चोरी पर काटे जाएंगे हाथ और पैर, समलैंगिकता और दुष्‍कर्म के लिए धड़ से अलग होगा सिर..

असल न्यूज़ : दुनियाभर के कुछ देशों में शरिया कानून लागू है और कुछ देशों में इसको लागू करवाने की मांग यदा-कदा होती रहती हैं। इसमें पाकिस्‍तान भी शामिल है। इतना ही नहीं वहांं के मौलाना अब्‍दुल अजीज ने तो लोकतंत्र को गैर-इस्‍लामिक तक करार दे दिया है। कई दूसरे नेताओं की तरह वह भी पाकिस्‍तान में शरिया कानून के हिमायती हैं। आपको बता दें कि अफगानिस्‍तान में भी तालिबान सरकार के वक्‍त वहांं पर शरिया कानून ही लागू था। इस कानून के तहत गर्दन काटकर या पत्‍थर मारकर मौत की सजा देने तक प्रावधान शामिल है। शरिया की बात करें तो मलेशिया और इंडोनेशिया में भी यही कानून लागू है। लेकिन ब्रुनेई की पहचान इन कानूनों को सख्‍ती से लागू करवाने वाले देश के रूप में की जाती है। लेकिन इसके बाद भी वहां पर अब तक समलैंगिक सेक्स और दुष्‍कर्म के मामलों में शरिया कानून लागू नहीं होता था। लेकिन अब इसमें बड़ा और अहम बदलाव कर दिया गया है जो 3 अप्रैल 2019 से यहां लागू हो जाएगा। गौरतलब है कि ब्रुनेई मुस्लिम बहुत आबादी वाला एक ऐसा देश है जो संसाधनों के मामले में काफी समृद्ध है। 

ये है नया कानून 

इसके तहत समलैंगिक सेक्स और दुष्‍कर्म के मामलों में पत्थर मार कर मौत की सजा दी जा सकेगी। यूं तो ब्रुनेई में समलैंगिकता पहले ही अपराध की श्रेणी में आता है, लेकिन अभी तक इसके लिए कड़ी सजा का प्रावधान नहीं था।कई वर्षों तक ठंडे बस्‍ते में रहने के बाद आखिरकार ब्रुनेई के सुल्तान हसनल बोलकिया ने इसको मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही ब्रुनेई इस तरह का पहला देश बन गया है जहां इसको अपराध मानते हुए इतनी कड़ी सजा का प्रावधान है। इसके अलावा सुल्‍तान ने कुछ और अपराधों के लिए भी कड़ी दंड संहिता लागू करने का एलान किया है। इसके तहत अब चोरी के अपराध के लिए हाथ और पैर काटने की सजा भी तय कर दी गई है। पहली बार चोरी करने पर दाहिना हाथ काटने और दूसरी बार यह अपराध करने के दोषी का बायां पैर काटने की सजा तय की गई है। ब्रुनेई ने नई सजाओं के संबंध में 29 दिसंबर 2018 को नोटिस जारी किया था। 

सुल्‍तान का भाई से विवाद 
बुनेई के इस्‍लामिक कानून की सख्‍ती का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि इसके चलते सुल्‍तान का अपने भाई तक से झगड़ा हो गया था। इस विवाद ने काफी सुर्खिया बटोरी थीं। दरअसल, 1990 के दशक में सुल्‍तान के भाई जेफरी देश के वित्त मंत्री थे। उन पर 15 अरब डॉलर की धांधली का आरोप लगा था। आरोपों की जांच में पता लगा था कि जेफरी गैर इस्लामिक जीवन जीते थे, विलासिता में चूर रहते थे। इतना ही नहीं इस दौरान यह भी पता चला था कि उनके हरम में विदेशी महिलाओं का जमावड़ा है, जिसकी वजह से उनका ज्‍यादा वक्‍त आलीशान यॉट, हवाई यात्राओं और विलास में गुजरता था।  

क्रिसमस पर धूम-धड़ाके वाले आयोजन पर बैन 
पको बता दें कि वर्ष 2015 में ब्रुनेई ने शरिया कानून के तहत क्रिसमस पर आयोजित धूम धड़ाके वाले आयोजनों पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके पीछे दलील दी गई थी कि ऐसे आयोजन मुसलमानों को सही रास्‍ते से भटका सकते हैं। 

फैसले की आलोचना 
सुल्‍तान के ताजा फैसलों की मानवाधिकार संगठनों ने कड़ी आलोचना की है। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने ब्रुनेई के सुल्‍तान से अपील की है कि इन कानूनों को तुरंत प्रभाव से लागू न किया जाए। संगठन से जुड़ी शोधकर्ता राहेल शोहोआ-होवार्ड ने इस फैसले को बेहद क्रूर और अमानवीय बताया है। उनके मुताबिक कुछ संभावित अपराधों को तो किसी भी तरह अपराध माना ही नहीं जा सकता है। इसमें एक ही लिंग के दो वयस्कों के बीच सहमति से बनने वाला शरीरिक संबंध भी शामिल है। इसके अलावा ह्यूमन राइट्स वॉच की तरफ से भी इसकी आलोचना की गई है। इस संगठन की तरफ से कहा गया है कि सजाओं से जुड़ा नया कानून विदेशी निवेशकों, सैलानियों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों को देश छोड़ने पर मजबूर करेगा। संगठन ने आशंका जताई है कि इस फैसले से ब्रुनेई के वैश्विक बहिष्कार का आंदोलन भी शुरू हो सकता है। 



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