मेरठ में पैदा हुआ अनोखा बच्चा, बौने मां-बाप ने दिया जन्म

प्रतीक चित्र

मेरठ !! नए साल का पहला दिन सैकड़ों दंपतियों के जीवन में बच्चों के रूप में खुशियां लेकर आया है ।  लेकिन मेरठ में एक जोड़ी ऐसी भी है जो अनोखी है और उनके जीवन में भी साल के पहले दिन एक नन्ही परी ने जन्म लेकर खुशियां भर दी है। जी हां, हम बात कर रहे हैं शमा और शाहरुख की। खास बात यह है कि शमा और शाहरुख दोनों ही बोने है ।शाहरुख की लंबाई 44 इंच है और जबकि शमा 52 इंच की है। साल के पहले दिन शमा ने एक नन्हीं गुड़िया को जन्म दिया है। हालांकि अभी डॉक्टर ने उसे ऑब्जरवेशन में रखा है।

               कहते हैं भगवान ने हर किसी की जोड़ी आसमान से लिख कर भेजी है। शमा और शाहरुख के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उम्र इन दोनों की बढ़ती गई लेकिन शरीर से कुदरत ने मजाक कर दिया। दोनों की लंबाई जरूरत से ज्यादा ही कम रह गई। लेकिन दोनों ने ही जीवन से लड़ने की ठान ली और आम बच्चों की तरह ही शमा ने एमए फाइनल कर लिया और शाहरुख ने बी कॉम के एग्जाम दिए हैं। पिछले साल दोनों की शादी हुई और अब शादी के 1 साल बाद इनके घर बच्चे

प्रतीक चित्र

की किलकारी गूंज उठी। संयोग भी अनोखा था 2018 का पहला दिन यानी 1 जनवरी को शमा ने अपनी नन्हीं सी जान मासूम गुड़िया को जन्म दिया। शमा की प्रेग्नेंसी में काफी परेशानियों का भी सामना करना पड़ा। क्योंकि शरीर का विकास पूरी तरीके से नहीं हुआ था इसीलिए डॉक्टरों के लिए भी यह केस काफी मुश्किल था। लेकिन मेरठ के लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन के बाद  बेटी को जन्म दिया है। हालांकि बेटी अभी कुछ कमजोर है। इसलिए डॉक्टर ने उसे ऑब्जरवेशन के लिए रखा है। दोनों ने कभी सोचा भी नहीं था कि उनके घर बच्चे की किलकारी गूंजेगी। जिसके बाद अब उनके घर में जश्न का माहौल है। परिवार के लोग नन्हीं सी जान को डॉक्टर बनाना चाहते हैं। मेरठ के लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के लिए भी एक केस अनोखा था। क्योंकि डॉक्टरों ने इससे पहले कभी इतनी छोटी मां की डिलीवरी नहीं कराई थी। शमा उम्र में तो आम महिलाओं के बराबर है लेकिन उसकी लंबाई महज 52 इंच है । डॉक्टर ने ऑपरेशन के बाद बेटी को जन्म दिलवाया। डॉक्टर की माने तो शाहरुख और शमा एकोन्ड्राप्लेजिया यानी बौनेपन नाम की बीमारी का शिकार है। बच्चे का वजन भी जन्म के समय महेश 1.2 किलोग्राम था । बच्चे के फेफड़े अभी पूरी तरह विकसित नहीं है। इसीलिए उसे सांस लेने में परेशानी हो रही है। जिसके कारण उसे एनआईसीयू में रखकर इलाज किया जा रहा है। डॉक्टरों ने आशंका जताई है कि मां और बाप दोनों की लंबाई कम है ।इसीलिए बच्चे पर भी इसका असर पड़ेगा।

दोनों चाहते हैं कि इनकी बच्ची आम लोगों की तरह अपनी जिंदगी जिए और पढ़ लिखकर डॉक्टर बने ताकि कोई उसे बोना ना कहें।

COMMENTS

%d bloggers like this: