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बच्चा बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 2 में लड़की और 6 लाख में करते थे लड़के का सौदा; दो महिला सहित तीन गिरफ्तार

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मुख्यमंत्री उड़नदस्ता (सीएम फ्लाइंग) की टीम ने गुरुवार रात नवजात को बेचने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। टीम ने गिरोह की दो महिला समेत तीन आरोपियों को पकड़ कर सराय ख्वाजा पुलिस के हवाले किया है। सभी आरोपी दिल्ली के रहने वाले हैं। तीनों आरोपियों ने नौ दिन के नवजात को करनाल निवासी एक गरीब महिला से अच्छे लालन-पालन का प्रलोभन और कुछ पैसे देकर ले लिया था। उस बच्चे को छह लाख रुपये में फरीदाबाद बेचने पहुंचे थे।

सीएम फ्लाइंग की टीम ने नकली ग्राहक बनकर आरोपियों को पकड़ लिया। सराय ख्वाजा की पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेशकर पांच दिन की रिमांड पर लिया है। इनसे पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी जुटाई जाएगी। सीएम फ्लाइंग के डीएसपी राजेश चेची ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली कि शहर में नवजात को बेचने वाला एक गिरोह सक्रिय है। सूचना पाते ही पुलिस ने टीम गठित की।

टीम में शामिल सब-इंस्पेक्टर सतबीर और महिला एएसआई राजेश कुमारी को एक दंपति के रूप तैयार किया गया। इन्होंने गिरोह से संपर्क किया। गिरोह के सदस्यों को बताया गया कि उन्हें एक बच्चे की जरूरत है। आरोपियों ने छह लाख रुपये मांगे लेकिन 4.50 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। सभी बदरपुर के एक होटल में पहुंचे। वहां बच्चा प्राप्त करने के बाद गिरोह के सदस्यों को पैसे दिए। फिर मिठाई खिलाई। टीम के सदस्यों को इशारे से बुलाकर आरोपियों को धर दबोचा। इनकी पहचान दिल्ली के उत्तम नगर की मीनू, दिल्ली के सुल्तानपुरी की अनिता व दिल्ली के महिंद्रा पार्क के दीपक उर्फ दीपू के रूप में हुई है।

पहले भी बेच चुका है नवजात

मीनू, अनीता और दीपक ने बताया कि वह इससे पहले जनवरी में एक नवाजत को बेचा है। वह दिल्ली के अस्पताल से नवजात को लेकर पंजाब में बेचा।

कोड वर्ड में करते थे बात

सीएम फ्लाइंग के डीएसपी राजेश चेची ने बताया कि गिरफ्तार सभी आरोपी कोड वर्ड में बात करते थे। लड़की को फ्रॉक नाम से बुलाते थे, जबकि लड़के को पेंट कोड वर्ड दिया था। आरोपी पुलिस से बचने के लिए ग्राहकों और अपने एजेंट से व्हाट्सऐप कॉल पर ही बात करते थे। आरोपी दो लाख की फ्रॉक और छह लाख का पेंट बताते थे।

ई-रिक्शा चलाती हैं महिलाएं

पूछताछ में आरोपियों में से मीनू ने बताया कि उसके ससुर दिल्ली में एक एनजीओ चलाते हैं। हालांकि, गिरफ्तार महिला के ससुर ने बताया कि उसका महिला से कोई वास्ता नहीं है। वह उसे और उसके पति दोनों को काफी पहले बेदखल कर दिया है। दोनों नशे के आदी हैं। मीनू और अनिता दोनों दिल्ली में ई-रिक्शा चलाती हैं।

दो महीने में पकड़ा गया दूसरा गैंग

फरीदाबाद पुलिस ने अगस्त में नवजातों को बेचने वाले एक एनजीओ संचालिका व उसके साथियों को गिरफ्तार किया था। आरोपी महिला अस्पतालों में प्रसुतियों को अच्छे लालन-पालन का भरोसा देकर उससे नवजात लेकर बेच देती थी। इसी प्रकार दिल्ली पुलिस ने भी दिल्ली एनसीआर में सक्रिय गिरोह के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार किया।

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