39वीं बार मन की बात में मोदी बोले, New india का सपना साकार होगा !

नई दिल्ली।।नरेंद्र मोदी रविवार को 39वीं बार लोगों से मन की बात की। इसमें मोदी नए साल में पॉजिटिविटी, नए संकल्प, न्यू इंडिया और सरकार के विजन पर बात की। मोदी ने कहा कि साल तो खत्म हो रहा है लेकिन हम नए विषयों पर बात करते रहेंगे। 26/11 के मुंबई हमले की बरसी पर मोदी ने कहा था 9 साल पहले आतंकियों ने मुंबई पर हमला किया था। आतंकवाद से निपटने के लिए मानवतावादी ताकतों को एकजुट होने की जरूरत है।

नए साल में नए अनुभव शेयर करेंगे

मोदी ने कहा, “मन की बात का यह इस साल का आखिरी कार्यक्रम है। संयोग ये है कि ये आज साल का आखिरी दिन भी है। मन की बात के लिए आपके कई सुझाव मिले।
यह मेरे लिए अच्छा रहा। साल बदलेगा। नए साल में नए अनुभव शेयर करेंगे। नए साल की शुभकामनाएं।
पिछले दिनों क्रिसमस का त्योहार मनाया गया। ईसा मसीह ने सबसे ज्यादा सेवाभाव पर बल दिया है। यह दिखाता है कि सेवा का महात्म्य क्या है। सेवा भाव मानवीय मूल्यों की बात है। हमारे देश में निष्काम सेवा की बात है। जीव सेवा यानी मानव सेवा और ईश्वर सेवा है। आने वाले साल में इन्हीं मूल्यों को याद रखना है।
यह साल गुरु गोविंद सिंह 350वां प्रकाश पर्व था। वो एक दार्शनिक और योद्धा भी था। उत्पीड़न और अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी। कितनी महान विशेषताओं के साथ रहे थे वो। उनकी महान शिक्षाओं से जीवन का ढालने का प्रयास करे।

नए वोटरों का स्वागत

मोदी ने कहा “मेरी नजर से कल का दिन खास है। नया साल आता रहता है। जो लोग 2000 या उसके बाद जन्में हैं। वो इस साल वोटर बन जाएंगे। इन नए वोटर्स को बधाई। आप रजिस्टर करें वोटिंग के लिए। 21वीं सदी के वोटर के नाते आपका स्वागत है। वोट सबसे प्रभावी साधन है। आप 21 वीं सदी के भारत के सपने को साकार करने के साधन हैं।
मैं उन्हें न्यू इंडिया यूथ मानता हूं। उमंग, उत्साह और ऊर्जा के प्रतीक हैं। इनके प्रयासों से ही न्यू इंडिया का सपना साकार होगा। न्यू इंडिया यानी जहां सभी के लिए समान अवसर हों।”

न्यू इंडिया का सपना साकार करने का सोचें

मोदी ने कहा, “क्या हम भारत के हर जिले में एक मॉक पार्लियामेंट का आयोजन कर सकते हैं। हम न्यू इंडिया का सपना साकार करने का रास्ता खोजें।
महात्मा गांधी ने भी नए भारत का सपना देखा था। मैं चाहता हूं कि 15 अगस्त के आसपास दिल्ली में एक मॉक पार्लियामेंट का आयोजन करें। इसमें हर जिले से एक शख्स हिस्सा ले। देश में स्किल डेवलपमेंट हो रहा है।
पिछली बार मैंने पाॅजिटिविटी की बात की थी। उत्साह से भरा एक शख्स सबसे बलशाली होता है। पॉजिटिव इंडिया हैशटैग के साथ लाखों ट्वीट हुए। जो ट्वीट्स आए वो बहुत पॉजिटिव थे।
दिल्ली और बोडल की 2 महिलाओं ने अपने अनुभव शेयर किए। एक की बेटी का एमबीए में एडमिशन होना था जबकि दूसरी के पति का निधन हो गया था और उन्हें एक रुपए के बीमा पर मिलने वाली योजना का फायदा मिला।

पॉजिटिव इंडिया से प्रोग्रेसिव इंडिया की ओर चलें

मोदी ने कहा, “ऐसे कई लोग हैं जो अपने स्तर पर काम कर रहे हैं। यही तो न्यू इंडिया है। पॉजिटिव इंडिया से प्रोग्रेसिव इंडिया की रुख करें।”
अंजुम बशीर खटक के बारे पता लगा। उन्होंने कश्मीर एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेस में टॉप किया। उनका पुश्तनी घर जला दिया गया था। लेकिन उन्होंने अपने लिए एक अलग रास्ता चुना। सफलता की नई कहानी खुद लिखी।
उन्होंने साबित कर दिया कि हालात कितने खराब क्यों ना हों। सपनों को साकार किया जा सकता है।
कश्मीर की बेटियों से मिला। उनसे बातों में कहीं निराशा नहीं मिली। मुझे भी उनसे प्रेरणा मिली।

स्वच्छता एक बड़ी चुनौती

मोदी ने कहा, “केरल के सबरीमाला मंदिर का जिक्र होता है। यहां हर साल करोड़ों लोग आते हैं। यहां स्वच्छता बड़ी चुनौती है। इसे संस्कार में कैसे बदला जा सकता है।
पी. विजयन नाम के एक अफसर ने एक प्रोग्राम शुरू किया। एक परंपरा बना दी।
यहां आने वाले हर यात्री को स्वच्छता अभियान में हिस्सा लेना होता है। तभी यात्रा पूरी होती है। इसमें बड़े और धनी लोग या सेलेब्रिटी भी हिस्सा लेते हैं।
नई दिल्ली.नरेंद्र मोदी रविवार को 39वीं बार लोगों से मन की बात की। इसमें मोदी नए साल में पॉजिटिविटी, नए संकल्प, न्यू इंडिया और सरकार के विजन पर बात की। मोदी ने कहा कि साल तो खत्म हो रहा है लेकिन हम नए विषयों पर बात करते रहेंगे। 26/11 के मुंबई हमले की बरसी पर मोदी ने कहा था 9 साल पहले आतंकियों ने मुंबई पर हमला किया था। आतंकवाद से निपटने के लिए मानवतावादी ताकतों को एकजुट होने की जरूरत है।

नए साल में नए अनुभव शेयर करेंगे

मोदी ने कहा, “मन की बात का यह इस साल का आखिरी कार्यक्रम है। संयोग ये है कि ये आज साल का आखिरी दिन भी है। मन की बात के लिए आपके कई सुझाव मिले।
यह मेरे लिए अच्छा रहा। साल बदलेगा। नए साल में नए अनुभव शेयर करेंगे। नए साल की शुभकामनाएं।
पिछले दिनों क्रिसमस का त्योहार मनाया गया। ईसा मसीह ने सबसे ज्यादा सेवाभाव पर बल दिया है। यह दिखाता है कि सेवा का महात्म्य क्या है। सेवा भाव मानवीय मूल्यों की बात है। हमारे देश में निष्काम सेवा की बात है। जीव सेवा यानी मानव सेवा और ईश्वर सेवा है। आने वाले साल में इन्हीं मूल्यों को याद रखना है।
यह साल गुरु गोविंद सिंह 350वां प्रकाश पर्व था। वो एक दार्शनिक और योद्धा भी था। उत्पीड़न और अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी। कितनी महान विशेषताओं के साथ रहे थे वो। उनकी महान शिक्षाओं से जीवन का ढालने का प्रयास करे।

नए वोटरों का स्वागत

मोदी ने कहा “मेरी नजर से कल का दिन खास है। नया साल आता रहता है। जो लोग 2000 या उसके बाद जन्में हैं। वो इस साल वोटर बन जाएंगे। इन नए वोटर्स को बधाई। आप रजिस्टर करें वोटिंग के लिए। 21वीं सदी के वोटर के नाते आपका स्वागत है। वोट सबसे प्रभावी साधन है। आप 21 वीं सदी के भारत के सपने को साकार करने के साधन हैं।
मैं उन्हें न्यू इंडिया यूथ मानता हूं। उमंग, उत्साह और ऊर्जा के प्रतीक हैं। इनके प्रयासों से ही न्यू इंडिया का सपना साकार होगा। न्यू इंडिया यानी जहां सभी के लिए समान अवसर हों।

न्यू इंडिया का सपना साकार करने का सोचें

मोदी ने कहा, “क्या हम भारत के हर जिले में एक मॉक पार्लियामेंट का आयोजन कर सकते हैं। हम न्यू इंडिया का सपना साकार करने का रास्ता खोजें।
महात्मा गांधी ने भी नए भारत का सपना देखा था। मैं चाहता हूं कि 15 अगस्त के आसपास दिल्ली में एक मॉक पार्लियामेंट का आयोजन करें। इसमें हर जिले से एक शख्स हिस्सा ले। देश में स्किल डेवलपमेंट हो रहा है।
पिछली बार मैंने पाॅजिटिविटी की बात की थी। उत्साह से भरा एक शख्स सबसे बलशाली होता है। पॉजिटिव इंडिया हैशटैग के साथ लाखों ट्वीट हुए। जो ट्वीट्स आए वो बहुत पॉजिटिव थे।
दिल्ली और बोडल की 2 महिलाओं ने अपने अनुभव शेयर किए। एक की बेटी का एमबीए में एडमिशन होना था जबकि दूसरी के पति का निधन हो गया था और उन्हें एक रुपए के बीमा पर मिलने वाली योजना का फायदा मिला।

पॉजिटिव इंडिया से प्रोग्रेसिव इंडिया की ओर चलें

मोदी ने कहा, “ऐसे कई लोग हैं जो अपने स्तर पर काम कर रहे हैं। यही तो न्यू इंडिया है। पॉजिटिव इंडिया से प्रोग्रेसिव इंडिया की रुख करें।
अंजुम बशीर खटक के बारे पता लगा। उन्होंने कश्मीर एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेस में टॉप किया। उनका पुश्तैनी घर जला दिया गया था। लेकिन उन्होंने अपने लिए एक अलग रास्ता चुना। सफलता की नई कहानी खुद लिखी।
उन्होंने साबित कर दिया कि हालात कितने खराब क्यों ना हों। सपनों को साकार किया जा सकता है।
कश्मीर की बेटियों से मिला। उनसे बातों में कहीं निराशा नहीं मिली। मुझे भी उनसे प्रेरणा मिली।

स्वच्छता एक बड़ी चुनौती
मोदी ने कहा, “केरल के सबरीमाला मंदिर का जिक्र होता है। यहां हर साल करोड़ों लोग आते हैं। यहां स्वच्छता बड़ी चुनौती है। इसे संस्कार में कैसे बदला जा सकता है।
पी. विजयन नाम के एक अफसर ने एक प्रोग्राम शुरू किया। एक परंपरा बना दी।
यहां आने वाले हर यात्री को स्वच्छता अभियान में हिस्सा लेना होता है। तभी यात्रा पूरी होती है। इसमें बड़े और धनी लोग या सेलेब्रिटी भी हिस्सा लेते हैं।

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