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नरेला में बना दिल्ली का सबसे चौड़ा फ्लाइओवर, देखें तस्वीरें

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असल न्यूज़: नरेला में बना यह ओवरहेड कॉरिडोर शहर का सबसे चौड़ा फ्लाईओवर है। इसकी चौड़ाई 51 मीटर है। इसमें 25.5 मीटर के दो अलग-अलग कैरिज वे हैं। इसमें 3 लेन गाड़ी मार्ग, बस लेन, साइकिल ट्रैक, यूटिलिटी गलियारा है।

नई दिल्ली
नैशनल हाईवे-44 को बवाना-औचंदी बॉर्डर से जोड़ने वाली UER-1 पर नरेला में बने फ्लाईओवर और रेलवे ओवरब्रिज का सपना साकार हो गया। दिल्ली के सबसे चौड़े फ्लाइओवर कम रेलवे ओवरब्रिज का उद्घाटन मंगलवार को केंद्रीय आवास और शहरी राज्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी, दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर अनिल बैजल, डीडीए के वाइस चेयरमैन अनुराग जैन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया। इस फ्लाईओवर के शुरू हो जाने से नरेला में लगने वाले ट्रैफिक जाम से लोगों को निजात मिलेगी।

​398 करोड़ रुपये आई है लागत

रेल ओवरब्रिज (ROB) के सीधे भाग की लंबाई 1680 मीटर है। इसे बनाने में 389 करोड़ रुपए की लागत आई है। यूडीएफ की 80 प्रतिशत हिस्सेदारी तथा डीडीए की 20 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ आवास तथा शहरी कार्य मंत्रालय के शहरी विकास कोष (यूडीएफ) से इस परियोजना के लिए राशि प्राप्त हुई है।

रंगीन कंक्रीट वाला है फुटपाथ पैटर्न

यह फ्लाइओवर एनएच-44 से लगभग 2.5 किमी दूर है और एनएच-44 (जीटी करनाल सड़क) और बवाना-औचंदी सड़क को जोड़ता है। ओवरब्रिज पर 25.5 मीटर के दो अलग-अलग मार्ग हैं। इसमें 3 लेन गाड़ी मार्ग, बस लेन, साइकिल ट्रैक, यूटिलिटी गलियारा है। फुटपाथ को पैटर्न वाले रंगीन कंक्रीट से युक्त किया गया है।

​200 एलई़डी से रोशन होगा पुल

ऊर्जा बचत के लिए एलईडी रोशनी के साथ लगभग 200 ओक्टागोनल पोल रात में पुल को रोशन करेंगे। यात्रियों की सुविधा के लिए दोनों सड़कों पर साइड बोर्ड पर इंडिकेशन बोर्ड्स दिए गए हैं। वर्षा जल संचयन संरचना के माध्यम से आरओबी से वर्षा जल की उचित निकासी और संचयन की व्यवस्था की गई है।

​80 हजार गाड़ियां रोज गुजरती हैं

नरेला रेलवे लाइन पर हैवी ट्रैफिक लोड की वजह से हर वक्त घंटों तक जाम लगा रहता था। रिहायशी और नरेला-बवाना इंडस्ट्रियल एरिया होने की वजह से यहां पर ट्रैफिक का लोड सबसे अधिक था। करीब 80 हजार गाड़ियां प्रतिदिन नरेला-बवाना रेलवे फाटक से होकर गुजरते हैं। वहीं, 150 ट्रेनें इस व्यस्त क्रॉसिंग से गुजरती हैं। इस फ्लाईओवर के बन जाने से आउटर दिल्ली के करीब एक दर्जन से अधिक गांवों के लोग नैशनल हाइवे-44 से सीधा जुड़ सकेंगे।

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