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अंतर्राष्ट्रीय रंगमंच दिवस पर राजेश अग्रवाल के साथ खास मुलाकात

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theater कुछ खास तथ्यों पर डालते हैं नजर राजेश अग्रवाल के साथ –

असल न्यूज़: (शुमाईला खान) सुप्रसिद्ध रंगकर्मी थियेटर से लेकर फिल्म इंडस्ट्री तक अपनी अलग ही पहचान रखने वाले राजेश अग्रवाल रंगमंच को अपनी जान मानकर अपने हर किरदार में जान झोंक देते हैं

हर साल दुनियाभर में 27 मार्च को ‘अंतर्राष्ट्रीय रंगमंच दिवस’ अथवा ‘विश्व थियेटर दिवस’ मनाया जाता है। वर्ष 2017 अंतर्राष्ट्रीय रंगमंच दिवस का संदेश फ्रांस की रंगमंच और सिनेमा अभिनेत्री ईशाबेले हुपर्ट (Isabelle Huppert) ने यूनेस्को हाल, फ्रांस में दिया।

प्रतिवर्ष इस दिवस का पर अंतरराष्ट्रीय रंगमंच संस्थान के निमंत्रण पर दुनिया के कोई विशिष्ट रंगकर्मी ‘शांति की संस्कृति और रंगमंच’ विषय पर सारे रंगकर्मियों को संदेश देते हैं।

अंतर्राष्ट्रीय रंगमंच दिवस का कया है इतिहास:

विश्व रंगमंच दिवस की स्थापना 1961 में इंटरनेशनल थियेटर इंस्टीट्यूट (International Theatre Institute) द्वारा की गई थी। रंगमंच से संबंधित अनेक संस्थाओं और समूहों द्वारा भी इस दिन को विशेष दिवस के रूप में आयोजित किया जाता है। इस दिवस का एक महत्त्वपूर्ण आयोजन अंतर्राष्ट्रीय रंगमंच संदेश है, जो विश्व के किसी जाने माने रंगकर्मी द्वारा रंगमंच तथा शांति की संस्कृति विषय पर उसके विचारों को व्यक्त करता है। 1962 में पहला अंतर्राष्ट्रीय रंगमंच संदेश फ्रांस की जीन काक्टे ने दिया था। वर्ष 2002 में यह संदेश भारत के प्रसिद्ध रंगकर्मी गिरीश कर्नाड द्वारा दिया गया था।

रंगमंच किसे कहा जाता है?
रंगमंच की जब भी हम बात करते हैं तो हमारे जेहन में नाटक, संगीत, तमाशा आदि घूमने लगती है। वास्तव में रंगमंच ‘रंग’ और ‘मंच’ शब्द से मिलकर बना है यानि कि किसी मंच/फर्श से अपनी कला, साज-सज्जा, संगीत आदि को दृश्य के रूप में प्रस्तुत करना। जहां इसे नेपाल, भारत सहित पूरे एशिया में रंगमंच के नाम से पुकारते हैं तो पश्चिमी देशों में इसे थियेटर कहकर पुकारा जाता है। ‘थियेटर’ शब्द रंगमंच का ही अंग्रेजी रूपांतरण है और जहां इसे प्रदर्शित किया जाता है उसे प्रेक्षागार और रंगमंच सहित समूचे भवन को प्रेक्षागृह, रंगशाला, नाट्शाला या थियेटर/ ओपेरा के नाम से पुकारा जाता है।

अंतर्राष्ट्रीय रंगमंच संस्थान (आईटीआई):

अंतर्राष्ट्रीय रंगमंच संस्थान वर्ष 1948 में यूनेस्को की सहायता से थिएटर और नृत्य के विशेषज्ञों द्वारा बनाया गया।
यह रंगमंच संस्थान 100 से अधिक केंद्रों और दुनिया भर में सहयोग से प्रदर्शन कला के सबसे बड़े संगठन के रूप में विकसित हुआ।
आईटीआई यूनेस्को, पेरिस में हर वर्ष अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस और विश्व रंगमंच दिवस का आयोजन करता है।

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