इस लेडी अफसर ने चंदन की मौत का जिम्मेदार ‘भगवा’ को ठहराया

हाल ही में इस प्रकरण तर बरेली के डीएम आर विक्रम सिंह के फेसबुक कमेंट पर विवाद छिड़ गया था। जो अभी शांत नहीं हो पाया है तो राज्य में महिला अफसर रश्मि वरुण ने कासगंज में हिंसा में मारे गए चंदन गुप्ता की हत्या का जिम्मेदार भगवा को ठहरा नया विवाद खड़ा कर दिया है।

सहारनपुर में डिप्टी डायरेक्टर सांख्यिकी रश्मि वरुण

उत्तरप्रदेश। 26 जनवरी के दिन कासगंज में तिरंगा यात्रा पर उठा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। रोज आए दिन जहां नए वीडियोज़ सनसनी फैला रहे हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के अफसर भी पीछे नहीं हैं। हाल ही में इस प्रकरण तर बरेली के डीएम आर विक्रम सिंह के फेसबुक कमेंट पर विवाद छिड़ गया था। जो अभी शांत नहीं हो पाया है तो राज्य में महिला अफसर रश्मि वरुण ने कासगंज में हिंसा में मारे गए चंदन गुप्ता की हत्या का जिम्मेदार भगवा को ठहरा नया विवाद खड़ा कर दिया है।
सहारनपुर में डिप्टी डायरेक्टर सांख्यिकी रश्मि वरुण ने कासगंज हिंसा को लेकर फेसबुक बम फोड़ दिया है। सहारनपुर की डिप्टी डायरेक्टर (सांख्यिकी ) रश्मि वरुण के पोस्ट से सोशल मीडिया पर नई बहस छिड़ गई है। उन्होंने कासगंज हिंसा की तुलना सहारनपुर के मामले से करते हुए सोशल मीडिया पर अपने मन की बात लिखी है। डिप्टी डायरेक्टर रश्मि वरुण ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा कि यह थी कासगंज की तिरंगा रैली। यह कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी डॉ. अम्बेडकर जयंती पर सहारनपुर के सड़क दूधली में भी ऐसी ही रैली निकाली गई थी। उसमें से अम्बेडकर गायब थे या कहिए कि भगवा रंग में विलीन हो गये थे। कासगंज में भी यह ही हुआ। तिरंगा गायब और भगवा शीर्ष पर। जो लड़का मारा गया, उसे किसी दूसरे तीसरे समुदाय ने नहीं मारा। उसे केसरी, सफेद और हरे रंग की आड़ लेकर भगवा ने खुद मारा। पोस्ट में आगे लिखा कि जो नहीं बताया जा रहा वह यह है कि अब्दुल हमीद की मूर्ति पर तिरंगा फहराने की बजाये रैली में चलने की जबरदस्ती की गई। केसरिया, सफेद, हरे और भगवा रंग पे लाल रंग भारी पड़ गया। डिप्टी डायरेक्टर की पोस्ट की चर्चा बड़े अफसरों में जोरशोर से हो रही है।

सहारनपुर में डिप्टी डायरेक्टर रश्मि वरुण की फेसबुक पोस्ट

बता दें कि 26 जनवरी को उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले के कोतवाली इलाके में बिलराम गेट चौराहे पर विश्व हिंदू परिषद और एबीवीपी वर्कर्स बाइक से ‘तिरंगा यात्रा’ निकाल रहे थे। इस दौरान नारेबाजी को लेकर समुदाय विशेष के लोगों से बहस हो गई। ये बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों तरफ से फायरिंग और पत्थरबाजी शुरू हो गई। इस फायरिंग चंदन गुप्ता नाम के शख्स की गोली लगने से मौत हो गई। इसके बाद कासगंज में सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई और यहां पर तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आ रही हैं।

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