पुलवामा आतंकी हमले के सिलसिले में पुलिस ने सात संदिग्धों को हिरासत में लिया

असल न्यूज़ : Pulwama Terror Attack, पुलवामा आतंकी हले मके सिलसिले में पुलिस ने सात संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने आतंकी हमले की साजिश रचने के संदेह में इन युवकों को पुलवामा और अवंतीपुरा से हिरासत में लिया है।  इस बीच राष्ट्रीय जांच दल (NIA) की टीम आगे की जांच के लिए आज फिर घटनास्थल का जायजा करने पहुंची। 


14 फरवरी को पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मुहम्मद ने ली है। जैश के आतंकी ने विस्फोटक से लदे वाहन को सीआरपीएफ की बस से टकरा दिया था। इस भीषण हमले में सेना के 40 जवान शहीद हो गए हैं।

– राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) और फारेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने शुक्रवार को घटनास्थल का मुआयना कर हमले में प्रयुक्त वाहन, क्षतिग्रस्त बस की तस्वीरें, दोनों वाहनों के कुछ हिस्सों के टुकड़े और सड़क पर बिखरे कपड़ों के टुकड़े जमा किए हैं।

पाकिस्तान में बनी हमले की साजिश

ऐसा कहा जा रहा है कि पुलवामा हमले की पूरी साजिश पाकिस्तानी नागरिक कामरान ने बनाई थी, जो जैश-ए-मुहम्मद का सदस्य है। वो पुलवामा, अवंतीपुरा और त्राल इलाके में सक्रिय है। फिदायीन आतंकी (आत्मघाती हमलावर) की पहचान आदिल अहमद डार के रूप में हुई है, जो पुलवामा के काकापुरा इलाके का रहने वाला था। 2018 में वह जैश में शामिल हुआ था।

जैश के स्थानीय आतंकी की तलाश 

शुरुआती जांच में यह बात सामने आ रही है कि दक्षिण कश्मीर के त्राल इलाके के मिदूरा में आतंकी हमले की साजिश रची गई। इस बीच पुलिस जैश के एक अन्य स्थानीय सक्रिय आतंकी की तलाश कर रही है। कहा जा रहा है कि यही स्थानीय विस्फोटकों की व्यवस्था में मददगार बना।

इतने बड़े हमले को कैसे अंजाम दिया?

फिलहाल अबतक यह पता नहीं लगाया जा सका है कि आदिल अहमद डार नाम के 22 वर्षीय लड़के (आत्मघाती हमलावर) ने इतने बड़े आतंकी हमले को कैसे अंजाम दिया? बता दें कि आदिल अहमद डार स्कूल ड्रॉपआउट था। वह घटनास्थल से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर रहता था। इनके अलावा यह पता लगाया जा रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक का इंतजाम करने में उसकी किन-किन लोगों ने मदद की और इतनी सुरक्षा के बीच वह घटनास्थल पर सफलतापूर्वक पहुंचा कैसे? पुलवामा हमला को बीते एक दशक में सुरक्षाबलों पर हुआ सबसे बड़ा और खतरनाक हमला कहा जा रहा है।

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