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भारत-पाकिस्तान के अटारी बोर्डर से दिल्ली के इंडिया गेट तक दौड़ा युवक

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उत्तरी बाहरी दिल्ली के नरेला में आज फेडरेशन ऑफ नरेला द्वारा सम्मान समारोह किया गया इसमें नशा मुक्ति अभियान की मशाल लिए भारत- पाकिस्तान के अटारी बोर्डर से दिल्ली के इंडिया गेट तक दौड़ने निकले रनहोला, दिल्ली निवासी धावक मनोज कुमार आज नरेला पहुँचे जहाँ क्षेत्रवासीओ की तरफ से फेडरेशन ऑफ नरेला ने उनका स्वागत किया। विपिन कुमार भाटिया जी ACP बवाना, विनय कुमार SHO नरेला, रणधीर सिंह ट्रैफिक इंस्पेक्टर नरेला उपस्थित रहे.

फेडरेशन ऑफ नरेला अध्यक्ष जोगिंदर दहिया, संरक्षक ज्ञान चंद शर्मा व अन्य पदाधिकारियों ने फूलों के बुके देकर सभी का स्वागत किया फेडरेशन की तरफ से मनोज कुमार को मोमेंटो, बुका और शॉल देकर सम्मानित किया गया कार्यक्रम के समापन पर फेडरेशन ऑफ नरेला के युवा प्र. अध्यक्ष रजत शर्मा, व्यापार प्र अध्यक्ष विपिन बंसल, महिला प्र अध्यक्ष शशि बाला पूर्व इंस्पेक्टर ताराचंद जी, योगेश खत्री व अन्य सदस्यों ने धावक मनोज कुमार के साथ अलीपुर बवाना वाई पॉइंट तक दौड़ लगाई और देशभक्ति के नारों के साथ उन्हे विदा किया। 

मनोज कुमार की इस मुहिम को दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच का नार्कॉटिक्स विभाग व दिल्ली पुलिस के आला अधिकारी विशेष रूप से समर्थन कर रहे है । इसमें मुख्यतः उपायुक्त राकेश पावरीया IPS, इंगित प्रताप IPS द्वारा इन्हें शुभकामना संदेश देकर दिल्ली से पंजाब के लिए रवाना किया ।इसके अतिरिक्त दिल्ली पुलिस लगातार युवाओं को नशे से दूर रहने हेतु आमजन को मनोज कुमार की मुहिम के बारे में अवगत करा रही है । यह दौड़ पंजाब, हरियाणा व दिल्ली को मिलाकर लगभग 600 किलोमीटर की यात्रा है। इसकी शुरुआत 26 जनवरी को अटारी बोर्डर से हुई और इसका समापन 6 फरवरी को इंडिया गेट पर होगा। अध्यक्ष जोगिंदर दहिया ने नशा मुक्ति अभियान में हर सम्भव सहयोग देने का वादा किया व कार्यक्रम में आये सभी लोगो का धन्यवाद ज्ञापित किया।

राकेश टिकैत का बड़ा बयान 6 फरवरी को नहीं होगा चक्का जाम !

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दिल्ली-उत्तर प्रदेश के गाजीपुर बॉर्डर पर पिछले 2 महीने से भी अधिक समय से धरना दे रहे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने घोषणा की है कि 6 फरवरी को दिल्ली-एनसीआर में चक्का जाम नहीं किया जाएगा। राकेश टिकैत के मुताबिक, किसानों को दिल्ली में प्रवेश ही नहीं करना है तो ऐसे में 6 फरवरी को चक्का जाम करने का सवाल ही नहीं उठता है। यह एलान राकेश टिकैत ने एक निजी समाचार चैनल से बातचीत में किया है। इससे पहले यूपी गेट पर कृषि कानूनों के विरोध में 28 नवंबर से चल रहे धरने में मंगलवार को प्रदर्शनकारियों की खासी भीड़ रही, जो बुधवार को भी बरकरार है।

इससे पहले मंगलवार को मंच से विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा था कि छह फरवरी को पूरे देश में किसान चक्का जाम करेंगे। दिल्ली बॉर्डर पर की गई तारबंदी को लेकर उन्होंने कहा कि पुलिस किसानों की रोटी व अनाज की तारबंदी कर रही है। धरनास्थल की किलेबंदी की जा रही है।

राकेश टिकैत ने एक बार फिर मंच से एलान किया कि यदि उनकी मांगे नहीं मानी गईं तो नवंबर तक आंदोलन चलता रहेगा। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदर्शन का हेडक्वार्टर सिंघु बार्डर है और वहां से जो तय किया जाएगा प्रदर्शनकारी उसी हिसाब से चलेंगे। टिकैत ने कहा कि हमारी यह लड़ाई भाषा की नहीं बल्कि भाव की है, इसलिए हमारी भावनाओं पर ध्यान दिया जाए न कि भाषा पर। हम शांति की मांग कर रहे तो हमें शांति के साथ अपना धरना करने दिया जाए।

देश की सीमाओं पर की जाए तारबंदी

शिवसेना के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सदस्य संजय राउत मंगलवार को यूपी गेट स्थित धरनास्थल पर पहुंचे और कृषि कानून विरोधियों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सरकार जो तारबंदी व बैरिके¨डग दिल्ली बार्डर पर कर रही है, ऐसी ही तारबंदी देश की सीमाओं पर करनी चाहिए। सरकार यदि सीमाओं पर तारबंदी करती तो चीनी सेना हमारी सीमा में प्रवेश नहीं कर पाती।

पूंजीपतियों से नहीं किसानों से चलता है देश: मेघा पाटकर

वरिष्ठ समाजसेविका मेधा पाटकर मंगलवार को यूपी गेट पर कृषि कानून विरोधी धरने में पहुंचीं और प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया। इस मौके पर उन्होंने मंच से कहा कि सरकार को चेतावनी देने की जरूरत है कि देश पूंजीपतियों से नहीं बल्कि मजदूरों व किसानों से चलता है। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन सम्मान बनाने वाला बन गया है और यह आंदोलन आमजन का बन गया है।

गाजीपुर बार्डर पर लोहे की कीलें उखड़ते का video आया सामने.

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किसानों के प्रदर्शन स्थलों और उसके आसपास कई स्तर की अवरोधक, सड़कों पर लोहे की कीलें, कंटीले तार, सीमेंट के अवरोधकों के बीच लोहे की छड़ें लगाने, डीटीसी बसों एवं अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती जैसी भारी सुरक्षा व्यवस्था की गयी थी. सरकार के इस फैसले की ना केवल देश में ही, बल्कि विदेश में भी आलोचना होने लगी. इसके बाद गुरुवार को सड़क से कीलें हटाने का वीडियो सामने आया था.

गाजीपुर बॉर्डर से एक वीडियो सामने आया है इस वीडियो में वहां पर लगाई गईं लोहे की कीलों को निकाला जा रहा है. हालांकि, इस पर दिल्ली पुलिस का कहना है कि हम गाजीपुर से कील हटा नहीं रहे हैं बल्कि कुछ जगहों पर पब्लिक जो आने जाने वाली है. उसको परेशानी न हो. इसलिए हम कील की पोजिशनिंग कर रहे हैं.

गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान प्रदर्शनकारियों एवं पुलिस के बीच हिंसक झड़प के कुछ दिन बाद प्रदर्शन स्थलों पर सुरक्षा के उपाय कड़े किये गये हैं. यहां तक इस आंदोलन को कवर कर रहे मीडियाकर्मियों को प्रदर्शनस्थलों पर पहुंचने में मुश्किल आ रही है क्योंकि उन्हें पहले चेकिंग और फिर कई स्तर की अवरोध व्यवस्था से गुजरना पड़ता है.

प्रदर्शन स्थलों कड़ी सुरक्षाव्यवस्था की गई है, किसानों के आंदोलन में पहुंचने के लिए कई सत्र की अवरोध व्यवस्था से होकर जाना पड़ता है. इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी हो रही है. इसको लेकर सरकार की काफी आलोचना हो रही है.

सिंघू बार्डर पर सोमवार को पुलिसकर्मियों के निरीक्षण में श्रमिक सीमेंट के अवरोधकों की दो कतारों के बीच लोहे की छड़ें लगाते हुए देखे गये थे ताकि नये कृषि कानूनों का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों की आवाजाही सीमित की जा सके. इस तरह दिल्ली- हरियाणा बार्डर का एक अन्य हिस्सा अब एक प्रकार से बंद कर दिया गया क्योंकि सीमेंट की अस्थायी दीवार खड़ी कर दी गयी है. दिल्ली यातायात पुलिस ने ट्विटर पर सीमाओं के बंद रहने और आने-जाने के लिए वैकल्पिक मार्गों के इस्तेमाल का सुझाव दिया है. दिल्ली-गाजीपुर सीमा पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गयी है, जहां किसान दो महीने से ज्यादा समय से कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. (इनपुट एजेंसियों से भी)

बीजेपी बजट के प्रचार के लिए चलाएगी देशव्यापी अभियान

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एक तरफ किसान आंदोलन चल रहा है तो दूसरी तरह बीजेपी ने बजट का प्रचार करने के लिए देशव्यापी अभियान चलाने का निर्णय किया है. बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने केंद्रीय मंत्रियों और बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं को देश के सभी राज्यों की राजधानियों और बड़े शहरों में प्रेस कॉन्फ्रेंस और जनता के बीच सभाएं करने का निर्देश दिया है. बजट पर कार्यक्रम 6-7 फरवरी और 13-14 फरवरी को चलाया जाएगा. 7 फरवरी को स्मृति ईरानी गुवाहाटी, जितेंद्र सिंह जम्मू और थावरचंद गहलोत इंदौर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे.

बता दें कि पीएम मोदी ने गुरुवार को चौरी चौरा शताब्दी समारोह का ऑनलाइन माध्यम से उद्घाटन करने के बाद अपने संबोधन में कहा कि साल 2021-22 के आम बजट को देश के सामने खड़ी चुनौतियों के समाधान को नई तेजी देने वाला करार देते हुए आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने बजट को वोट बैंक के हिसाब किताब का बहीखाता और कोरी घोषणाओं का माध्यम बना दिया था.

उन्होंने कहा कि कोरोना काल में देश के सामने जो चुनौतियां सामने आई उनके समाधान को यह बजट नई तेजी देगा. उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर आरोप लगाते हुए कहा कि दशकों से हमारे देश में बजट का मतलब बस इतना ही रह गया था कि किसके नाम पर क्या घोषणा कर दी गई. बजट को वोट बैंक के हिसाब किताब का बहीखाता बना दिया गया था.” मोदी ने कहा कि पहले की सरकारों ने बजट को ऐसी घोषणाओं का माध्यम बना दिया था जो वह पूरी ही नहीं कर पाती थीं. मगर अब देश ने यह सोच बदल दी है, एप्रोच बदल दी है. प्रधानमंत्री ने किसानों का जिक्र करते हुए कहा कि अगर हमारा किसान और सशक्त होगा तो कृषि क्षेत्र में हो रही प्रगति और तेज होगी इसके लिए बजट में कई कदम उठाए गए हैं. मंडियां किसानों के फायदे का बाजार बने, इसके लिए 1000 और मंडियों को ई-नाम से जोड़ा जाएगा. (इनपुट्स भाषा से भी)

किसानों से मिलने जा रहे 15 विपक्षी सांसदों को रोका गया

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नई दिल्ली: मोदी सरकार की ओर से लाए गए नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों से मुलाकात करने जा रहे दस विपक्षी दलों के 15 सांसदों को पुलिस ने गुरुवार को गाजीपुर बॉर्डर पर जाने से रोक दिया. भारतीय जनता पार्टी की पूर्व गठबंधन सहयोगी शिरोमणि अकाली दल की नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने ट्विटर पर इसकी जानकारी देते हुए सरकार पर हमला किया. उन्होंने ट्वीट कर आश्चर्य जताया कि सांसदों तक को किसानों से मिलने नहीं दिया जा रहा है.

उन्होंने ट्वीट कर लिखा, ‘अकाली दल, समान विचारधारा रखने वाली पार्टियों और गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों से मिलने जा रहे सांसदों के साथ किसानों पर हो रहे अत्याचारों की निंदा करता है. शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे किसानों से सांसदों तक को मिलने नहीं दिया जा रहा है. यह वास्तव में लोकतंत्र के लिए काला दिन है!’

बता दें कि गुरुवार को शिरोमणि अकाली दल (SAD), द्रविड मुनेत्र कषगम (DMK), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और तृणमूल कांग्रेस समेत अन्य दलों के 15 सांसद गाजीपुर सीमा पर प्रदर्शनकारी किसानों से मिलने जा रहे थे. लेकिन हरसिमरत कौर बादल ने बताया कि नेताओं को पुलिस की बैरिकैडिंग को पार करने और प्रदर्शन स्थल पर जाने की अनुमति नहीं दी गई.

हरिसमरत के अलावा एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले, डीएमके से कनिमोई और तिरुचि शिवा, तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय इस समूह का का हिस्सा थे. नेशनल कॉन्फ्रेंस, रेव्ल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) और इंडिनय यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के सदस्य भी इसमें शामिल थे.

इससे पहले बुधवार को संसद में एक चर्चा के दौरान अनेक विपक्षी दलों ने सरकार से तीनों विवादित कानूनों को वापस लेने और प्रदर्शन कर रहे किसानों के साथ ‘दुश्मनों’ जैसा बर्ताव नहीं करने की अपील की थी. बता दें कि दिल्ली और उत्तर प्रदेश की सीमा पर गाजीपुर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कायम है और यह अहम प्रदर्शन स्थलों में से एक है और यहां हजारों की संख्या में किसान नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर डेरा डाले हुए हैं. पुलिस ने यहां पर भयंकर तरीके से बैरिकेडिंग की है.

राकेश टिकैत के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी से पोस्ट की जा रही थीं आपत्तिजनक तस्वीरें

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कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन जारी है. वहीं भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नाम से फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर उसमें अश्लील तस्वीरें पोस्ट करने का मामला सामने आया. इसे लेकर कौशांबी थाने में शिकायत दर्ज करवाई गई है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. बता दें कि खुद राकेश टिकैत भी आंदोलन को जबरदस्ती बंद करवाने के लिए चल रही साजिशों पर बयान दे चुके हैं.

उधर, किसान नेता राकेश टिकैत को लेकर बीजेपी विधायक नंद किशोर गुर्जर ने विवादित टिप्पणी की है. राकेश टिकैत के आरोपों को नकारते हुए विधायक ने कहा कि वह भारतीय किसान यूनियन के नेता से ज्यादा ‘बड़े किसान’ हैं. क्योंकि उनके पास ज्यादा जमीन है. उन्होंने राकेश टिकैत पर व्यक्तिगत हमला भी किया. उन्होंने आरोप लगाया कि टिकैत सिर्फ 2000 रुपये के लिए कहीं भी चले जाते हैं. दरअसल, राकेश टिकैत ने विधायक और उनके समर्थकों पर आंदोलन कर रहे किसानों को धमकी देने और प्रदर्शन स्थल से जबरन हटाने का आरोप लगाया था.

बीजेपी विधायक नंद किशोर गुर्जर ने कहा कि मैं भी किसान हूं. राकेश टिकैत मुझसे बड़े किसान नहीं हैं. उनके पास मेरे जितनी जमीन भी नहीं है. राकेश टिकैत को माफी मांगनी चाहिए. वह देश के किसानों को नहीं बांट सकते. इतिहास इसे याद रखेगा. किसानों के आंदोलन के बारे में पूछे जाने पर विधायक ने कहा कि कौन कहता है ये किसान हैं, आप जाएं और देखें, वहां राजनीतिक दलों से जुड़े लोग बैठे हैं, वो किसान भी हो सकते हैं और मजदूर भी.

बता दें कि पिछले हफ्ते प्रशासन द्वारा प्रदर्शन स्थल को खाली किए जाने की बात के बाद राकेश टिकैत कैमरे के सामने भावुक हो गए थे. उन्होंने आंदोलन को तोड़ने के लिए षड्यंत्र का आरोप लगाया था. इस पर विधायक ने कहा कि मैं टिकैत परिवार का सम्मान करता हूं, लेकिन कुछ लोग कहते हैं कि राकेश टिकैत तो 2000 रुपये के लिए कहीं भी चले जाते हैं. यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए. आप इस तरह के आरोप क्यों लगाते हैं? कल को आप कहेंगे कि आतंकवादी आपको मारने आए. किसान आंदोलन को लेकर आप बवाल और हंगामा कर रहे हैं ये ठीक नहीं है. आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए.

दिल्ली-NCR में फिर से बारिश, सर्द हुआ मौसम

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राजधानी दिल्ली का मौसम फिर वह सर्द दो दिन पहले ही मौसम विभाग की तरफ से सूचना दे दी गई थी कि दिल्ली में बारिश हो सकती है जिसके बाद आज सुबह करीब 7:00 बजे से ही लगातार दिल्ली के कुछ इलाकों में बारिश हो रही है जिसकी वजह से ठंड का तापमान फिर से बढ़ गया है बारिश के साथ-साथ ठंडी हवाएं भी चल रही है।

आपको बता दें कि कुछ दिनों से लगातार पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी हो रही है जिसके चलते अब दिल्ली में फिर से ठंड का तापमान बढ़ेगा। मौसम विभाग की माने तो दो दिन तक लगातार बारिश हो सकती है। ठंडी हवाएं भी चल सकती है।

नेहरू प्लेस के मोक्ष धाम में श्रमदान की बयार

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नई दिल्ली। मानव जीवन की संवेदनाओं को संजोए रखना जब अच्छा लगता है। जब दलगत राजनीति से अलग हटकर राजनेता भी एक मंच पर आकर श्रमदान करें ऐसा ही एक नजारा दक्षिणी दिल्ली के नेहरू प्लेस स्थित श्मशान घाट पर देखने को मिला जहां सांसद रमेश बिधूड़ी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरेंद्र कसाना ख़विंद्रर सिंह कैप्टन सहित अन्य नेतागण मोक्षधाम में हो रही गंदगी को स्वयं ही फावड़ा तसला व झाड़ू लेकर साफ करने में जुट गए। मोक्षधाम में अपने पारिवारिक व्यक्ति की अंतिम क्रिया करने आए लोगों ने देखा कि सभी लोग साफ सफाई अभियान में लगे हैं। वहां मौजूद कैप्टन ख़विंद्रर सिंह ने कहा कि राजनीति अपनी जगह है लेकिन मोक्ष के इस अंतिम धाम की साफ सफाई करने का आनंद ही कुछ और है उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यहां पौधारोपण किया जाएगा इस अवसर पर गोपाल सिंह राजपाल सिंघला सुरेंद्र गोयल आरएस बंसल नितिन सिंघल आदि ने भी श्रमदान में हिस्सा लिया।

ख़विंद्रर सिंह कैप्टन
मो:9810880786

ग्रेटर नोएडा में मुठभेड़ के बाद कुख्यात अपराधी गिरफ्तार

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ग्रेटर नोएडा। दादरी पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ के दौरान एक अपराधी को गिरफ्तार किया गया आपको बता दें कि दादरी पुलिस को सूचना मिली थी के कुख्यात अपराधी दादरी रेलवे रोड अग्रसेन इंटर कॉलेज ग्राउंड के पास आने वाला है जिसके बाद एडिशनल डीसीपी एसीपी वेस्ट में भारी पुलिस बल के साथ रेप लगाया गया। मुखबिर खास की बताई गई जगह पर आरोपी पहुंचा और उस दौरान कई राउंड फायरिंग भी हुई। आरोपी को लगी पैर में गोली हुआ गिरफ्तार।

आपको बता दें कि आरोपी सोमीन के पैर में गोली लगी जिसके बाद दादरी पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है। आरोपी सोमीन पर तीन दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज है। जिनमें हत्या लूटपाट रंगदारी जैसे अन्य कई मामले शामिल है। गिरफ्तार आरोपी के पास से दादरी पुलिस ने एक कंट्री मेड पिस्टल एक बाइक भी बरामद की है।

फिलहाल दादरी पुलिस आरोपी सोमीन से लगातार पूछताछ कर रही है। इलाके में उसके और कितने साथी हैं उनके लिए भी तलाश जारी किए हुए हैं।

तीन साल का विश्वास तोड़ 85 लाख लेकर हुआ था फरार, हुआ गिरफ्तार

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साउथ दिल्ली के डिफेंस कालोनी थाना क्षेत्र में रहने वाली एक कारोबारी महिला का ड्राइवर पीड़ित महिला का 85 लाख रुपये लेकर फरार हो गया हैं। महिला आरोपित ड्राइवर को 85 लाख रुपये बैंक में जमा कराने के लिए दिया था लेकिन रास्ते में उसका नियत डोल गया और कार को वसंत विहार इलाके में छोड़ पैसे लेकर फरार हो गया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस FIR दर्ज कर आरोपित ड्राइवर को चुराये पैसे के साथ गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान 30 वर्षीय राघव के रूप में हुई है जो कि न्यू फ्रेंड कॉलोनी के खिजराबाद में रहता है। 

गरीबी किसे सही लगती है, रातों रात अमीर बन अपनी किस्मत को ठीक करने की कोशिश में जो भी ईमानदारी से 2 रोटी अपने परिवार के लिए कमाकर खिला रहा था आज वो भी बंद हो गया। पुलिस गिरफ्त में खड़ा ये 30 वर्षीय आरोपित ड्राइवर राघब जो हजारों किलोमीटर दूर बिहार के मधुबनी से अपने परिवार के साथ दिल्ली आया और एक महिला कारोबारी के यहाँ ड्राइवर की नौकरी करने लगा। लगातार 3 साल से ईमानदारी के साथ नौकरी कर रहा था लगातार विश्वास के साथ बैंक लोगो को समान पहुँचा रकम लाना जरूरत पड़े तो बैंक में जमा कराना इत्यादि। लेकिन 28 जनवरी को मालकिन ने पहले कि तरह ही उसे पैसे दिए लेकिन इस बार हमेशा से कुछ ज्यादा पैसे को देख आरोपित ड्राइवर की नियत बदल गयी और उसने कार को वसंत विहार इलाके में छोड़ पैसे लेकर फरार हो गया। 

कुछ समय बाद पीड़ित कारोबारी महिला ने आरोपी ड्राइवर के जाने के कुछ देर बात जब कॉल किया तो नम्बर बंद आने के बाद संदेह हुआ उन्होंने कार को ट्रैक किया तो कार वसंत विहार इलाके में सड़क किनारे खड़ी मिली। पीड़िता ने तुरंत इस मामले की शिकायत स्थानीय थाना डिफेंस कलोनी में दर्ज करवा दी।

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