गरीब छात्रों के निवाले पर डाका

गरीब छात्रों के निवाले पर डाका

मीरजापुर : मड़िहान क्षेत्र में स्थित प्राथमिक विद्यालय व पूर्व माध्यमिक विद्यालय रैकल में मिड डे मील की योजनाओं का लाभ बच्चों के बजाय ले रहे प्रधानाध्यापक, सरकारी धन का हो रहा बंदरबाट। मिड डे मील रजिस्टर पर बच्चों की संख्या ज्यादा दिखाकर धन को हजम कर जा रहे प्रधानाध्यापक। बुधवार को मीनू के हिसाब से बच्चों को 150 ml दूध देने का शासन के तरफ से धन मिलता है, जो कि बच्चों को नहीं मिलता है। बच्चों ने लगाया प्रधानाध्यापक पर आरोप दूध में पानी की मात्रा ज्यादा डालकर देते है दूध। जिस पर विद्यालय के 10 बच्चे ही पीते है, दूध शेष बच्चें दूध में पानी होने के कारण कोई स्वाद ही नहीं रहता जिस कारण नहीं पीते दूध।

जबकि एक ओर सरकार गुणवत्ता भरी शिक्षा देने का दावा कर रही है व बच्चों को खाने के लिये भोजन, दूध व फल दे रही है। बच्चों को ड्रेस किताब देकर मुफ्त में शिक्षा दे रही है। लेकिन प्रधानाध्यापक इसको सिर्फ कागज पर दिखाकर सारा पैसा हजम कर जा रहे है व सरकार को बदनाम करते फिर रहे है। जिससे लोग बच्चों को सरकारी विद्यालयों में पढ़ाने से भाग रहे है व अपने बच्चों को प्राइवेट विद्यालयों में पढ़ाने को मजबूर है। वही अभिभावकों का कहना है कि सरकार लाख दावा करती है और धन भी मुहैया करती है परन्तु ये विद्यालय के प्रधानाध्यापक सरकार के धन का बंदरबाट कर ही लेते है। जबकि ग्रामीण कई बार इसकी शिकायत दूरभाष पर उपजिलाधिकारी व एबीएसए को दी किन्तु मास्टर साहब के आगे किसी का नियम कानून चलता नहीं और मास्टर साहब बच्चों के धन को चुराकर महल बनाने का सपना देख रहे है। वही इस सम्बंध में एबीएसए राममिलन यादव ने बताया कि मामला सज्ञान में है दिखवा रहा हूँ।

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