अलीपुर में नर्सिंग होम की लापहरवाही से गई गर्भवती महिला की जान, डॉक्टर व स्टाफ लापता..

दिल्ली।। अलीपुर मिनी स्टेडियम के पास स्थित नॉर्थ दिल्ली मिल्टीस्पश्यिलिटी मेडिकल सेंटर में डॉक्टर की लापहरवाही से महिला की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद से नर्सिंग होम पर ताला लटका हुआ है और डॉक्टर समेत स्टाफ लापता है। वहीं मृतक महिला मंजू का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड द्वारा मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में कराया जा रहा है। पीडित परिवार का आरोप है कि डॉक्टर दिनेश अग्रवाल व उनकी डॉक्टर पत्नी सारिका अग्रवाल की लापहरवाही से महिला की मौत हुई है। इस मामले में अलीपुर एसडीएम इरा सिंघल ने संज्ञान लेते हुए उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।

     जानकारी के मुताबिक अलीपुर निवासी जसवंत ने पत्नी अंजू को बीती 31 अगस्त को नॉर्थ दिल्ली मिल्टीस्पश्यिलिटी मेडिकल सेंटर में प्रसव के लिए भर्ती कराया था। जवसंत को बताया गया कि ऑपरेशन करना पड़ेगा इसके लिए 35 हज़ार रुपये एडवांस जमा करा लिये गये। दोपहर करीब चार बचे अंजू ने एक बेटे को जन्म दिया, इसके बाद अंजू की तबीयत तेजी से बिगडने लगी। इस संबंध में डॉक्टर को सूचित किया गया तो उन्होंने कंपाउंडर से एक इंजेक्शन अंजू को लगवा दिया। इसके बाद तबीयत ज्यादा बिगड़ गई तो डॉक्टर दिनेश अग्रवाल ने कुछ ही मिनट के अंतराल पर कई इंजेक्शन अंजू को लगा दिये। इस तरह अंजू की तबीयत बेहद गंभीर हो गई। जब डॉक्टर को कुछ समझ नहीं आया तो वह अपनी डॉक्टर पत्नी के साथ निजी कार से पीड़िता को मधुबन चौक स्थित सरोज अस्पताल लेकर भागे। जब पीड़िता को सरोज अस्पताल ले जाया गया तो वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

प्रतीक चित्र

“बाहर से डॉक्टर बुलाने को कहा था”

मृतका अंजू के पति जसवंत ने बताया कि जब वह नर्सिंग होम पहुंचे तो उन्हें कहा गया कि ऑपरेशन के लिए डॉक्टर बाहर से बुलाने पड़ेंगे, लेकिन ऑपरेशन के वक्त कोई डॉक्टर बाहर से नहीं आया, इसी वजह से अंजू को सही इलाज नहीं मिल सका व उसकी मौत हो गई। आरोप है कि डॉक्टर ने सही दवा नहीं दी जिससे डिलिवरी के बाद अंजू की तबीयत बिगड़ गई।

पुलिस पर जबरन समझौता कराने का आरोप !

पीड़ित परिवार ने बताया कि जब अंजू की मौत हो गई तो इस संबंध में अलीपुर थाने में शिकायत दी गई, लेकिन पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करने के बाद मृतका के परिवार पर डॉक्टर से समझौता कर पैसा लेने का दबाव बनाया, ताकि मामला दब जाये। लेकिन पीड़ित परिवार इंसाफ के लिए एसडीएम इरा सिंघल के पास पहुंचा, जिन्होंने मामले में संज्ञान लेते हुए उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।

पहले भी विवादों में रहा नर्सिंग होम

असल न्यूज़ को विश्वसनीय सूत्रों से पता चला कि नर्संगि होम का संचालक दिनेश अग्रवाल है, जोकि एक सरकारी अस्पताल में डॉक्टर है। वहीं उनकी पत्नी भी कॉन्ट्रेक्ट पर सरकारी अस्पताल में डॉक्टर रह चुकी है, लेकिन अब दोनों मिलकर नॉर्थ दिल्ली मिल्टीस्पेश्यिलिटी मेडिकल सेंटर चला रहे हैं। आरोप है कि नर्सिंग होम में डॉक्टर के बजाये कंपाउंडर से मरीजों को इंजेक्शन लगवाये जाते हैं, जोकि किसी तरह के ट्रेनिंग नहीं लिये होता।

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