सीतापुर एक दिन की कोतवाल बनी छात्रा ने कोतवाली का किया निरिक्षण  

सीतापुर। जिले में पुलिस विभाग का नजारा आज पूरी तरह से बदला हुआ नजर आ रहा था। हो भी क्यों न ? आखिर आज जिले भर के 26 थानों की एक-एक छात्रा ने कमान जो संभाल ली थी। महिला सुरक्षा सप्ताह के तहत पुलिस अधीक्षक आनंद कुलकर्णी ने एक अलग पहल करते हुए जिले के हर थाने में छात्राओं को बुला कर प्रभावशाली छात्रा को एक दिन का थाना प्रभारी बनाये जाने के निर्देश जारी कर दिए। इसी क्रम में आज सीतापुर शहर कोतवाली की प्रभारी बनाई गई सिमरन रस्तोगी। सिमरन हिन्दू कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज की कक्षा 11 की छात्रा है। इसी तरह हर थाने में छात्राओं को बुलाकर उन्हें थाने की कमान सौंपी गयी। साथ ही थाने में मौजूद सभी अन्य पुलिस कर्मियों ने उनके हुक्म भी बजाये। लेकिन जिले के पिसावां थाने में तो हद ही हो गयी। यहाँ पिसावां एसओ ने छात्रा को बाकायदा स्टार लगी वर्दी पहना कर बैठा दिया। जबकि पुलिस अधीक्षक आनंद कुलकर्णी ने साफ तौर पर बताया था की छात्राओं को मात्र रोल मॉडल के तौर पर सादी वर्दी में रहना था। शहर कोतवाल बनी सिमरन ने कोतवाली पहुंचकर बंदी
गृह, मेस, मालखाना, अपराध रजिस्टर सहित पूरी कोतवाली परिसर का निरिक्षण किया। साथ ही कोतवाली में सड़ रही लावारिस गाड़ियों के बारे में भी जानकारी हासिल की। साथ ही सीयूजी पर आने वाली कॉल सुनने के साथ ही आने वाली शिकायतों के निस्तारण के लिए सम्बंधित को निर्देशित किया। सिमरन ने एक सिपाही का 14 दिन का सीएल भी मंजूर किया। सिमरन के साथ सीओ सिटी योगेंद्र सिंह, महिला कोतवाल, शहर कोतवाल धर्मेंद्र रघुवंशी, एसएसआइ इकबाल हैदर सहित कई सिपाही भी चल रहे थे। सिमरन पूरी लगन व् निष्ठा से अपनी ड्यूटी निभा रही थी। कोतवाली के निरिक्षण के बाद कोतवाल बनी सिमरन ने आँख अस्पताल रोड पहुंचकर गाड़ियां चेक करना शुरू कर दिया। सिमरन ने भाजपा जिलाध्यक्ष अजय गुप्ता सहित कई अन्य लोगों की गाड़ियां भी सीज कराई। कुछ लोगों ने हेलमेट, सीट बेल्ट नहीं लगाया था, इसलिए उन्हें इंस्ट्रक्शन देकर छोड़ दिया गया। पिसावां थाना प्रभारी बनी पल्लवी सिंह ने बाकायदा वर्दी पहन कर अपनी जिम्मेदारी निभाई। उन्होंने वृक्षारोपण करने के साथ ही पुलिस कर्मियों को कड़े निर्देश भी दिए। साथ ही पूरे परिसर का सघन निरिक्षण कर फरियादियों की शिकायतों को भी सुना। रामकोट थाना क्षेत्र की प्रभारी ने थाना निरिक्षण के बाद वाहनों की चेकिंग की। कई गाड़ियों के चालान भी किये गए। महोली कोतवाल बनी छात्रा ने सभी आये हुए फरियादियों की शिकायतों का निस्तारण कराया। साथ ही गाड़ियों की चेकिंग भी की। हरगांव थाना प्रभारी बनी छात्रा जूली ने तो एक मनचले की जमकर धुनाई कर दी। जिले के 26  थानों में एक दिन के प्रभारी बनी छात्राओं को इस पद पर बैठाने के पीछे पुलिस अधीक्षक का एक ही मकसद था, की आम जनता व् पुलिस के बीच सामंजस्य बन सके। साथ ही महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी हासिल हो सके। नारी सुरक्षा सप्ताह के तहत इस अनूठी पहल से लोगों में पुलिस के प्रति एक अच्छी छवि उभर कर सामने आयी है।

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