पर घंटों इंतजार करना पड़ता है। साथ ही प्लेटफॉर्म से ट्रेन के आगे निकलने पर यात्रियों को चढ़ने में परेशानी होती है।

रेल कर्मचारी की माने तो वह सिर्फ ट्रेन की टिकट देने के लिए यहां आते हैं। ट्रेन के आने जाने और स्टेशन के रख रखाव की जिम्मेदारी उनकी नहीं है। तो वहीं ईस्ट सैंट्रल रेलवे के सीपीआरओ की माने तो हाल्ट स्टेशनों पर सिग्नल प्वॉइंट नहीं दिया जाता है। और मिठाई रेलवे स्टेशन भी हॉल्ट स्टेशनों की श्रेणी में आता है।

पूर्व रेल मंत्री लालू यादव ने अपने कार्यकाल में एशिया का प्रथम विद्युत रेल इंजन कारखाना मधेपुरा में दिया जो मिठाई स्टेशन से मात्र तीन किलोमीटर पर ही स्थित है। इस दृष्टिकोण से भी यहां सिग्नल की आवश्यकता है। क्योंकि कारखाना जाने वाली रेल लाईन भी मिठाई स्टेशन से ही गुजर कर कारखाना जाती है।

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