Home Crime एक दुकानदार ने दूसरे को लूटा, साथियों समेत धरा गया

एक दुकानदार ने दूसरे को लूटा, साथियों समेत धरा गया

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अलीपुर, प्रदीप उज्जैन। धंधे में प्रतिस्पर्धा तो होती है लेकिन जब यह ईर्ष्या की हद तक बढ़ जाए तो अपराध का जन्म होता है। राजधानी दिल्ली में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें एक पड़ोसी की दुकानदारी अच्छी चलती देखकर दूसरे ने मारे ईर्ष्या के उसकी दुकान ही लूट ली। हालांकि पुलिस की तत्परता से अपराध की इस अनोखी वारदात को चौबीस घंटे के अंदर ही सुलझा लिया और मुख्य साजिशकर्ता को उसके तीन अन्य साथियों सहित गिरफ्तार कर सारा माल भी जब्त कर लिया है।

पेश मामला जहांगीरपुरी इलाके का है, इसमें एक खास बात और भी है कि पीड़ित का नौकर भी वारदात में शामिल है। उत्तरी पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त उषा रंगनानी ने बताया कि बुधवार सुबह पुलिस को सूचना मिली थी कि रेडिमेंट गारमेंट की एक दुकान में सेंधमारी की वारदात हुई है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस जांच टीम ने पाया कि वारदात को अंजाम देने में दुकान के शटर अथवा दीवारों में कोई तोड़फोड़ नहीं की गई थी और आठ लाख रूपये मूल्य का कपड़ा तथा सीसीटीवी और डीवीआर गायब थे। चोरी गए माल की बरामदगी और सेंधमारों को पकड़ने के लिए पुलिस ने आस-पास लगे सीसीटीवी की जांच की और लोकल इंटेलिजेंस के आधार पर अदनान नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया जो कि पीड़ित दुकानदार के पास पिछले एक साल से काम कर रहा था। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह वारदात में शामिल था और पड़ोसी दुकानदार साजवान के साथ मिलकर उसने चौदह-पंद्रह दिसंबर की रात को वारदात को अंजाम दिया था।

अदनान के बयान के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मामले की मुख्य साजिशकर्ता साजवान को उसके दो अन्य सहयोगियों शहवाज और टीकम के साथ दबोच लिया और उनके कब्जे से सेंधमारी के जरिए लूटा गया सारा सामान और

वारदात में इस्तेमाल महेंद्र जीप जब्त कर ली। पूछताछ में साजवान ने पुलिस को जो बयान दिया उससे जांच अधिकारी अचंभित रह गए। उसने बताया कि एक जैसा काम होते हुए भी पड़ोसी की दुकान अधिक चलती थी इससे वह उससे ईर्ष्या रखने लगा था। प्रतिस्पर्धा में पड़ोसी के सामने नहीं ठहर पाने के चलते उसने उसका नुकसान करने की ठान ली। इस काम को अंजाम देने के लिए उसने पड़ोसी के नौकर अदनान को अपने साथ मिला लिया। अदनान ने अपने मालिक की दुकान की चाबियां चुराकर साजवान को सौंप दी जिनसे उसने डुप्लीकेट चाबियां बनवा लीं और वारदात के समय इन्हीं का इस्तेमान बंद दुकान के ताले खोलने में किया।

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