Home Delhi DU प्रशासन द्वितीय वर्ष के छात्रों के भविष्य से कर रहा खिलवाड़.

DU प्रशासन द्वितीय वर्ष के छात्रों के भविष्य से कर रहा खिलवाड़.

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नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले कालेजों के द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को सूचना के आदान-प्रदान को ठीक से नहीं संभाल पाने का खामियाजा सैकड़ों विद्यार्थियों को उठाना पड़ सकता है। जिसके कारण इन सभी बच्चों का एक साल भी बर्बाद हो सकता है। चिंता का विषय यह है, कि कई जगह पोर्टल के खोले जाने का मैसेज कालेज द्वारा छात्रों को समय पर ना दिए जाने से कालेज जहां अपना पल्ला झाड़ रहे हैं, वही डीयू के डीन भी इसे अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बनाकर पोर्टल पर अपना परीक्षा फार्म दोबारा जमा कराने वाले बाकी बच्चों को राहत देने के मूड में नहीं है आलम ये है कि अब इस मामले में डीन अड़े हुए हैं,वही बच्चों के पेरेंट्स कालेज की गलती से अपने बच्चों का एक वर्ष बर्बाद होने से बचाने के लिए केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री और प्रधानमंत्री को ट्वीट पर गुहार लगा रहे हैं।

गौरतलब है, कि वैश्विक महामारी कोऱोना के संक्रमणकाल में अभी तक डीयू के सभी कालेज पूरी तरह खुले नही है, जिसके चलते फर्स्ट ईयर व सैकेंड ईयर के बच्चों ने अपने अपने सेमेस्टर की आनलाइन परीक्षा देकर अगले वर्ष में प्रवेश पाया है, लेकिन सैकड़ों विद्यार्थी ऐसे भी है, जिन्होंने अपने परीक्षा फार्म तो आनलाइन जमा करा दिए, लेकिन विभाग द्वारा टेक्निकल प्राब्लम बताकर पोर्टल को पुनः खोलने और कालेजों को छात्रों को जानकारी देने का फरमान भी जारी कर दिया। सूत्रों के अनुसार,डीयू ने पोर्टल 29 अक्टूबर 2021 से 08 नवम्बर 2021 तक खोल दिया और कालेजों को छात्रों को सूचित करने को कालेजों को निर्देश भी दिए गए।

लेकिन त्यौहारी वीक होने के कारण शिवाजी कालेज सहित कुछ कालेज यह आदेश विद्यार्थियों तक नही पहुंचा पाए और पोर्टल तय डेट पर बंद कर दिया गया। विद्यार्थियों ने जब कालेजों में संपर्क किया,तो नोडल आफिसर का जवाब था,कि पोर्टल खुला था,कालेज द्वारा छात्रों को सूचना देने पर कोई लिखित मैसेज तक बच्चों तक नही दिया गया, हालांकि कालेज द्वारा अपनी इस गलती पर डीयू डीन से पुनः पोर्टल खोलने का आग्रह किया गया है, लेकिन डीयू डीन डी.एस.रावत ने नाक का सवाल बनाते हुए अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं किया है,जबकि विद्यार्थियों का एक साल का भविष्य और उनके माता-पिता की इस विषय की चिंता लगातार बरकरार है।

अभिभावकों ने इस संदर्भ में आगामी 72 घंटों में डीन द्वारा निर्णय ना लिए जाने की स्थिति में देश के प्रधानमंत्री सहित मानव संसाधन विकास मंत्री का दरवाजा खटखटाने का निर्णय किया है,साथ ही बच्चों के भविष्य को एक साल के लगने वाले ग्रहण के अंदेशे से बचाने के लिए माननीय न्यायालय जाने की भी तैयारी कर ली है, लिहाजा राजधानी दिल्ली में प्रदूषण के चलते फिर स्कूल कालेज बंद न करने के आदेश के चलते डीयू के डीन को सोच विचार करके सैकड़ों बच्चों के भविष्य पर लटकी तलवार से बचाने के लिए आगे आना होगा।

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