दिल्ली में ट्रेफिक पुलिस के स्टिकर की बंदरबांट में नया खुलासा, सामने आया बिचौलिये का नाम

जल्द सामने आएंगे कुछ और नए नाम

अजय शर्मा ।। अवैध वसूली को लेकर दिल्ली ट्रेफिक के कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा जारी किये जाने वाले स्टिकर को लेकर नया खुलासा हुआ है। दरअसल इस काम को बिचौलियों के जरिये कराया जा रहा है। इन में एक नाम ऐसा है जो ट्रेफिक के अधिकारियों व बड़े ट्रांसपोर्टर्स के बीच कड़ी का काम करता है।

यह बिचौलिया पहले दिल्ली होमगार्ड में कार्यरत था लेकिन पुलिस अधिकारियों से जान पहचान व कम वक्त में मोटी कमाई करने के लिए इसने यह रास्ता चुना । असल न्यूज़ को विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि इस बिचौलिये का नाम हरीश गुप्ता है जोकि दिल्ली के मॉडल टाउन इलाके में रहता है।

होमगार्ड रहते हुए सीखे अवैध वसूली के गुरु

बिचौलिये हरीश गुप्ता को लेकर जो जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक हरीश गुप्ता पहले दिल्ली होमगार्ड में तैनात था, उसकी ड्यूटी ज्यादातर परिवहन विभाग या ट्रेफिक पुलिस के साथ होती थी। अक्सर वह पुलिसकर्मियों को वसूली करते हुए देखता था।स्टिकर लगी गाड़ियों को कैसे छोड़ा जाता है यह सब उसने यहीं से सीखा। बताते हैं कि इसी के बाद हरीश के दिमाग में ख्याल आया कि अगर वह ट्रांसपोर्टर व पुलिस के बीच कड़ी बन जाये तो आसानी से ज्यादा पैसा कमा सकता है। हालांकि हरीश इकलौता बिचौलिया नहीं है उसी के तरह इस धंधे में दर्जनभर लोग लगे हुए हैं।

असल न्यूज़ ने उजागर किया था स्टिकर का खेल

यहां आपको बता दें कि कमर्शियल वाहनों को स्टिकर बांटकर ट्रेफिक नियमों की धज्जियां उड़ाने के इस खेल का भंड़ाफोड़ कुछ वक्त पहले ही असल न्यूज़ ने किया था। हमने अपनी इस सीरिज में बताया था कि कैसे वसूली की जाती है। इतना ही नही हमने आपके सामने मासिक स्टिकर भी पेश किये थे। इससे खुलासा हआ था कि हर महीने किस तरह के स्टिकर जारी किये जाते हैं। हालांकि कुछ वक्त के लिए पलिस के कान खड़े हुए लेकिन फिर से वही सिलसिला चल निकला। इसकी एक बड़ी वजह अवैध वसूली के इस धंधे में बड़े अधिकारियों की मिलीभगत है। जिनकी नाक के नीचे सारा खेल होता है लेकिन जानते समझते ये अधिकारी चुप्पी साधे रहते हैं।

प्रतीक चित्र

स्टिकर से अवैध वसूली आसान व जोखिम कम

ट्रेफिक पुलिस स्टिकर का कॉन्सेप्ट इसलिए लेकर आई ताकि अवैध वसूली में कोई परेशानी ना आए। इसी के साथ पकड़े जाने का जोखिम भी बेहद कम होता है। क्योंकि यह सारा काम बिचौलियों के जरिये होता है इसलिए दिक्कत कम हैं।

जल्द सामने आएंगे कुछ और नए नाम

असल न्यूज़ इस ख़बर की तह तक जा रहा है। जिस तरह से इस मामले में नए नए खुलासे हो रहेहैं। हम आपको भरोसा दिलाते हैं कि जल्द कुछ और नाम का खुलासा करेंगे।

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