यमुना का बढ़ता जलस्तर तटवर्ती क्षेत्र में बसे गांवों के बाशिंदों के मन मस्तिष्क में खौफ पैदा

कैराना।।(दीपक कुमार) यमुना का बढ़ता जलस्तर तटवर्ती क्षेत्र में बसे गांवों के बाशिंदों के मन मस्तिष्क में खौफ पैदा कर रहा है। बुधवार को कैराना में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुँच गया है। राहत भरी खबर यह है कि हथिनीकुंड बैराज से बुधवार दोपहर दो बजे तक मात्र डेढ़ लाख क्यूसेक जल यमुना में छोड़ा गया। गुरुवार को यमुना का जलस्तर नीचे आने की सम्भावना है।
मंगलवार को हथिनीकुंड बैराज से यमुना में छोड़े गए आठ लाख क्यूसेक जल से यमुना के पानी में बढ़ोतरी हुई है। मंगलवार सांय तक कैराना में चेतावनी बिंदु को पार कर 230.60 मीटर के सूचकांक पर बह रही यमुना के जलस्तर में वृद्धि हुई। बुधवार प्रातः आठ बजे कैराना में यमुना का जलस्तर 230.85 मीटर पर पहुँच गया। यानि यमुना यहां निर्धारित किये गए खतरे के निशान 231 मीटर से मात्र 15 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। किसी भी अनहोनी की आशंका के चलते आपदा नियंत्रण विभाग कर्मी यमुना बांध पर निरंतर गश्त कर रहे है।
कैराना एसडीएम भी मंगलवार को लेखपालों की बैठक लेकर उन्हें पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश दे चुके है। बाढ़ नियंत्रण विभाग भी यमुना के बढ़ते जलस्तर की पल-पल खबर ले रहा है। इन सबके बीच राहत भरी खबर यह है कि हथिनीकुंड बैराज से यमुना में छोड़े जाने वाले पानी में भारी कमी आई है। बैराज से प्रातः आठ बजे 27331, नौ बजे 24758, दस बजे फिर 24758, ग्यारह बजे 19543, दोपहर बारह बजे फिर से 19543 तथा दोपहर दो बजे 25893 क्यूसेक पानी यमुना में छोड़ा गया।
इस प्रकार दिनभर में मात्र 1,41826 क्यूसेक जल यमुना में डिस्चार्ज किया गया। जो अपेक्षाकृत पिछले दो-तीन दिन से छोड़े जा रहे पानी से काफी कम है। वही, पहाड़ी व मैदानी क्षेत्र में मंगलवार रात्रि व बुधवार दिन में मौसम शुष्क रहने से हथिनीकुंड बैराज में भी पानी का दबाव कम होने लगा है। कैराना क्षेत्र में तैनात ड्रैनेज विभाग के सहायक अभियन्ता अशोक कुमार भी यमुना के जलस्तर में गुरुवार से कमी आने की बात कह रहे है।

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