प्रशासन की मिली भगत से मौरंग से लदे ओवरलोड ट्रक ट्रैक्‍टरों!

उत्तर-प्रदेश।।(आर.के.द्धिवेदी) जनपद जालौन में अवैध मौरंग खनन करने वालों को किसी का डर नहीं है। रात के अंधेरे में यह अपना काम करने में लगे हैं। इनमें इनका वखूवी साथ मौरंग ठेकेदार दे रहे हैं। बिना एमएम 11 के और ओवरलोड मौरंग भरकर रात में ट्रक ट्रैक्‍टर फर्राटे भरते हुये खूब देखे जा सकते हैं। प्रशासन की मिली भगत से यह कारोबार चल रहा है।

सरकार कोई भी आये लेकिन माफियाओं को कुछ फर्क नहीं। नागरिकों ने सोचा था कि जब भाजपा की सरकार आयेगी तो जरूर ओवरलोडिंग और अवैध मौरंग पर रोक लगेगी लेकिन नतीजा सिफर ही रहा है। कोटरा से एट होते हुये मौरंग माफिया अपने ओवरलोड वाहनों से यह काम रातों रात करने में लगे हैं। वहीं स्‍थानीय एट और कोटरा पुलिस प्रशासन पता नहीं कहा है।

इन मौरंग लदे ट्रक और ट्रैक्‍टर वाले रात में अपना व्‍यापार करने में लगे हैं और बिना एम एम 11 के ही अपना काम कर रहे हैं। रात को नागरिक जब चैन की नींद सोते हैं तब यह अपने नम्‍बर दो के काम को वखूवी अंजाम देते हैं। भले ही रात में चप्‍पे चप्‍पे पुलिस नागरिकों की सुरक्षा की दृष्टि से तत्‍पर खड़ी रहती हो लेकिन ओवरलोड ट्रक ट्रैक्‍टर कैसे रोड पर निकल रहे हैं यह भी जॉच का विषय है।

ओवरलोडिंग को लेकर सरकार चिन्तित हो लेकिन यहॉ सब सैटिंग गैटिंग से परवान चढ़ रहा है। रोड 20 वर्ष की जगह दो वर्ष ही चलें, सडक गडढों में तब्‍दील हो जाये तो हो जाये प्रशासन को क्‍या फर्क पड़ता है वटटा को सरकार को लगेगा, इसी तर्ज पर सरकारी मशीनरी कार्य कर रही है। मौरंग को उठाने के लिये घनमीटर भी ठेकेदारों को बता दिये गये हैं लेकिन उन्‍हें कितने घनमीटर मौरंग उठाना है उससे उन्‍हें कुछ मतलब नहीं बस कागजों में औपचारिकता पूरी कर दी गयी है और यहॉ पर यह धरती मॉ का सीना फाड़कर मौरंग उठवाने में लगे हुये हैं। वहीं जब इस सम्‍बन्‍ध में प्रशासन से सम्‍पर्क करना चाहा तो उन्‍होनें इस तरह की गतिविधि होने की बात से साफ इन्‍कार कर दिया।

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