योगी सरकार का बड़ा कदम बुंदेलखंड पेयजल समस्या को लेकर हुआ मंथन

उत्तर-प्रदेश।।(अनुराग श्रीवास्तव)  जालौन गर्मी आते ही बुंदेलखंड में पेयजल एक बड़ी समस्या बन जाती है और यहां के लोगों पानी के लिये त्राही-त्राही करते है। उस समस्या को हल करने के लिये योगी सरकार ने एक ठोस कदम उठाया है जिससे यहां के लोगों को इससे राहत मिल सके।

इसी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर जालौन के उरई में रविवार को ग्राम विकास मंत्री डाक्टर महेंद्र सिंह की अगुवाई में तीन मंत्रियों के समूह में एक बैठक आयोजित की जा रही है। जिसमें प्रदेश के नगरीय विकास राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव, श्रम राज्यमंत्री मनोहरलाल वर्मा के साथ जिसमें प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास अनुराग श्रीवास्तव और चित्रकूट मंडल के सात जनपदों के अधिकारी, 4 सांसद और 19 विधायकों मौजूद है। जिससे उनसे सुझाव लेकर जिलेवार पेयजल समस्या के निस्तारण के लिये धनराशि आवंटित की जा सके।

रविवार को उरई के जिला पंचायत भवन में जनप्रतिनिधियों और विकास भवन में अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद ग्राम विकास राज्यमंत्री डा. महेंद्र सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुये बताया कि आज पूरे बुंदेलखंड के सांसदों और विधायकों के साथ बैठक हुयी जिसमें उन्होने मुखमंत्री को धन्यवाद दिया साथ ही उन्होने बताया कि जो परियोजनायें 10-15 साल से लंबित पड़ी हुयी थी, वह पिछले 11 माह में पूरी होने जा रही है और जो नहीं हुयी है वह भी जल्द पूरी होने वाली है।

उन्होने बताया कि बुंदेलखंड के सातों जनपद के 4 हजार 504 गांव है उनमे से 2300 गांवों को जल्द पानी पहुंचाने जा रहा है जिससे पेय जल समस्या से निजात मिलेगा। उन्होने बताया कि पिछले साल 4 हजार 8 सौ 15 रीबोर और 1174 नये हैंडपंप लगाये थे और 1095 टैंकर की व्यवस्था की गई थी जिससे जहां पानी नहीं पहुँच रहा था वहाँ पानी पहुंचाया सके। उन्होने कहा कि 15 मार्च 2018 तक सभी जगह रीबोर हो जायेगे। साथ ही कोई नल खराब नहीं मिलेगा। जहां नये हैंडपंप की जरूरत होगी वहाँ हैंडपंप लगाये जायेंगे इसके अलावा सोलर पंप की भी लगाये जाएगे जिससे बुंदेलखंड के लोगों को शुद्ध पानी मिल सके।

वही उन्होने बताया कि नगर विकास क्षेत्र से 2175 करोड़ का धन मिला है जिसमें नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्र की अनुसूचित और सामान्य बस्तियों में रहने वाले लोगों के लिए हैंडपंप लगवाये जा सके साथ ही पाईप लाईन और अन्य व्यवस्थाओं को ठीक कराया जा सके। इसी तरह से ग्रामीण क्षेत्र के लिये 183 करोड़ रुपये स्वीक्रत किए गये है जिसमें 112 करोड़ 14 परियोजनाओं के लिये साथ ही 83 करोड़ पहले जारी की जा चुकी है जिससे रुकी हुयी परियोजनाओं को शुरू किया सके। उन्होने बताया कि मुखमंत्री ने बुंदेलखंड के लिये अलग से पैकेज तैयार करने की योजना बनाई है जिससे टैंकर की व्यवस्था न करने पड़े साथ ही केन और वेतवा का प्रोजेक्ट केंद्र सरकार से स्वीकार हो गया है जब यह बनेगा तो पेय जल की कोई समस्या नहीं रहेगी।

ग्राम विकास राज्यमंत्री डा महेंद्र सिंह ने बताया कि बैठक में यह भी मुद्दा उठा कि अगर ग्रामीण स्तर पर पेय जल समस्या को सुधारना है तो उसके लिये शहर की तर्ज पर ग्रामीण क्षेत्र में टोकन मनी ली जाये जिससे ग्रामीण स्तर पर यदि पाईप लाईन टूट जाये तो उसकी मरम्मत कराई जा सके साथ ही आपरेटर का खर्चा निकाल सके। इसके लिये कई ग्रामों के ग्रामीण तैयार भी है। वही उन्होने बताया कि किसी किसान को प्रताड़ित नहीं किया जायेगा साथ ही किसी किसान के ट्यूवेल का कनेक्शन नही काटा जायेगा साथ ही नहरों में पानी दिया जायेगा और वाटर संचयन की व्यवस्था की जायेगी।

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