न्याय के लिए खून से लिखा पीएम मोदी को खत!

महिला सुरक्षा के लिए किये जा रहे बड़े बड़े दावे केवल हवा हवाई

लखनऊ ।। सरकार औऱ पुलिस द्वारा महिला सुरक्षा के लिए किये जा रहे बड़े बड़े दावे केवल हवा हवाई साबित हो रहे है। पुलिस महकमा महिला सुरक्षा लिए जागरूकता अभियान चला कर केवल कागजी खानापूर्ति कर रहा है। लेकिन हकीकत में अपराधी बेख़ौफ़ होकर पुलिस और कानून को खुलेआम चुनौती दे रहे है। मामला रायबरेली का है जहां शोहदे के आतंक से परेशान दो सगी बहनों ने न्याय पाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ को अपने खून से पत्र लिखा है।
        रायबरेली शहर कोतवाली क्षेत्र के निराला नगर मोहल्ले के रहने वाले महेंद्र तिवारी की बेटी श्वेता तिवारी लखनऊ के राम स्वरुप यूनिवर्सिटी में इंजीनिरिंग की पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान एक लड़के ने उसके फेसबुक पर कुछ अभद्र टिप्पणी की जिसकी शिकायत पीड़ित ने अपने पिता से की, जिसके बाद मामले की एफआईआर बाराबंकी जिले में दर्ज हुई। एफआईआर दर्ज होने पर शोहदे ने पीड़ित श्वेता की छोटी बहन के फेसबुक पर अश्लील और अभद्र पोस्ट डाले जिसके चलते दोनों बहनो ने स्कूल जाना मुश्किल हो गया। परिजनों ने मामले की एफआईआर रायबरेली में दर्ज करवाई लेकिन लम्बा समय बीतने के बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर है जिसके बाद पीड़ित श्वेता ने पीएम और सीएम को खून से पत्र लिखकर न्याय की मांग की है। पीड़ित श्वेता के पिता महेंद्र तिवारी रायबरेली कलेक्ट्रेट में भूलेख लिपिक के पद पर तैनात है उनकी माने तो उन्होंने अपनी बेटी के साथ हुई घटना की जानकरी सूबे के मुखिया से लेकर सभी आलाधिकारियों से मिले और  न्याय की मांग की लेकिन आरोपी  (दिव्य पांडेय) के पिता चुकि राज्यपाल के कार्यालय राज भवन में तैनात है इसलिए कोई भी अधिकारी कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। शोहदे द्वारा कई महीने पहले छात्रा के फेसबुक पर अश्लील और अभद्र टिप्पणी करने के मामले में पुलिस के अपने तर्क है। मामले पर अपर पुलिस अधीक्षक का कहना है की घटना के बाद से फेसबुक का अकाउंट बंद हो गया जिसके बाद हमने फेसबुक को पत्र लिखकर आईपी एड्रेस की खोज करेंगे लेकिन उसके बाद भी हमने टीमें भेजकर आरोपी की गिरफ़्तारी करेंगे।

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