Uttar Pradesh: शुगर मिल का बॉयलर फटा,एक की मौत 3 घायल

उत्तर-प्रदेश।।(अमीन अहमद) बिजनोर स्थानीय अवध शुगर मिल की बढ़ती लापरवाहीयां लगातार लोगो की जान लेने में तुली हैं,इसी के चलते पहले भी जहां कई हादसे हो चुके हैं तो वहीं शनिवार को आधी अधूरी तैयारियों के साथ शुरू हुए पेराई सत्र के दो दिन के बाद ही आज सुबह एक और ऐसा हादसा लचर मशीनरी में हुआ की एक और श्रमिक को अपनी जान गवानी पड़ी तो 3 लोग बाल बाल मोत के मुंह से बचे।

प्राप्त समाचार के अनुसार शनिवार को ही शुरू हुए नए सत्र के बाद आज सुबह 4 बजे जब सब श्रमिक अपने अपने काम मे लगे थे तो इसी बीच लाखो की सैलरी पाने वाले इंजीनियरो की लापरवाही के चलते एक जूस वायमर पहले पानी के टैंक व बाद में एक रसायन के टैंक पर आ गिरा,जिसके नीचे काम कर रहे लेवर में शुमार श्रवजीत (52) पुत्र  निवासी रतन चंद निवासी परागपुर कांगड़ा चंबा,हिमाचल प्रदेश बुरी तरह भारी मलवे में दब गए जिनके शव को 2 घण्टे की कड़ी मशक्कत के बाद मशीनों को काटते हुए बहार निकाला गया, शव की हालत झुलसने से इतनी नाज़ुक थी की देखने वालों के रोंगटे खड़े हो गए।इसके अलावा तीन अन्य श्रमिक राजबीर पुत्र विजय पाल,बलबीर,चिरन्जी भी घायल हो गए जिनकी हालत अब स्थिर बनी हुई है।

शव जहां पीएम के लिए बिजनोर भेज दिया तो वहीं मृतक के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
वहीं मिल प्रबन्धक सुखवीर सिंह ने इस पूरी घटना को मात्र एक हादसा बताते हुए अपनी ज़िम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया तो बाकी ज़िम्मेदार मुँह छुपाते नज़र आए।

   “पहले कई हो चुके हैं हादसे”

जी हां सेकड़ो लोगो को रोजगार देने वाली ये शुगर मिल अब हादसों की पहंचान बन चुकी है,अब नए सत्र शुरू होते ही जहां अब नगर वासियो को भीषण जाम,उड़ती छाई, गन्दे पानी, आदि से दो चार होना पड़ेगा तो वहीं  इस मिल के कर्मचारी भी हर समय खोफ में ज़िंदगी बसर करेंगे।क्योंकि गत वर्ष पूर्व ही जहां डिस्टलरी में जहां काम कर रहे 4 मज़दूर मोत के काल मे समाए थे तो वहीं कुछ माह पूर्व भी एक शीरे का टैंक फटने से एक बड़ा हादसा टला था।और आज हुए इस हादसे ने फिर से लोगो के दिल को दहला दिया।

      ” 2 दिन पानी व कार्य व्यवस्था रहेगी ठप्प”

आज इस हादसे के बाद श्रतिग्रस्त हुए पानी के टैंक के कारण आगामी दो दिन तक मिल कर्मचारियों की कलोनी की जल व्यवस्था ठप्प रहेगी तो वहीं गन्ना पेराई भी फिलहाल बन्द कर दी गई है।इसके अलावा पानी के टैंक फटने के कारण मिल परिसर के अलावा लेवर कलोनी में भी दूर दूर तक पानी पानी हो गया।

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