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कोरोना से मरने वालों के शवों के अंतिम संस्कार के लिए इस शख्स ने दान कर दी करोड़ों की जमीन

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असल न्यूज़: देश में कोरोना (Coronavirus) से निपटने के लिए इस समय हर तरह की कोशिश और संसाधन भी कम पड़ रहे हैं. हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है, कहीं ऑक्सीजन (Oxygen) की किल्लत है तो कहीं अस्पतालों में बेड्स नहीं मिल रहे हैं. सिस्टम इतना बेबस और लाचार पहले कभी नहीं नजर आया था. देश में लोगों को इस समय जिंदा रहने के लिए अस्पताल में और मर जाने के बाद श्मशान के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है.

अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाटों पर लंबी-लंबी कतारें बता रही हैं कि देश में कोरोना ने कितना प्रलय मचाया है. विपदा की इस घड़ी में कुछ लोग मनमाने पैसे वसूल रहे हैं तो कुछ लोग ऐसे भी हैं जो दिल खोल कर मदद कर रहे हैं. गाजियाबाद के सुशील ने अपनी 1500 गज जमीन कोरोना से मरने वालों के अंतिम संस्कार के लिए दान कर दी है. गाजियाबाद नगर निगम ने दान की इस जमीन पर बुधवार से अंतिम संस्कार करना भी शुरू कर दिया है.

गाजियाबाद के सुशील की यह जमीन नूरनगर इलाके में है. सुशील कहते हैं, ‘लोगों की परेशानी को देखते हुए मैंने अपनी 1500 गज जमीन कोरोना से मरने वाले लोगों के अंतिम संस्कार के लिए निगम को दे दी. मेरी दान की हुई इस जमीन पर कोरोना संक्रमितों का अंतिम संस्कार होगा. जमीन नगर निगम को देने से पहले हमने अपने परिवार के साथ इस बारे में बात की. मैंने जमीन देने के लिए घरवालों की सहमति मांगी थी. जैसे ही घरवालों से सहमति मिली मैंने नगर निगम को पत्र लिखकर अपनी जमीन देने का फैसला किया.

जमीन पर अंतिम संस्कार का काम हो चुका है शुरू

अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार कहते हैं कि इस मुश्किल घड़ी में जो जिस लायक हैं, हर किसी की मदद करें. प्रमोद कहते हैं, ‘जमीन की जांच की गई तो सभी कागजात सही मिले. उन्होंने 1500 गज जमीन नूरनगर में श्मशान घाट के लिए दान दी है. यहां पर कुछ जमीन नगर निगम की भी है. अभी यहां पर लकड़ी का इंतजाम कर कोरोना संक्रमण से मरने वालों का अंतिम संस्कार शुरू कर दिया गया है. अभी 10 प्लेटफार्म बनाए गए हैं. आगे का काम चल रहा है.

गौरतलब है कि कोरोना के कहर के बीच देश में कई जगहों से मानवता को शर्मसार करने वाली खबरें भी आए दिन आते रहते हैं. असंवेदनशील लोग कोरोना महामारी का फैदा उठा कर मनमाने तरीके से वसूली में जुटे हैं. निजी अस्पताल, लैब, जांच केंद्रों से लेकर एंबुलेंस वाला और श्मशान घाटों पर भी मनमाफिक पैसा वसूला जा रहा है. श्मशान घाट पर लकड़ी और कर्मकांड के लिए पहले से तय दामों से ज्यादा पैसा वसूला जा रहा है. ऐसे में एक शख्स की पहल मानवता को शर्मसार होने से कुछ हद तक बचाने का काम किया है.

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