मोदी सरकार को झटका, CBI निदेशक आलोक वर्मा को सुप्रीम कोर्ट ने किया बहाल..

असल न्यूज : सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजने के फ़ैसले को निरस्त कर दिया है.

छह दिसंबर, 2018 को सुनवाई के बाद चीफ़ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस केएम जोसेफ़ की पीठ ने फ़ैसला सुरक्षित रखा था.

अदालत ने मंगलवार (आठ जनवरी, 2019) को अपना फ़ैसला सुनाया, लेकिन जस्टिस गोगोई छुट्टी पर थे इसलिए जस्टिस किशन कौल ने फ़ैसला पढ़ कर सुनाया.

लेकिन सर्वोच्च अदालत ने ये भी कहा है कि आलोक वर्मा इस दौरान कोई नीतिगत फ़ैसला नहीं ले पाएंगे.

आलोक वर्मा और कॉमन कॉज़ नाम की एक ग़ैर-सरकारी संस्थान ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी.

ग़ौरतलब है कि छुट्टी पर भेजे जाने के आदेश के ख़िलाफ़ सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे.

मोदी की केंद्र सरकार ने 23 अक्तूबर को सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया था. इसके साथ ही ज्वाइंट डायरेक्टर एम नागेश्वर राव को अंतरिम निदेशक की ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी.

क़रीब 13 अधिकारियों का तबादला भी कर दिया गया था. इससे पहले स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के ख़िलाफ़ रिश्वतख़ोरी के आरोप में सीबीआई ने एफ़आईआर दर्ज की थी.

वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि आलोक वर्मा बहाल तो हो गए हैं लेकिन अभी उनकी शक्तियां पूरी तरह उन्हें नहीं दी गई हैं.

सुप्रीम कोर्ट के बाहर भूषण ने कहा, “सरकार इस मामले को प्रधानमंत्री, नेता विपक्ष और चीफ़ जस्टिस ऑफ़ इंडिया वाली उच्च स्तरीय समिति के सामने एक हफ्ते में लाए. जब तक वो उच्च स्तरीय समिति इस पर निर्णय न ले, तब तक आलोक वर्मा कोई बड़े नीतिगत फ़ैसले नहीं ले सकते हैं.”

प्रशांत भूषण ने इसे आलोक वर्मा की आंशिक जीत क़रार दिया.

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